एमटीवी रोडीज का 21वां सीजन ‘रोडीज रीबर्थ’ नए स्टंट और एडवेंचर के साथ लौट रहा है। रणविजय सिंघा एक बार फिर शो होस्ट करेंगे। सितंबर में दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता और पुणे में ऑडिशन आयोजित किए जाएंगे।
रोडीज सीजन-21: युवाओं के बीच लंबे समय से लोकप्रिय एडवेंचर रियलिटी शो ‘एमटीवी रोडीज’ एक नए अध्याय के साथ वापसी करने जा रहा है। शो के 21वें सीजन का नाम ‘रोडीज रीबर्थ’ रखा गया है। नए सीजन में पहले से ज्यादा रोमांच, कठिन चुनौतियां और प्रतियोगियों की क्षमता को परखने वाले टास्क देखने को मिल सकते हैं। शो के साथ लंबे समय से जुड़े रणविजय सिंघा एक बार फिर होस्ट की भूमिका में नजर आएंगे।
‘रोडीज’ की नई वापसी को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है। मेकर्स ने नए सीजन के साथ शो की पुरानी बेबाक और रॉ एनर्जी को नए अंदाज में पेश करने का संकेत दिया है। वहीं, रणविजय का कहना है कि उनके लिए यह शो केवल एक प्रोफेशनल प्रोजेक्ट नहीं है, बल्कि भावनाओं से जुड़ा हुआ सफर है।
‘रोडीज रीबर्थ’ में दिखेगा नया रोमांच
‘रोडीज रीबर्थ’ नाम अपने आप में शो की नई दिशा की ओर इशारा करता है। नए सीजन के लोगो में फीनिक्स पक्षी को दिखाया गया है, जिसे आम तौर पर पुनर्जन्म और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इसी थीम के आधार पर इस सीजन में शो के पुराने अंदाज को नए अनुभव और चुनौतियों के साथ पेश करने की तैयारी है।
शो के फॉर्मेट में प्रतियोगियों को अलग-अलग परिस्थितियों में शारीरिक क्षमता, मानसिक मजबूती, टीमवर्क और निर्णय लेने की क्षमता साबित करनी होती है। ऐसे में नए सीजन में भी प्रतिभागियों के सामने कठिन स्टंट और एडवेंचर टास्क बड़ी चुनौती बन सकते हैं।
रणविजय बोले- ‘रोडीज मेरे लिए सिर्फ शो नहीं, इमोशन है’
रणविजय सिंघा ‘रोडीज’ से लंबे समय से जुड़े रहे हैं और शो के साथ उनकी पहचान काफी गहरी है। नए सीजन की वापसी पर उन्होंने अपनी भावनाएं साझा करते हुए कहा कि ‘रोडीज’ उनके लिए महज एक टेलीविजन शो नहीं है।
उनके मुताबिक, इतने वर्षों के बाद भी इस शो से जुड़े युवाओं का जुनून, उनके सपने और मुश्किल परिस्थितियों में खुद को साबित करने की कोशिश उन्हें प्रभावित करती है। रणविजय का मानना है कि ‘रोडीज रीबर्थ’ भी इसी भावना को आगे बढ़ाएगा।
उन्होंने संकेत दिया कि नए सीजन में प्रतियोगियों को अपनी सीमाओं को चुनौती देने और हार नहीं मानने की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उनके लिए यह सीजन इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने वर्षों के दौरान शो को कई बदलावों से गुजरते देखा है।
नई पीढ़ी को चुनौती देने के लिए तैयार शो
रणविजय के मुताबिक, आज की युवा पीढ़ी खुद को परखने और अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार है। वह यह देखने को लेकर उत्साहित हैं कि नए प्रतिभागी मुश्किल परिस्थितियों का सामना किस तरह करते हैं और चुनौतियों के बीच अपनी अलग पहचान कैसे बनाते हैं।
उन्होंने संभावित प्रतियोगियों से ऑडिशन में मिलने की बात भी कही है। इससे साफ है कि इस बार भी शो का फोकस केवल शारीरिक ताकत पर नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, मानसिक दृढ़ता और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की क्षमता पर रहने वाला है।
‘रोडीज’ की यही विशेषता उसे दूसरे रियलिटी शोज से अलग पहचान देती रही है। प्रतियोगियों को आरामदायक स्टूडियो माहौल से बाहर निकालकर ऐसे अनुभवों से गुजरना पड़ता है, जहां उन्हें वास्तविक दबाव में अपनी क्षमता साबित करनी होती है।
‘रोडीज’ की पहचान कैसे बनी?
