Modi Israel Tour Day 2: सुदर्शन चक्र से Iron Dome तक, रणनीतिक रक्षा डील्स को मिल सकता है नया आयाम

Modi Israel Tour Day 2: सुदर्शन चक्र से Iron Dome तक, रणनीतिक रक्षा डील्स को मिल सकता है नया आयाम

प्रधानमंत्री Narendra Modi के इजराइल दौरे के दूसरे दिन रक्षा सहयोग, संभावित समझौतों और Benjamin Netanyahu के साथ वार्ता पर सबकी नजर है। रणनीतिक संबंधों को नई मजबूती देने वाले फैसलों की उम्मीद जताई जा रही है।

PM Modi In Israel Day2: प्रधानमंत्री Narendra Modi की दो दिवसीय इजराइल यात्रा का दूसरा दिन बेहद अहम माना जा रहा है। पहले दिन जहां उन्होंने इजराइली संसद में ऐतिहासिक संबोधन दिया, वहीं दूसरे दिन उनकी मुलाकातें और संभावित रक्षा समझौते सुर्खियों में हैं। खासतौर पर इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu के साथ होने वाली वार्ता पर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है।

इस यात्रा को भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला कदम माना जा रहा है। रक्षा, सुरक्षा, व्यापार और तकनीकी सहयोग जैसे मुद्दे इस दौरे के केंद्र में हैं।

नेसेट में गूंजा आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल पहुंचने के बाद इजराइली संसद Knesset को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट और अडिग नीति दोहराई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद कहीं भी हो, वह पूरी दुनिया की शांति के लिए खतरा है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह का दोहरा मापदंड नहीं अपनाता। भारत और इजराइल दोनों ही देशों ने लंबे समय तक आतंकवाद का सामना किया है, इसलिए दोनों के बीच इस मुद्दे पर स्वाभाविक साझेदारी है।

प्रधानमंत्री ने गाजा में स्थायी और न्यायपूर्ण शांति की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति ही स्थिरता और विकास का रास्ता खोल सकती है।

स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल से सम्मानित

इजराइल में प्रधानमंत्री मोदी को रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए ‘स्पीकर ऑफ द नेसेट मेडल’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान इजराइल की संसद की ओर से दिया जाने वाला विशेष सम्मान है।

इस सम्मान को भारत और इजराइल की गहरी दोस्ती का प्रतीक माना जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे दोनों देशों के लोगों के बीच बढ़ते विश्वास और सहयोग की पहचान बताया।

दूसरे दिन की शुरुआत यद वाशेम से

यात्रा के दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी ने यरुशलम स्थित Yad Vashem का दौरा किया। यह इजराइल का आधिकारिक होलोकॉस्ट स्मारक है, जिसकी स्थापना 1953 में नाजियों द्वारा मारे गए छह मिलियन यहूदियों की स्मृति में की गई थी।

प्रधानमंत्री ने यहां श्रद्धांजलि अर्पित की और इतिहास की उस त्रासदी को याद किया, जिसने पूरी मानवता को झकझोर दिया था। यह दौरा भारत की ओर से इजराइल के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का संदेश भी माना जा रहा है।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से अहम मुलाकात

यद वाशेम के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के राष्ट्रपति Isaac Herzog से द्विपक्षीय वार्ता की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई।

दोपहर बाद प्रधानमंत्री मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता निर्धारित है। इस बैठक में रक्षा, सुरक्षा, तकनीक, कृषि, जल प्रबंधन और व्यापार जैसे मुद्दों पर विस्तार से बातचीत होगी।

वार्ता के बाद कई समझौता ज्ञापनों के आदान प्रदान और संयुक्त प्रेस वक्तव्य की भी संभावना है। इससे साफ संकेत मिलेगा कि दोनों देश अपने रिश्तों को किस दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

आयरन डोम पर संभावित चर्चा

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पहलू रक्षा सहयोग है। रिपोर्टों के अनुसार, भारत की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली सुदर्शन चक्र और इजराइल की प्रसिद्ध आयरन डोम प्रणाली के बीच संभावित सहयोग पर चर्चा हो सकती है।

आयरन डोम अपनी सटीकता और तेज प्रतिक्रिया के लिए दुनिया भर में जानी जाती है। वहीं भारत अपनी स्वदेशी रक्षा तकनीकों को मजबूत करने की दिशा में लगातार आगे बढ़ रहा है। यदि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में समझौता होता है, तो यह भारत की रक्षा क्षमता को नई मजबूती दे सकता है।

दोनों देश रक्षा संबंधों को केवल खरीद तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि संयुक्त उत्पादन और तकनीकी साझेदारी की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं। रक्षा के अलावा व्यापार और निवेश भी इस यात्रा का अहम हिस्सा हैं। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय निवेश समझौते और मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत जारी है।

भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है और इजराइल तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी देश माना जाता है। ऐसे में स्टार्टअप, कृषि तकनीक, साइबर सुरक्षा और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

भारतीय प्रवासियों से मुलाकात

प्रधानमंत्री मोदी इजराइल में रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे। भारतीय प्रवासी दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और आर्थिक पुल का काम करते हैं। उनसे संवाद के जरिए प्रधानमंत्री यह संदेश देंगे कि भारत अपने नागरिकों और मित्र देशों के साथ मजबूत संबंधों के लिए प्रतिबद्ध है। शाम को प्रधानमंत्री नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे, लेकिन उनकी यह यात्रा लंबे समय तक चर्चा में रहेगी।

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