मुंबई एयरपोर्ट पर सोना तस्करी का बड़ा खुलासा, स्टाफ सदस्य समेत 6 गिरफ्तार; ₹10.75 करोड़ का सोना जब्त

मुंबई एयरपोर्ट पर DRI ने सोना तस्करी नेटवर्क का खुलासा कर 16 कैप्सूल में छिपाया 6.859 किलो सोना जब्त किया। एयरपोर्ट स्टाफ समेत छह आरोपी गिरफ्तार हुए।

मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर DRI ने सोना तस्करी के एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य समेत छह लोग गिरफ्तार हुए। 16 कैप्सूल से 6.859 किलो सोना बरामद किया गया।

मुंबई: महाराष्ट्र के मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने सोना तस्करी के एक कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। एजेंसी ने कार्रवाई के दौरान एयरपोर्ट के एक स्टाफ सदस्य समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपियों के पास से 16 कैप्सूल बरामद किए गए, जिनमें करीब 6.859 किलोग्राम 24 कैरेट सोने की धूल छिपाई गई थी। बरामद सोने का अनुमानित मूल्य करीब 10.75 करोड़ रुपये बताया गया है। DRI ने सोने को कस्टम एक्ट, 1962 के तहत जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, कथित सिंडिकेट में विदेश से आने वाले ट्रांजिट यात्रियों के साथ एयरपोर्ट के अंदर काम करने वाला कर्मचारी भी शामिल था।

अधिकारियों के मुताबिक, नेटवर्क का संबंध दुबई, बैंकॉक और माले से मुंबई के रास्ते होने वाली यात्राओं से सामने आया है। एजेंसी अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और कथित तस्करी के पूरे संचालन की जांच कर रही है।

‘ऑपरेशन मिडनाइट गोल्डस्ट्राइक’ में कार्रवाई

DRI की मुंबई जोनल यूनिट ने 29 अगस्त को विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर ‘ऑपरेशन मिडनाइट गोल्डस्ट्राइक’ चलाया। एजेंसी को सूचना मिली थी कि एयरपोर्ट के जरिए विदेश से सोना लाकर उसे अवैध तरीके से बाहर निकालने की कोशिश की जा सकती है।

इस सूचना के आधार पर अधिकारियों ने छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ाई। जांच के दौरान एक एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य संदिग्ध गतिविधि में पकड़ा गया। अधिकारियों के अनुसार, उसके पास सात कैप्सूल थे, जिनमें मोम जैसी सामग्री के रूप में सोने की धूल छिपाई गई थी।

स्टाफ सदस्य से पूछताछ के बाद DRI को कथित नेटवर्क के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद एजेंसी ने आगे कार्रवाई करते हुए पांच अन्य लोगों को भी पकड़ लिया।

16 कैप्सूल में मिला 6.859 किलो सोना

DRI के अनुसार, अलग-अलग कार्रवाई के दौरान कुल 16 कैप्सूल बरामद किए गए। इन कैप्सूल में कुल 6.859 किलोग्राम 24 कैरेट सोने की धूल छिपी हुई थी।

अधिकारियों ने बरामद सोने का बाजार मूल्य करीब 10.75 करोड़ रुपये आंका है। सोने को कस्टम एक्ट, 1962 के प्रावधानों के तहत जब्त कर लिया गया है।

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सोने की खेप किस स्रोत से आई थी और इसे मुंबई से आगे कहां पहुंचाया जाना था। इसके साथ ही कथित नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।

सोने को कैप्सूल के भीतर छिपाने का तरीका और एयरपोर्ट के अंदर मौजूद व्यक्ति की कथित भूमिका जांच के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल है।

पांच आरोपी बांग्लादेशी नागरिक बताए गए

DRI के अनुसार, गिरफ्तार किए गए छह लोगों में पांच ट्रांजिट यात्री हैं और एक एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य है। पांचों ट्रांजिट यात्रियों को बांग्लादेशी नागरिक बताया गया है।

अधिकारियों के मुताबिक, ये यात्री विदेश से यात्रा करते हुए मुंबई के रास्ते आगे जाने वाले थे। जांच में दुबई, बैंकॉक और माले से जुड़ी यात्राओं का उल्लेख सामने आया है।

हालांकि, आरोपियों की सटीक भूमिका, उनके बीच संपर्क और कथित नेटवर्क के संचालन से संबंधित अन्य जानकारी जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट हो सकेगी।

किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं होती। आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होगी।

एयरपोर्ट कर्मचारी की भूमिका ने बढ़ाई चिंता

इस मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू एयरपोर्ट के एक स्टाफ सदस्य की कथित संलिप्तता है। एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील स्थान पर काम करने वाले कर्मचारी का किसी अवैध तस्करी नेटवर्क से जुड़ना सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय माना जाता है।

एयरपोर्ट के भीतर काम करने वाले कर्मचारियों को यात्रियों और प्रतिबंधित क्षेत्रों से संबंधित अलग-अलग स्तर की पहुंच मिल सकती है। ऐसे में किसी कर्मचारी की कथित मिलीभगत से तस्करों को सुरक्षा व्यवस्था से बचने में मदद मिलने की आशंका रहती है।

DRI अब यह जांच कर रही है कि गिरफ्तार स्टाफ सदस्य की भूमिका केवल कथित तौर पर सोना एयरपोर्ट से बाहर निकालने तक सीमित थी या वह नेटवर्क के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय था।

विदेश से मुंबई तक कैसे पहुंच रहा था सोना?

