मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने 14-15 जून को अलग-अलग अभियानों में चार कथित उग्रवादियों को गिरफ्तार किया। इनमें RPF/PLA और UNLF(P) से जुड़े सदस्य शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान हथियार और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।
इम्फाल: मणिपुर में सुरक्षा बलों और पुलिस ने 14 और 15 जून को चलाए गए व्यापक संयुक्त अभियानों में बड़ी सफलता हासिल की है। इन अभियानों के दौरान विभिन्न प्रतिबंधित और सक्रिय उग्रवादी संगठनों से जुड़े चार कथित कैडरों को गिरफ्तार किया गया है। इसके साथ ही एक वाहन और अन्य संदिग्ध सामग्री भी जब्त की गई है। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और उग्रवादी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए की गई लगातार कोशिशों का हिस्सा है।
इन अभियानों को राज्य के अलग-अलग जिलों—इम्फाल पूर्व, इम्फाल पश्चिम और बिष्णुपुर—में अंजाम दिया गया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता और खुफिया तंत्र की मजबूती का भी संकेत मिलता है।
14-15 जून को चलाए गए संयुक्त ऑपरेशन का विवरण
सुरक्षा बलों ने 14 और 15 जून को मणिपुर के संवेदनशील इलाकों में एक साथ कई ठिकानों पर छापेमारी की। इन ऑपरेशनों में स्थानीय पुलिस, खुफिया इकाइयों और केंद्रीय सुरक्षा बलों ने संयुक्त रूप से भाग लिया।
अधिकारियों ने बताया कि इन कार्रवाइयों का मुख्य उद्देश्य सक्रिय उग्रवादी नेटवर्क, जबरन वसूली (extortion) और संगठनात्मक गतिविधियों को कमजोर करना था। गिरफ्तार किए गए सभी व्यक्तियों पर अलग-अलग उग्रवादी संगठनों से जुड़े होने और गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
आरपीएफ/पीएलए के कथित कैडर की गिरफ्तारी
15 जून को सुरक्षा बलों ने इम्फाल पूर्व जिले के लामलाई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत सवोम्बुंग मणियायसकुल स्थित एक घर से एक कथित सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 21 वर्षीय थोउदम रोशन मैतेई उर्फ पिबरेल के रूप में हुई है। वह कथित रूप से प्रतिबंधित संगठन आरपीएफ/पीएलए (Revolutionary People's Front/People’s Liberation Army) में “सेल्फ स्टाइल्ड प्राइवेट” रैंक पर सक्रिय था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने घर पर मौजूद था, तभी विशेष सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में ले लिया गया। शुरुआती पूछताछ में उसके नेटवर्क और गतिविधियों को लेकर जांच जारी है।
बिष्णुपुर में कथित उगाही करने वाला कैडर गिरफ्तार
14 जून को दूसरी बड़ी कार्रवाई बिष्णुपुर जिले के नाका चेक प्वाइंट, न्गाइखोंग खुनोऊ इलाके में की गई। यहां सुरक्षा बलों ने एक कथित उगाही करने वाले (extortionist) और आरपीएफ/पीएलए के सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 30 वर्षीय मोइरांगथेम नरेश सिंह उर्फ थौंगाम्बा उर्फ चिंगसांग के रूप में हुई है। वह मूल रूप से चुराचांदपुर जिले के तुइबोंग फार्म ममांग क्षेत्र का निवासी है, जबकि वर्तमान में बिष्णुपुर जिले के प्रोजेक्ट मयाई लेइकाई में रह रहा था।
अधिकारियों के अनुसार, आरोपी पर स्थानीय लोगों और व्यापारियों से जबरन वसूली में शामिल होने का संदेह है। उसकी गिरफ्तारी के दौरान एक बजाज पल्सर मोटरसाइकिल (रजिस्ट्रेशन नंबर MN01AB-2102) भी जब्त की गई है, जिसे जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है।
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यूएनएलएफ (P) से जुड़े कथित कैडर की गिरफ्तारी
इसी दिन सुरक्षा बलों ने एक अन्य बड़ी कार्रवाई में यूनाइटेड नेशनल लिबरेशन फ्रंट (UNLF-P) से जुड़े एक कथित सक्रिय कैडर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान 54 वर्षीय खुमुकचम श्यामसुंदर सिंह के रूप में हुई है, जो इम्फाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई पुलिस स्टेशन क्षेत्र के अंतर्गत चिंगा मथक नामेइराकपम लैकी का निवासी है।
उसे उसके घर से ही गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई थी और आरोपी की भूमिका संगठनात्मक गतिविधियों में संदिग्ध पाई गई है। फिलहाल उससे पूछताछ जारी है ताकि उसके नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाया जा सके।
सुरक्षा बलों की रणनीति और अभियान का उद्देश्य
मणिपुर में लंबे समय से विभिन्न उग्रवादी संगठनों की गतिविधियां सुरक्षा एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। ऐसे में हाल के अभियानों को एक व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य इन संगठनों की कमर तोड़ना और क्षेत्र में शांति स्थापित करना है।
सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, लगातार हो रही गिरफ्तारियां इस बात का संकेत हैं कि खुफिया तंत्र और जमीनी स्तर पर समन्वय पहले से अधिक मजबूत हुआ है। पुलिस और अर्धसैनिक बल मिलकर उन नेटवर्कों को निशाना बना रहे हैं जो उगाही, धमकी और अवैध गतिविधियों में शामिल हैं।
बरामदगी और जांच प्रक्रिया
हालांकि इस ऑपरेशन में मुख्य रूप से गिरफ्तारियां की गई हैं, लेकिन एक वाहन की बरामदगी ने भी जांच एजेंसियों का ध्यान खींचा है। जब्त की गई मोटरसाइकिल की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इसका उपयोग किसी आपराधिक या उग्रवादी गतिविधि में तो नहीं किया गया।
इसके अलावा, गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल डेटा, संपर्कों और वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
मणिपुर में सुरक्षा स्थिति और आगे की चुनौती
मणिपुर में पिछले कुछ वर्षों से सुरक्षा स्थिति लगातार संवेदनशील बनी हुई है। ऐसे में इस तरह के ऑपरेशन राज्य में स्थिरता बहाल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारियों से समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं होगी, बल्कि इसके लिए सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर भी दीर्घकालिक प्रयासों की आवश्यकता है।








