MP में राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह में 2300 आवाजें, शिक्षा और भ्रष्टाचार सबसे बड़े मुद्दे

MP के 53 जिलों से राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह में करीब 2300 आवाजें दर्ज हुईं। शिक्षा सबसे बड़ा मुद्दा रहा, भ्रष्टाचार और किसान मामले भी सामने आए। navbharatlive.com

2 अक्टूबर से शुरू राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह में मध्य प्रदेश के 53 जिलों से करीब 2300 आवाजें दर्ज हुई हैं। शिक्षा सबसे प्रमुख मुद्दा है, जबकि भ्रष्टाचार, किसान और महिला सुरक्षा से जुड़े मामले भी सामने आए हैं।

भोपाल: राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह में मध्य प्रदेश के 53 जिलों से करीब 2300 लोगों ने अलग-अलग समस्याएं दर्ज कराई हैं। इनमें शिक्षा से जुड़े मामले सबसे ज्यादा हैं। इंदौर से 210 और भोपाल से 154 आवाजें सामने आई हैं। किसानों, भ्रष्टाचार, महिला सुरक्षा, स्वास्थ्य और जातिगत भेदभाव से जुड़े मुद्दों पर भी लोगों ने अपनी शिकायतें दर्ज कराई हैं।

MP में डिजिटल सत्याग्रह के जरिए 2300 लोगों ने दर्ज कराई आवाज

मध्य प्रदेश में राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह अभियान के तहत लोगों की ओर से दर्ज कराई गई समस्याओं की संख्या करीब 2300 पहुंच गई है। राज्य के 53 जिलों से लोगों ने शिक्षा, भ्रष्टाचार, किसान, महिला सुरक्षा और अन्य मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी है। देशभर में इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अब तक 32 हजार से ज्यादा आवाजें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

राहुल गांधी ने 2 अक्टूबर को डिजिटल सत्याग्रह के लिए वेबसाइट लॉन्च की थी। इसका उद्देश्य लोगों को अपनी समस्याएं सीधे दर्ज कराने के लिए एक ऑनलाइन मंच उपलब्ध कराना है। कांग्रेस का कहना है कि सरकारी स्तर पर सुनवाई नहीं होने की वजह से लोग इस प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी समस्याएं सामने रख रहे हैं।

शिक्षा से जुड़े 503 मामले, इंदौर सबसे आगे

मध्य प्रदेश में शिक्षा से जुड़ी समस्याएं सबसे अधिक दर्ज की गई हैं। अब तक 503 लोगों ने शिक्षा को अपना प्रमुख मुद्दा बनाया है। इसके बाद भ्रष्टाचार और किसानों से संबंधित समस्याएं प्रमुख रही हैं। एथेनॉल ब्लेंडिंग और वोट चोरी से जुड़े मामले भी डिजिटल सत्याग्रह में दर्ज हुए हैं।

जिलों के आंकड़ों में इंदौर सबसे आगे है। यहां 210 लोगों ने अलग-अलग मुद्दों को लेकर अपनी आवाज दर्ज कराई है। भोपाल से 154 शिकायतें या मुद्दे दर्ज किए गए हैं। दोनों शहरों में शिक्षा के अलावा महिला सुरक्षा और भ्रष्टाचार से संबंधित मामले भी प्रमुख रहे।

किसानों से जुड़े मुद्दों में राजगढ़ और विदिशा से ज्यादा आवाजें सामने आई हैं। बालाघाट से स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच को लेकर 13 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, जातिगत भेदभाव से जुड़े मुद्दे विदिशा से सामने आए हैं।

कांग्रेस ने बताया अनसुनी आवाजों का मंच

कांग्रेस प्रवक्ता आनंद जाट के मुताबिक, डिजिटल सत्याग्रह का उद्देश्य उन लोगों की समस्याओं को सामने लाना है, जिन्हें सरकारी व्यवस्था में पर्याप्त सुनवाई नहीं मिल रही। उनका कहना है कि अभियान शुरू होने के 24 घंटे के भीतर महिला सुरक्षा, अत्याचार, शिक्षा तक पहुंच और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे दर्ज होने लगे थे।

कांग्रेस के मुताबिक, राहुल गांधी ने पिछले दिनों आदिवासी मुद्दों को लेकर भी पत्र लिखा है। मुख्यमंत्री मोहन यादव को 27% OBC आरक्षण और शिक्षकों से जुड़े मामलों पर पत्र भेजे जाने की बात पार्टी ने कही है। शिक्षक आंदोलन को लेकर राहुल गांधी ने भूख हड़ताल करने वालों पर FIR नहीं करने और झूठे मुकदमे दर्ज नहीं करने की मांग की है।

दूसरी ओर, भाजपा ने डिजिटल सत्याग्रह की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी ब्रज गोपाल लोया ने पूछा कि जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकारें हैं, वहां राहुल गांधी इसी तरह के अभियान क्यों नहीं चलाते। उन्होंने केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में दर्ज समस्याओं का आंकड़ा भी पूछते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।

राहुल गांधी के MP दौरे में भी शिक्षा और आदिवासी मुद्दे प्रमुख

राहुल गांधी ने 19 सितंबर 2026 को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया था। यहां उन्होंने छात्रों और Gen-Z युवाओं से शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं में धांधली, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे विषयों पर बातचीत की थी।

इसके 12 दिन बाद 1 अक्टूबर को राहुल गांधी बालाघाट के बिरसा विकासखंड के बैगा आदिवासी बहुल गांवों में पहुंचे। उन्होंने कुपोषण, मलेरिया, खसरा और बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के बीच जान गंवाने वाले 30 से अधिक बच्चों के परिवारों से मुलाकात की।

मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती का मुद्दा भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बना हुआ है। भोपाल में अभ्यर्थी भर्ती में पद बढ़ाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर राज्य में 1 लाख से ज्यादा शिक्षक पद खाली होने का दावा किया है। उन्होंने शिक्षक भर्ती-2025 में वर्ग-3 के 13,089 और वर्ग-2 के 10,800 पदों का भी उल्लेख किया है।

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