मुंबई के कुर्ला में 13 मंजिला इमारत में आग, तीन बच्चों समेत 9 लोग घायल

मुंबई के कुर्ला पश्चिम में 13 मंजिला आवासीय इमारत के इलेक्ट्रिकल डक्ट में आग लगने से तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए। दमकल ने 28 मिनट में आग पर काबू पाया।

मुंबई के कुर्ला पश्चिम स्थित 13 मंजिला आवासीय इमारत में मंगलवार सुबह इलेक्ट्रिकल डक्ट में आग लग गई। धुएं से तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हुए। दमकल विभाग ने करीब 28 मिनट में आग पर काबू पाया। घायलों की हालत स्थिर बताई गई है।'

मुंबई: महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के कुर्ला पश्चिम इलाके में मंगलवार सुबह एक 13 मंजिला आवासीय इमारत में आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में तीन बच्चों समेत नौ लोग घायल हो गए। आग इमारत के इलेक्ट्रिकल डक्ट में लगी थी, जिससे बिजली की वायरिंग के रास्ते धुआं कई मंजिलों तक फैल गया। आठ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई, जबकि एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट आई।

नगर निकाय के अधिकारियों के अनुसार, आग सुबह करीब 6:53 बजे कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर 5 में लगी। मुंबई दमकल विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सुबह 7:21 बजे तक आग पर काबू पा लिया। इस तरह करीब 28 मिनट में आग बुझा दी गई। सभी नौ घायलों को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत स्थिर बताई गई है।

इलेक्ट्रिकल डक्ट में लगी आग, वायरिंग के रास्ते फैला धुआं

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, आग कुर्ला पश्चिम में कोहिनूर स्कूल के पास स्थित कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर 5 के इलेक्ट्रिकल डक्ट में लगी। इमारत में बिजली के तारों और अन्य विद्युत उपकरणों के लिए बने डक्ट से आग और धुआं फैलने की आशंका के कारण दमकलकर्मियों को तुरंत कार्रवाई करनी पड़ी।

अधिकारियों के मुताबिक, आग बिजली की वायरिंग, इलेक्ट्रिकल इंस्टॉलेशन और विभिन्न मंजिलों पर लगे लोहे के दरवाजों तक सीमित रही। दमकलकर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग को नियंत्रित किया और उसे आगे फैलने से रोकने के लिए अभियान चलाया।

आग लगने की सूचना मिलने के बाद आसपास के क्षेत्र में सतर्कता बढ़ाई गई। बहुमंजिला इमारत में धुआं भर जाने के कारण निवासियों को परेशानी हुई और घायलों को सुरक्षित निकालकर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारण की पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हैं कि इलेक्ट्रिकल डक्ट में आग किस वजह से शुरू हुई और क्या इसमें बिजली की वायरिंग या किसी उपकरण की खराबी की भूमिका थी। 

धुएं से आठ लोगों को सांस लेने में परेशानी

नगर निकाय के एक अधिकारी के अनुसार, आग की लपटों से ज्यादा परेशानी इमारत में फैले घने धुएं के कारण हुई। कुल नौ लोगों को अस्पताल ले जाया गया। इनमें से आठ लोगों ने सांस लेने में परेशानी की शिकायत की, जबकि एक व्यक्ति के दाहिने पैर में चोट आई।

घायलों में पांच साल का एक बच्चा, दो किशोरियां और एक बुजुर्ग भी शामिल हैं। सभी को राजावाड़ी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में उपचार के बाद उनकी हालत स्थिर बताई गई। हालांकि, सभी घायलों की विस्तृत मेडिकल स्थिति और उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिलने की जानकारी की पुष्टि अभी आवश्यक है।

आग की घटना के दौरान धुएं का तेजी से फैलना बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। ऐसे मामलों में सीढ़ियों, गलियारों और निकासी मार्गों पर धुआं भरने से लोगों को बाहर निकलने में कठिनाई हो सकती है। इस घटना में भी सांस लेने में परेशानी के कारण कई लोगों को चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ी।

दमकल, पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं

घटना की सूचना मिलते ही मुंबई दमकल विभाग, पुलिस, संबंधित बिजली वितरण कंपनी, 108 एम्बुलेंस सेवा और बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के वार्ड कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।

दमकल विभाग ने आग बुझाने के साथ-साथ स्थिति को नियंत्रित करने पर ध्यान दिया। एम्बुलेंस कर्मियों ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में मदद की, जबकि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन कार्रवाई में सहयोग किया।

