मध्य प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। अगले 24 घंटों के दौरान करीब 40 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है। वहीं विदिशा, रायसेन और सागर में तेज हवाओं को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
भोपाल: मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। प्री-मानसून गतिविधियों के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में करीब 40 जिलों में बौछारें पड़ सकती हैं, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज आंधी को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है।
प्री-मानसून ने बढ़ाई मौसम की सक्रियता
मध्य प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय बना हुआ है, जिसके चलते कई जिलों में लगातार मौसम बदल रहा है। कहीं हल्की बारिश हो रही है तो कहीं तेज हवाओं के साथ गरज-चमक दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है।

हालांकि दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार सामान्य से कुछ धीमी बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां लोगों को गर्मी से राहत दे रही हैं।
इन जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, खंडवा, खरगोन, इंदौर, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, रतलाम, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, जबलपुर, नरसिंहपुर, मंडला, बालाघाट, सिवनी, डिंडोरी और पांढुर्णा सहित कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।
इन क्षेत्रों में बादल छाए रहने और बीच-बीच में बौछारें पड़ने के आसार हैं।
तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
विदिशा, रायसेन और सागर जिलों के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इसके अलावा भोपाल, मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल संभाग के कई जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है।
मौसम विभाग ने लोगों को खुले मैदानों, कमजोर ढांचों और बड़े पेड़ों के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी है।
18 जून तक प्रदेश में पहुंच सकता है मानसून
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मानसून फिलहाल सामान्य समय से तीन से चार दिन पीछे चल रहा है। यदि वर्तमान गति बनी रहती है तो दक्षिण-पश्चिम मानसून 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है।
मानसून की एंट्री के बाद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है, जिससे किसानों और जल स्रोतों को बड़ा लाभ मिल सकता है।
तापमान में उतार-चढ़ाव जारी
बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में कमी दर्ज की गई है। हाल के दिनों में कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली है।
राजगढ़ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं पचमढ़ी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
भोपाल में कैसा रहेगा मौसम?
राजधानी भोपाल में सोमवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। शाम के समय गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। शहर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी और मानसून की दस्तक के साथ बारिश का दायरा और बढ़ सकता है।