जांच में सामने आए प्रारंभिक विवरण के मुताबिक, कथित सिंडिकेट ट्रांजिट यात्रियों के जरिए विदेश से सोना मुंबई तक लाने का प्रयास कर रहा था। दुबई, बैंकॉक और माले जैसे अंतरराष्ट्रीय यात्रा मार्गों का उल्लेख जांच में किया गया है।

अधिकारियों को शक है कि यात्रियों को सोना सौंपकर उसे मुंबई एयरपोर्ट से बाहर निकालने की योजना बनाई गई हो सकती है। एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य की कथित भूमिका सामने आने के बाद एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क की कार्यप्रणाली समझने की कोशिश कर रही है।

जांचकर्ता यात्रियों के यात्रा रिकॉर्ड, संपर्कों और बरामद सामान से संबंधित जानकारियों की पड़ताल कर सकते हैं। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कथित नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें कितने लोग शामिल थे।

कैप्सूल में छिपाई गई थी सोने की धूल

इस मामले में सोने को कैप्सूल के अंदर छिपाकर ले जाने का तरीका सामने आया है। DRI के मुताबिक, एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य के पास मिले सात कैप्सूल में मोम जैसी सामग्री के रूप में सोने की धूल छिपाई गई थी।

बाद की कार्रवाई में अन्य कैप्सूल भी बरामद हुए। कुल बरामदगी 16 कैप्सूल तक पहुंच गई, जिनमें 6.859 किलोग्राम 24 कैरेट सोने की धूल होने की जानकारी दी गई है।

तस्करी में सोने को अलग-अलग रूपों और छिपाने के तरीकों का इस्तेमाल करके सुरक्षा जांच से बचाने की कोशिश की जाती रही है। इस मामले में DRI अब यह जांच कर रही है कि कैप्सूल तैयार करने और उन्हें यात्रियों तक पहुंचाने की व्यवस्था किसने की थी।

DRI की जांच अभी जारी

छह आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी कथित नेटवर्क के पीछे मौजूद लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि जब्त सोना किसके लिए लाया गया था और इसके बदले आरोपियों को किस तरह का भुगतान किया जाना था।

जांच में यात्रियों और एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य के बीच संपर्क, यात्रा विवरण और कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।

DRI के अधिकारी यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इसी तरीके से पहले भी सोने की खेप मुंबई एयरपोर्ट से बाहर निकाली गई थी। यदि पुराने मामलों से कोई संबंध मिलता है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर भी पकड़ा गया था सोना

सोने की तस्करी का एक अन्य मामला हाल ही में बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी सामने आया था। CISF अधिकारियों के अनुसार, दुबई से लौटे एक भारतीय यात्री को सुरक्षा जांच के दौरान संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर रोका गया था।

अधिकारियों के मुताबिक, यात्री के मुंह में दो कैप्सूल मिले, जिनमें करीब 82 ग्राम संदिग्ध सोना छिपा होने की बात सामने आई। यात्री दुबई से बेंगलुरु पहुंचा था और आगे की यात्रा करने वाला था।

सुरक्षा जांच के दौरान उसके व्यवहार को संदिग्ध पाए जाने के बाद उसकी तलाशी ली गई। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को हिरासत में लेकर आगे की जांच के लिए पुलिस को सौंप दिया गया। बरामद सामग्री को शुद्धता की जांच के लिए भेजा गया था।

सोना तस्करी पर एजेंसियों की नजर

भारत में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सोने की कथित तस्करी के मामलों में सुरक्षा और राजस्व एजेंसियों की निगरानी में रहते हैं। विदेश से आने वाले यात्रियों के जरिए सोना लाने के प्रयासों को रोकने के लिए कस्टम, DRI और अन्य सुरक्षा एजेंसियां समय-समय पर कार्रवाई करती हैं।

मुंबई की ताजा कार्रवाई में बरामद सोने की मात्रा और अनुमानित कीमत इसे एक महत्वपूर्ण मामला बनाती है। खास तौर पर एयरपोर्ट के एक कर्मचारी की कथित संलिप्तता ने मामले की गंभीरता बढ़ा दी है।

DRI का कहना है कि खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई में कथित संगठित सिंडिकेट का पता चला है। एजेंसी अब नेटवर्क के अन्य संभावित सदस्यों की पहचान और सोने की तस्करी से जुड़े वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

जांच से सामने आएगा नेटवर्क का पूरा दायरा

फिलहाल छह लोग गिरफ्तार हैं और 6.859 किलोग्राम सोना जब्त किया गया है। DRI की जांच का अगला चरण कथित नेटवर्क की जड़ तक पहुंचना होगा।

जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश करेंगे कि सोना किस देश से आया, मुंबई एयरपोर्ट पर उसे किसने प्राप्त किया, एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य की कथित भूमिका क्या थी और अंतिम खरीदार या लाभार्थी कौन था।

मामले में आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना से इनकार नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही कथित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के वास्तविक आकार और उसकी गतिविधियों के बारे में स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।

फिलहाल DRI की कार्रवाई में एयरपोर्ट स्टाफ सदस्य समेत छह लोगों की गिरफ्तारी और करीब 10.75 करोड़ रुपये मूल्य के सोने की जब्ती हुई है। एजेंसी ने सोना कस्टम कानून के तहत जब्त कर लिया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

 

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