मुंबई के कुर्ला में 13 मंजिला इमारत में आग, तीन बच्चों समेत 9 लोग घायल

बिजली कंपनी के कर्मचारियों की मौजूदगी भी महत्वपूर्ण थी, क्योंकि आग इलेक्ट्रिकल डक्ट में लगी थी। ऐसी घटनाओं में बिजली की आपूर्ति सुरक्षित रूप से नियंत्रित करना और क्षतिग्रस्त वायरिंग की जांच करना आगे की सुरक्षा के लिए जरूरी होता है। हालांकि, इस मामले में बिजली आपूर्ति बंद किए जाने या मरम्मत की कार्रवाई के बारे में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

दमकलकर्मियों ने सुबह 7:21 बजे तक आग पर काबू पा लिया। इसके बाद आग के दोबारा भड़कने की आशंका और प्रभावित हिस्सों की स्थिति की जांच करना जरूरी है। 

आग लगने की वजह और नुकसान का आकलन बाकी

फिलहाल आग लगने के कारण और इमारत को हुए नुकसान का पूरा आकलन सामने नहीं आया है। अधिकारियों के अनुसार, घटना की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आग किसी विद्युत खराबी, शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से लगी थी।

इलेक्ट्रिकल डक्ट बहुमंजिला इमारतों में बिजली की तारों और संबंधित उपकरणों के लिए बनाया जाता है। यदि वायरिंग में खराबी हो या विद्युत उपकरणों में कोई समस्या पैदा हो जाए, तो आग फैलने का खतरा हो सकता है। इसलिए ऐसी घटनाओं के बाद वायरिंग, सुरक्षा उपकरणों और आग रोकने वाली व्यवस्थाओं की जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है।

हालांकि, किसी विशेष कारण को जिम्मेदार ठहराने के लिए तकनीकी जांच और आधिकारिक निष्कर्ष जरूरी हैं। इस घटना में अभी तक शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य वजह की पुष्टि नहीं की गई है।

बहुमंजिला इमारतों में अग्नि सुरक्षा क्यों अहम?

मुंबई जैसे घनी आबादी वाले महानगरों में बहुमंजिला आवासीय इमारतें बड़ी संख्या में हैं। इनमें आग लगने की स्थिति में धुआं तेजी से ऊपरी मंजिलों तक पहुंच सकता है। यदि निकासी मार्गों पर धुआं भर जाए, तो निवासियों के लिए सुरक्षित स्थान तक पहुंचना मुश्किल हो सकता है।

अग्नि सुरक्षा विशेषज्ञ आम तौर पर इमारतों में बिजली की वायरिंग का नियमित निरीक्षण, आपातकालीन निकास मार्गों को खुला रखना, अग्निशमन उपकरणों का रखरखाव और निवासियों को आपातकालीन प्रक्रियाओं की जानकारी देने पर जोर देते हैं। धुआं पहचानने वाले अलार्म और आग रोकने वाली व्यवस्थाएं भी जोखिम कम करने में मदद कर सकती हैं।

कुर्ला की इस घटना में आग पर अपेक्षाकृत कम समय में काबू पा लिया गया, लेकिन नौ लोगों का घायल होना बताता है कि धुएं से होने वाला नुकसान भी गंभीर हो सकता है। घटना के बाद इमारत की सुरक्षा व्यवस्था की जांच और आग के कारणों का पता लगाना महत्वपूर्ण रहेगा।

फिलहाल सभी घायलों की हालत स्थिर

कुर्ला पश्चिम की कोहिनूर एचडीआईएल बिल्डिंग नंबर 5 में लगी आग पर दमकल विभाग ने नियंत्रण पा लिया है। नौ घायलों का राजावाड़ी अस्पताल में उपचार किया गया और उनकी हालत स्थिर बताई गई है। अधिकारियों ने आग लगने के कारण और संपत्ति को हुए नुकसान का पूरा विवरण अभी साझा नहीं किया है।

आगे की जांच में यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि आग किस कारण लगी और क्या इमारत की विद्युत व्यवस्था में कोई खराबी थी। फिलहाल घटना में किसी की मौत की सूचना नहीं है। प्रशासन की प्राथमिकता घायलों के उपचार, प्रभावित हिस्से की सुरक्षा और आग के कारणों का पता लगाने पर है। 

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