देश के कई राज्यों में हो रही मूसलाधार बारिश के चलते तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग ने अगले 6-7 दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून के सक्रिय रहने का अनुमान जताया है।
Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून की गतिविधियां तेज हो गई हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सोमवार, 20 जुलाई को उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों और कई अन्य क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में व्यापक वर्षा का अनुमान है। कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में बारिश का यह दौर कई क्षेत्रों में जारी रह सकता है। भारी बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में जलभराव और अचानक बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में स्थानीय लोगों और यात्रियों को मौसम विभाग तथा प्रशासन की ओर से जारी advisories का पालन करने की सलाह दी गई है।
उत्तर भारत में भारी बारिश का दौर
IMD के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 20 जुलाई के आसपास व्यापक बारिश होने की संभावना है। जम्मू-कश्मीर में 20 से 22 जुलाई के बीच भारी से बहुत भारी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, जबकि उत्तराखंड में 20 जुलाई को कुछ स्थानों पर बहुत भारी और अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। हिमाचल प्रदेश में 20 और 21 जुलाई को भी भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़क यातायात और स्थानीय जनजीवन प्रभावित हो सकता है। संवेदनशील इलाकों में भूस्खलन और अचानक जलस्तर बढ़ने का जोखिम भी बना हुआ है। शिमला और नैनीताल जैसे क्षेत्रों के लिए IMD के स्थानीय पूर्वानुमानों में भी भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना दर्ज की गई है।
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी मानसून सक्रिय रहने की संभावना है। IMD के उप-विभागीय चेतावनी अपडेट के अनुसार, दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ क्षेत्र में 20 से 22 जुलाई तक बहुत भारी बारिश की चेतावनी है, जबकि 23 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में दिल्ली-NCR के कई हिस्सों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
राजधानी में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना के बीच तापमान में कुछ राहत मिल सकती है। हालांकि, उमस और स्थानीय स्तर पर तेज बारिश के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उत्तर प्रदेश में बारिश और गरज-चमक का अनुमान
![]()
उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को खुले स्थानों पर बिजली चमकने के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। निचले इलाकों में भारी बारिश के बाद जलभराव की समस्या भी सामने आ सकती है।
बिहार और पूर्वी भारत में भी सक्रिय रहेगा मानसून
बिहार, झारखंड और आसपास के पूर्वी क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों के दौरान बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने की संभावना है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण स्थानीय नदियों और जलस्रोतों का जलस्तर बढ़ सकता है। शहरी इलाकों में जलनिकासी की समस्या से भी लोगों को परेशानी हो सकती है।
पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी जिलों में भी भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
दार्जिलिंग, जलपाईगुड़ी और आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के दौरान पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और निचले क्षेत्रों में अचानक बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। IMD के स्थानीय पूर्वानुमानों में दार्जिलिंग क्षेत्र में 20 जुलाई को गरज-चमक के साथ भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। असम और पूर्वोत्तर के अन्य हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। हालांकि, हर राज्य और जिले के लिए मौसम की स्थिति अलग हो सकती है, इसलिए स्थानीय IMD चेतावनियों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
राजस्थान में भी बारिश का सिलसिला जारी
राजस्थान में मानसून की गतिविधियों के बीच पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।कुल मिलाकर, 20 जुलाई से अगले कुछ दिनों तक देश के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रहने का अनुमान है।
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के साथ भूस्खलन का खतरा, जबकि मैदानी और शहरी इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के ताजा अलर्ट पर नजर रखने और अत्यधिक बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।








