महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव: नामांकन का आज अंतिम दिन, महाविकास अघाड़ी में बढ़ी अंदरूनी खींचतान

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नामांकन का आज अंतिम दिन है, जबकि Maha Vikas Aghadi में अंदरूनी खींचतान बढ़ती नजर आ रही है। उम्मीदवार चयन और सीट बंटवारे

Maharashtra में Maharashtra Legislative Council की 9 सीटों के लिए 12 मई को मतदान होना है, और इसके लिए आज नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। दोपहर 3 बजे तक सभी दलों के उम्मीदवार अपने नामांकन पत्र जमा करेंगे।

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर अहम मोड़ पर पहुंच गई है, जहां महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए नामांकन दाखिल करने का आज अंतिम दिन है। 9 सीटों के लिए यह चुनाव 12 मई को मतदान के जरिए संपन्न होगा। सभी राजनीतिक दल दोपहर 3 बजे तक अपने उम्मीदवारों के नामांकन पत्र जमा करेंगे।

इस चुनाव में सत्ता पक्ष महायुति गठबंधन स्पष्ट रूप से मजबूत स्थिति में नजर आ रहा है, जबकि विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर मतभेद और रणनीतिक असहमति खुलकर सामने आ रही है।

महायुति गठबंधन की मजबूत बढ़त

सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति इस चुनाव में संख्याबल के आधार पर निर्णायक बढ़त में दिखाई दे रहा है। गठबंधन में शामिल प्रमुख दलों के पास कुल मिलाकर बड़ी संख्या में विधायक हैं, जिससे उनके अधिकतर उम्मीदवारों की जीत लगभग तय मानी जा रही है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इस चुनाव में पांच उम्मीदवार उतारे हैं, जिनमें प्रमुख नाम शामिल हैं:

  • सुनील क़र्ज़तकर
  • माधवी नाइक
  • विवेक कोल्हे
  • प्रमोद जठार
  • संजय भेंडे

संख्या बल के आधार पर इन सभी उम्मीदवारों की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। इसके अलावा, शिवसेना (शिंदे गुट) और NCP (अजित पवार गुट) भी इस गठबंधन का हिस्सा हैं। शिवसेना गुट के उम्मीदवारों में बच्चू कडू और नीलम गोरहे प्रमुख नाम हैं, जबकि NCP गुट से जिशान सिद्दीकी का नाम सामने आया है।राजनीतिक समीकरणों के अनुसार, एक उम्मीदवार को जीतने के लिए लगभग 29 विधायकों के वोटों का कोटा आवश्यक है, जिसे महायुति आसानी से पूरा करती दिख रही है।

महाविकास अघाड़ी में मतभेद की स्थिति

विपक्षी गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) इस चुनाव में अंदरूनी मतभेदों से जूझता नजर आ रहा है। शिवसेना (उद्धव गुट) ने अंबादास दानवे को उम्मीदवार बनाया है, लेकिन कांग्रेस इस फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं दिख रही। कांग्रेस का तर्क है कि यदि उद्धव ठाकरे गुट स्वयं उम्मीदवार नहीं उतारता है, तो कांग्रेस का भी दावा बनता है। इस स्थिति ने गठबंधन के भीतर तनाव पैदा कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार, यदि कांग्रेस अलग से उम्मीदवार उतारती है, तो MVA के पास मौजूद लगभग 46 से 48 विधायकों के वोट बंट सकते हैं, जिससे विपक्ष की स्थिति और कमजोर हो सकती है।

विधायकों की संख्या का गणित

महाराष्ट्र विधानसभा में मौजूदा राजनीतिक स्थिति के अनुसार:

महायुति (सत्ता पक्ष)

  • BJP (भारतीय जनता पार्टी) – 132 विधायक
  • शिवसेना (शिंदे गुट) – 57 विधायक
  • NCP (अजित पवार गुट) – 41 विधायक
  • अन्य व निर्दलीय – लगभग 4–5 विधायक

कुल मिलाकर महायुति के पास लगभग 235 विधायकों का समर्थन है।

महाविकास अघाड़ी (विपक्ष)

  • शिवसेना (उद्धव गुट) – 20 विधायक
  • कांग्रेस (INC) – 16 विधायक
  • NCP (शरद पवार गुट) – 10 विधायक
  • समाजवादी पार्टी – 2 विधायक
  • CPI(M) – 1 विधायक
  • PWP – 1 विधायक

कुल मिलाकर विपक्ष के पास लगभग 48 विधायक हैं। महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव केवल नौ सीटों का चुनाव नहीं है, बल्कि यह राज्य की राजनीतिक दिशा और गठबंधनों की एकजुटता का परीक्षण भी माना जा रहा है।

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