मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत में LPG और तेल की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि अलग-अलग देशों से आयात और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम होने से ऊर्जा आपूर्ति लगातार बनी हुई है।
New Delhi: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और वैश्विक परिस्थितियों को लेकर लोगों के मन में एलपीजी और कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। हालांकि, पेट्रोलियम मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों का कहना है कि भारत में ऊर्जा आपूर्ति पूरी तरह सुरक्षित है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। देश में तेल और गैस की सप्लाई लगातार बनी हुई है और हालात पूरी तरह कंट्रोल में हैं।
सरकार का आश्वासन
पेट्रोलियम मंत्रालय की ज्वाइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत करीब 40 अलग-अलग देशों से पूरी करता है। इससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता नहीं रहती। भारत की कुल कच्चे तेल की खपत लगभग 189 मिलियन मीट्रिक टन है और रोजाना करीब 55 लाख बैरल तेल की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बताया कि हालात के बावजूद सप्लाई निरंतर जारी है और हाल ही में दो कच्चे तेल के कार्गो भी भारत के लिए रवाना किए गए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम
सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत ने ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सप्लाई के कई विकल्प तैयार किए हैं। वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत कच्चा तेल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के अलावा अन्य मार्गों से भारत पहुंच रहा है। इससे मिडिल ईस्ट में तनाव के असर को कम किया जा सकता है और भारत की ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित बनी रहती है।

उन्होंने आगे कहा कि घरेलू PNG और वाहनों में इस्तेमाल होने वाली CNG की सप्लाई भी पूरी तरह सामान्य है। हालांकि वैश्विक परिस्थितियों के कारण कुछ सीमित असर देखने को मिल सकता है, लेकिन जरूरी सेवाओं पर इसका कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
LPG सिलेंडर की उपलब्धता
सुजाता शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी सिलेंडर के लिए लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। बुकिंग के बाद लगभग ढाई दिन के भीतर सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया के लिए यह चुनौतीपूर्ण समय है, लेकिन भारत में ऊर्जा सप्लाई की स्थिति फिलहाल स्थिर और कंट्रोल में है। उपभोक्ताओं को सामान्य समय में सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है और किसी प्रकार की कमी नहीं होने दी जाएगी।
होर्मुज में भारतीय जहाजों की सुरक्षा
हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य में भारत के कुल 28 जहाज तैनात हैं। इनमें से 24 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में हैं, जिन पर कुल 677 भारतीय नाविक कार्यरत हैं। जबकि 4 जहाज स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पूर्वी हिस्से में हैं, जिन पर 11 भारतीय नाविक मौजूद हैं। मंत्रालय और भारतीय नौसेना स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और किसी भी आपात स्थिति के लिए तैयार हैं।
वैश्विक तेल और गैस संकट के बीच भारत का संतुलन
मिडिल ईस्ट में तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति में अनिश्चितता के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत किया है। अलग-अलग देशों से सप्लाई और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर निर्भरता कम करने के उपाय इसे संभव बना रहे हैं। देश में तेल और गैस की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी और निजी कंपनियां मिलकर काम कर रही हैं।