‘एमटीवी रोडीज’ की शुरुआत 15 अगस्त 2003 को हुई थी। समय के साथ यह भारत के सबसे लंबे समय से चल रहे और युवाओं के बीच लोकप्रिय एडवेंचर रियलिटी शो में शामिल हो गया।
शुरुआती वर्षों में शो का फोकस सामाजिक गतिविधियों और बाइक यात्राओं पर अधिक था। प्रतियोगियों को अलग-अलग स्थानों की यात्रा करते हुए चुनौतियों और सामाजिक कार्यों में भाग लेना पड़ता था। बाद के वर्षों में शो का स्वरूप बदलता गया और इसमें स्टंट, शारीरिक चुनौतियां, रणनीति, सामाजिक कौशल तथा मानसिक दबाव को प्रमुख स्थान मिला।
समय के साथ ‘रोडीज’ ने एक ऐसे रियलिटी फॉर्मेट का रूप ले लिया, जिसमें प्रतियोगियों की शारीरिक क्षमता के साथ उनकी सोच और व्यवहार की भी परीक्षा होती है।

रणविजय, रघु और राजीव ने बनाई अलग पहचान
‘रोडीज’ की लोकप्रियता बढ़ाने में इसके चर्चित चेहरों की बड़ी भूमिका रही है। रणविजय सिंह, रघु राम और राजीव लक्ष्मण जैसे नाम शो की पहचान से लंबे समय तक जुड़े रहे।
रणविजय ने प्रतियोगी के रूप में ‘रोडीज’ की यात्रा शुरू की थी और बाद में शो के सबसे पहचाने जाने वाले चेहरों में शामिल हो गए। उनके साथ दर्शकों का जुड़ाव समय के साथ मजबूत होता गया।
रघु राम और राजीव लक्ष्मण के बेबाक अंदाज ने भी शो की अलग पहचान बनाने में योगदान दिया। शो की भाषा, टास्क और प्रतियोगियों को चुनौती देने वाला फॉर्मेट युवाओं के बीच चर्चा का विषय बनता रहा।
ऑडिशन के बाद शुरू होगा प्रतियोगियों का सफर
‘रोडीज रीबर्थ’ के लिए ऑडिशन सितंबर में दिल्ली, चंडीगढ़, कोलकाता और पुणे में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है। इन ऑडिशन के जरिए नए प्रतिभागियों को शो में अपनी जगह बनाने का अवसर मिलेगा।
ऑडिशन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी फिटनेस, आत्मविश्वास और मानसिक तैयारी साबित करनी होगी। चयन के बाद प्रतियोगियों का समूह अलग-अलग स्थानों पर जाकर कई तरह के टास्क में हिस्सा लेगा।
इन चुनौतियों के दौरान उन्हें व्यक्तिगत और टीम आधारित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। प्रतियोगियों के लिए हर टास्क सिर्फ शारीरिक ताकत की परीक्षा नहीं होगा, बल्कि दबाव में सही फैसला लेने और दूसरे प्रतिभागियों के साथ तालमेल बनाने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी।
‘रोडीज रीबर्थ’ क्यों है खास?
नए सीजन के नाम और लोगो से संकेत मिलता है कि शो अपनी पुरानी पहचान को बनाए रखते हुए नए दौर के दर्शकों के लिए खुद को फिर से पेश करना चाहता है। फीनिक्स का प्रतीक इसी बदलाव और पुनर्जन्म की थीम को मजबूत करता है।
आज के डिजिटल दौर में रियलिटी शोज के लिए दर्शकों का ध्यान बनाए रखना बड़ी चुनौती है। ऐसे में ‘रोडीज’ का नया सीजन पुराने प्रशंसकों के साथ नई पीढ़ी को जोड़ने की कोशिश करेगा।
शो की सबसे बड़ी ताकत उसका एडवेंचर फॉर्मेट और प्रतियोगियों की वास्तविक प्रतिक्रियाएं रही हैं। कठिन परिस्थितियों में उनके फैसले और प्रदर्शन ही कहानी को आगे बढ़ाते हैं।
रणविजय की वापसी से बढ़ी उम्मीदें
रणविजय की वापसी ‘रोडीज रीबर्थ’ के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शो के साथ उनका लंबा जुड़ाव और दर्शकों के बीच उनकी पहचान नए सीजन को मजबूत शुरुआत दे सकती है।
रणविजय खुद भी इस वापसी को लेकर उत्साहित हैं। उनका कहना है कि उन्होंने वर्षों में ‘रोडीज’ को बदलते हुए देखा है और नया अध्याय उन्हें रोमांचक लग रहा है।
उनके मुताबिक, शो का मूल जज्बा अब भी वही रहेगा—अपनी सीमाओं को चुनौती देना, मुश्किलों का सामना करना और हार के बाद दोबारा खड़े होकर आगे बढ़ना।
युवाओं के लिए फिर खुलेगा एडवेंचर का मंच
‘रोडीज रीबर्थ’ के जरिए एक बार फिर देशभर के युवाओं को अपनी प्रतिभा और साहस दिखाने का मंच मिलेगा। शो में चयनित प्रतिभागियों के सामने ऐसे टास्क होंगे, जिनमें शारीरिक फिटनेस के साथ मानसिक संतुलन और टीमवर्क की भी जरूरत होगी।
सितंबर में होने वाले ऑडिशन के बाद यह तस्वीर साफ होगी कि इस बार शो में कौन-कौन से नए चेहरे शामिल होते हैं। रणविजय की वापसी, नए लोगो और ‘रीबर्थ’ थीम ने पहले ही नए सीजन को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है।
अब देखने वाली बात होगी कि ‘रोडीज रीबर्थ’ अपने पुराने रॉ अंदाज को कितनी नई ऊर्जा के साथ पेश करता है और नई पीढ़ी के प्रतियोगी कठिन चुनौतियों के सामने किस तरह खुद को साबित करते हैं।








