मोदी सरकार ने अगली जनगणना में जाति गणना शामिल करने का फैसला किया। गन्ना किसानों के लिए FRP बढ़ाया गया और शिलॉन्ग-सिलचर सिल्वर कॉरिडोर को मंजूरी मिली।
नई दिल्ली: मोदी कैबिनेट की अहम बैठक में आज कई बड़े फैसलों पर मुहर लगी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि केंद्र सरकार ने जाति जनगणना को अगली जनगणना में शामिल करने का फैसला लिया है। साथ ही गन्ना किसानों को राहत देते हुए गन्ने का FRP बढ़ाकर 355 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं नॉर्थ-ईस्ट के लिए बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भी मंजूर हुआ है।
जाति जनगणना अब आधिकारिक तौर पर होगी
केंद्रीय मंत्री ने जानकारी दी कि अब देश में जाति आधारित जनगणना को मुख्य जनगणना का हिस्सा बनाया जाएगा। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने कभी सही मायने में जाति जनगणना नहीं कराई। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ने केवल राजनीतिक लाभ के लिए जाति सर्वे कराया, जबकि मोदी सरकार इसे आधिकारिक और समावेशी जनगणना का हिस्सा बना रही है।”
गन्ना किसानों को बड़ी राहत – FRP 355 रुपए प्रति क्विंटल
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मोदी सरकार ने चीनी सीजन 2025-26 के लिए गन्ना किसानों के लिए बड़ा ऐलान किया है। अब गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य (FRP) बढ़ाकर 355 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यह न्यूनतम मूल्य होगा, इससे कम कीमत पर गन्ना नहीं खरीदा जा सकेगा।
शिलॉन्ग से सिलचर तक बनेगा हाईस्पीड सिल्वर कॉरिडोर
कैबिनेट बैठक में नॉर्थ-ईस्ट भारत को लेकर भी बड़ी घोषणा की गई। सरकार ने शिलॉन्ग से सिलचर तक लगभग 166.8 किमी लंबा 4-लेन हाईवे प्रोजेक्ट मंजूर किया है, जिसे “सिल्वर कॉरिडोर” नाम दिया गया है। इस प्रोजेक्ट की लागत लगभग 22,864 करोड़ रुपये होगी। यह मेघालय और असम को बेहतर कनेक्टिविटी देगा।
केंद्रीय मंत्री का कांग्रेस पर वार
अश्विनी वैष्णव ने कहा, “जाति जनगणना एक समावेशी और पारदर्शी प्रक्रिया है, जिसे कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने केवल अपने राजनीतिक फायदे तक सीमित रखा। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम इसे हर वर्ग तक पहुंचा रहे हैं।”









