एमपी में प्री-मानसून का असर तेज, 18 जून तक मानसून की एंट्री की संभावना

मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हैं। कई जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने 18 जून तक मानसून की एंट्री की संभावना जताई है।

मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे कई जिलों में आंधी और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून सामान्य समय से 3 से 4 दिन देरी से आगे बढ़ रहा है और 18 जून तक प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।

भोपाल: मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि दर्ज की गई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून फिलहाल सामान्य गति से कुछ दिन पीछे चल रहा है, लेकिन 18 जून तक राज्य में इसकी एंट्री होने की संभावना बनी हुई है।

प्री-मानसून गतिविधियों से बदला मौसम

मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं चल रही हैं और बारिश का सिलसिला बना हुआ है। शनिवार को भोपाल सहित कई क्षेत्रों में आंधी की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे अधिक दर्ज की गई।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून के पहुंचने तक प्रदेश में इसी तरह की गतिविधियां जारी रहेंगी। कई जिलों में बादल, तेज हवाएं और बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे रहे हैं।

18 जून तक मानसून पहुंचने की उम्मीद

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून इस समय सामान्य स्थिति की तुलना में तीन से चार दिन पीछे चल रहा है। इसके बावजूद परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं और 18 जून तक मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावना है।

आमतौर पर मानसून की एंट्री के बाद जबलपुर और आसपास के दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में सबसे पहले प्रभाव दिखाई देता है। इस बार भी मानसून का प्रवेश प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों से होने की संभावना जताई जा रही है।

कई जिलों में बारिश और तेज आंधी का अलर्ट

मौसम विभाग ने रविवार को शिवपुरी और अशोकनगर जिलों के लिए तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ग्वालियर, गुना, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, नीमच, मंदसौर, राजगढ़, विदिशा, सागर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, दमोह, पन्ना, छतरपुर और निवाड़ी समेत कई जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है।

इंदौर, उज्जैन, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, देवास, हरदा, खंडवा और बुरहानपुर में बारिश के साथ उमस और गर्मी का असर भी बना रह सकता है।

आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित

शनिवार को भोपाल, नर्मदापुरम, सीहोर, नरसिंहपुर, पचमढ़ी और पिपरिया सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश हुई। नर्मदापुरम जिले के इटारसी क्षेत्र में तेज आंधी के कारण पेड़ गिरने और बिजली लाइनों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं सामने आईं।

कई स्थानों पर यातायात प्रभावित हुआ और बिजली आपूर्ति भी बाधित रही। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

तापमान में आई गिरावट

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में कमी दर्ज की गई है। भोपाल में अधिकतम तापमान 39.1 डिग्री सेल्सियस, इंदौर में 38.1 डिग्री, उज्जैन में 39 डिग्री, जबलपुर में 36.8 डिग्री और ग्वालियर में 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजगढ़ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं शिवपुरी में सबसे कम 33 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

मौसम विभाग का कहना है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में आंधी, बारिश और बादलों का दौर जारी रह सकता है। मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून गतिविधियां और अधिक सक्रिय होने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

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