दीवाली के मौके पर हर साल शेयर बाजार में मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन किया जाता है। इस विशेष सत्र में बाजार छुट्टी के दिन करीब एक घंटे के लिए खुलता है, ताकि निवेशक शुभ अवसर पर नए निवेश की शुरुआत कर सकें।
बिजनेस न्यूज़: दिवाली के मौके पर शेयर बाजार में होने वाली मुहूर्त ट्रेडिंग के समय में इस साल भी बदलाव संभव है। स्टॉक ब्रोकर्स और बाजार से जुड़े अन्य प्रतिभागियों ने स्टॉक एक्सचेंजों से पिछले साल की तरह इस बार भी दिन के समय विशेष ट्रेडिंग सत्र आयोजित करने का अनुरोध किया है। इसका उद्देश्य बाजार से जुड़े कर्मचारियों और ब्रोकर्स को त्योहार परिवार के साथ मनाने के लिए पर्याप्त समय देना है।
मुहूर्त ट्रेडिंग भारतीय शेयर बाजार की एक पुरानी परंपरा है। इस दिन बाजार सामान्य छुट्टी के बावजूद सीमित समय के लिए खुलता है। निवेशक इसे नए निवेश की शुरुआत और कारोबार के लिए शुभ अवसर मानते हैं। हालांकि, दिवाली 2026 के लिए ट्रेडिंग का अंतिम समय अभी आधिकारिक घोषणा पर निर्भर करेगा।
मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 का क्या हो सकता है समय?
बाजार से जुड़ी रिपोर्टों के अनुसार, ब्रोकर्स ने इस साल दिवाली पर शुभ मुहूर्त का समय दोपहर 1:47 बजे से 3:12 बजे के बीच होने का हवाला देते हुए ट्रेडिंग सत्र दोपहर में आयोजित करने का सुझाव दिया है। प्रस्ताव के मुताबिक, दोपहर 2 बजे से 3 बजे के बीच मुहूर्त ट्रेडिंग कराई जा सकती है। वहीं, शुरुआती स्तर पर एक अन्य संभावित कार्यक्रम की चर्चा है, जिसके तहत मुहूर्त ट्रेडिंग दोपहर 2:20 बजे से 3:20 बजे तक हो सकती है। इससे पहले दोपहर 1:50 बजे से 2:05 बजे तक ब्लॉक डील विंडो और 2:05 बजे से 2:20 बजे तक प्री-ओपन सत्र आयोजित करने का प्रस्ताव बताया गया है।
ये समय फिलहाल संभावित कार्यक्रम का हिस्सा हैं। निवेशकों को BSE और NSE की आधिकारिक सूचना का इंतजार करना चाहिए, क्योंकि अंतिम शेड्यूल में बदलाव हो सकता है।
पिछले साल भी दिन में हुई थी मुहूर्त ट्रेडिंग
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पारंपरिक रूप से मुहूर्त ट्रेडिंग शाम के समय आयोजित की जाती रही है। हालांकि, पिछले साल इसे दिन के समय आयोजित किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार, उस समय विशेष ट्रेडिंग सत्र दोपहर 1:45 बजे से 2:45 बजे तक चला था। दिन में ट्रेडिंग कराने का उद्देश्य बाजार के कामकाज और त्योहार से जुड़ी तैयारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाना था। इसी अनुभव को देखते हुए बाजार के कुछ प्रतिभागी चाहते हैं कि 2026 में भी मुहूर्त ट्रेडिंग का आयोजन दोपहर में किया जाए।
मुहूर्त ट्रेडिंग का सत्र आम कारोबारी दिनों की तुलना में सीमित अवधि का होता है। इस दौरान निवेशक शेयर खरीदने और बेचने के लिए बाजार में भाग ले सकते हैं। हालांकि, कारोबार के दौरान शेयरों की कीमतों में उतार-चढ़ाव का जोखिम बना रहता है।
ब्रोकर्स क्यों चाहते हैं समय में बदलाव?
ब्रोकर्स और बाजार से जुड़े संगठनों का कहना है कि दिवाली परिवार और सामाजिक परंपराओं से जुड़ा प्रमुख त्योहार है। ऐसे में ट्रेडिंग सत्र का समय तय करते हुए कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन को भी ध्यान में रखना चाहिए। एसोसिएशन ऑफ नेशनल एक्सचेंज मेंबर्स ऑफ इंडिया (ANMI) ने भी त्योहार के दिन छुट्टी और वर्क-लाइफ बैलेंस की भावना को ध्यान में रखते हुए दिन के समय मुहूर्त ट्रेडिंग आयोजित करने के प्रस्ताव पर विचार करने का आग्रह किया है।
ब्रोकर्स इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम (BISF) के माध्यम से भी एक्सचेंजों को प्रस्ताव सौंपे जाने की बात कही गई है। इस मांग का मुख्य उद्देश्य यह है कि बाजार की परंपरा भी बनी रहे और कर्मचारियों को दिवाली मनाने के लिए सुविधाजनक समय भी मिल सके।
BSE और NSE के फैसले पर रहेगी नजर
मुहूर्त ट्रेडिंग का अंतिम समय तय करने की जिम्मेदारी संबंधित स्टॉक एक्सचेंजों की होगी। इसके लिए बाजार से जुड़े विभिन्न पक्षों के सुझावों पर विचार किया जा सकता है। आम तौर पर एक्सचेंज ट्रेडिंग कैलेंडर, छुट्टियों और विशेष सत्रों से जुड़ी जानकारी आधिकारिक सर्कुलर के माध्यम से जारी करते हैं। जब तक BSE और NSE की ओर से अंतिम कार्यक्रम घोषित नहीं किया जाता, तब तक प्रस्तावित समय को निश्चित नहीं माना जाना चाहिए। निवेशकों को ट्रेडिंग से पहले एक्सचेंज की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक सूचना देखनी चाहिए।









