मिजोरम: राज्यपाल वीके सिंह ने नशा विरोधी अभियान में सामूहिक प्रयासों की अपील की

मिजोरम के राज्यपाल VK Singh ने YMA के 91वें स्थापना दिवस पर नशा मुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास की अपील की। Tlawmngaihna मूल्यों और सांस्कृतिक एकता पर जोर।

VK Singh ने युवाओं और नागरिकों से नशा के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई की अपील की। उन्होंने Tlawmngaihna मूल्यों को अपनाने, एकता, सांस्कृतिक संरक्षण और नशा मुक्त समाज बनाने जोर दिया। संदेश दिया गया।

आइजोल: मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह ने नशा और मादक पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ सामूहिक और संगठित प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे मिजो समाज के पारंपरिक मूल्य ‘त्लावमन्गाइहना’ (Tlawmngaihna) को अपनाएं, जो निःस्वार्थ सेवा, करुणा और स्वैच्छिक सामाजिक सहयोग की भावना को दर्शाता है।

राज्यपाल यह संदेश युवा मिजो एसोसिएशन (Young Mizo Association – YMA) के 91वें स्थापना दिवस समारोह के दौरान दे रहे थे। यह संगठन मिजोरम के सबसे प्रभावशाली और सक्रिय सामुदायिक संगठनों में से एक माना जाता है।

‘त्लावमन्गाइहना’ मूल्य पर आधारित समाज निर्माण की अपील

राज्यपाल वीके सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि मिजो संस्कृति की सबसे बड़ी ताकत उसका सामुदायिक सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना है। उन्होंने कहा कि ‘त्लावमन्गाइहना’ केवल एक परंपरा नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है, जो समाज को मजबूत और संगठित बनाता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि वे एकता बनाए रखें, बुजुर्गों का सम्मान करें और अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहें। राज्यपाल ने यह भी कहा कि आधुनिक समय में सांस्कृतिक पहचान को बनाए रखना और भी महत्वपूर्ण हो गया है।

नशा और मादक पदार्थों के खतरे पर चिंता

राज्यपाल ने अपने संबोधन में मिजोरम में बढ़ते नशा और मादक पदार्थों के दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह समस्या युवाओं के भविष्य के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही है और इसे केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही रोका जा सकता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में सामूहिक जिम्मेदारी जरूरी है और परिवार, समुदाय तथा सामाजिक संगठन इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

YMA की सामाजिक भूमिका की सराहना

राज्यपाल ने युवा मिजो एसोसिएशन (YMA) की लंबे समय से चल रही सामाजिक सेवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह संगठन जरूरतमंदों की मदद करने, सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और सरकारी कल्याण योजनाओं को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

मिजोरम: राज्यपाल वीके सिंह ने नशा विरोधी अभियान में सामूहिक प्रयासों की अपील की

YMA को मिजोरम में एक मजबूत सामाजिक शक्ति के रूप में देखा जाता है, जो न केवल सामाजिक मुद्दों पर काम करता है बल्कि आपदा प्रबंधन और सामुदायिक सहयोग में भी अग्रणी भूमिका निभाता है।

YMA का 91वां स्थापना दिवस: राज्यव्यापी आयोजन

YMA के 91वें स्थापना दिवस के अवसर पर पूरे मिजोरम में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया।

राज्यभर में YMA की स्थानीय इकाइयों ने स्वच्छता अभियान चलाए, अनाथालयों और पुनर्वास केंद्रों को सहायता प्रदान की और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए राहत कार्य किए।

इन गतिविधियों ने संगठन की जमीनी स्तर पर मजबूत उपस्थिति और सामाजिक सेवा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाया।

सामुदायिक सेवा और स्वच्छता अभियानों में YMA की भूमिका

स्थानीय शाखाओं ने स्वच्छता अभियान चलाकर सार्वजनिक स्थानों को साफ-सुथरा बनाने में योगदान दिया। इसके साथ ही जरूरतमंद परिवारों और संस्थानों को राहत सामग्री वितरित की गई।

YMA की यह पहल समाज में सहयोग और सेवा की भावना को मजबूत करती है। संगठन लगातार युवाओं को सामाजिक कार्यों में शामिल कर उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करता है।

नशा तस्करी के खिलाफ सख्त रुख की मांग

YMA के केंद्रीय अध्यक्ष आर लालिंगहेटा (R Laingheta) ने भी इस अवसर पर नशा तस्करी के खिलाफ अभियान को और तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नशा तस्कर समाज और परिवारों के लिए गंभीर खतरा हैं और उन्हें समाज के “दुश्मन” के रूप में देखा जाना चाहिए। 

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और इस सामाजिक बुराई को खत्म करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

मिजोरम में नशा समस्या और सामाजिक प्रयास

मिजोरम लंबे समय से नशा और मादक पदार्थों की समस्या से जूझ रहा है, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में इसकी चुनौतियां अधिक देखी जाती हैं। इस समस्या से निपटने के लिए सरकार के साथ-साथ कई सामाजिक संगठन भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

YMA जैसे संगठन स्थानीय स्तर पर निगरानी, जागरूकता और पुनर्वास गतिविधियों के माध्यम से इस समस्या को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे हैं।

सांस्कृतिक संरक्षण और युवा सहभागिता

राज्यपाल ने अपने संबोधन में यह भी कहा कि युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कृति किसी भी समाज की पहचान होती है और इसे सुरक्षित रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

YMA इस दिशा में लगातार काम कर रहा है, जहां युवाओं को पारंपरिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारी और सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल किया जाता है।

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