मुंबई में बिगड़ी एयर क्वालिटी! हाई कोर्ट ने BMC और MPCB अधिकारियों को किया तलब

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की बिगड़ती हवा और अधिकारियों की निष्क्रियता पर BMC और MPCB को तलब किया। एयर क्वालिटी इंडेक्स 114 पहुंचा।

बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की बिगड़ती एयर क्वालिटी और अधिकारियों की लापरवाही पर सख्त संज्ञान लिया। BMC कमिश्नर और MPCB सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया गया। शहर का AQI 114 पर पहुंच गया है।

Maharashtra: बॉम्बे हाई कोर्ट ने मुंबई की बिगड़ती एयर क्वालिटी और अधिकारियों की निष्क्रियता पर गंभीर संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस श्री चंद्रशेखर और जस्टिस गौतम ए. अनखद की बेंच ने बीएमसी कमिश्नर भूषण गगरानी और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (MPCB) के सचिव को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। यह कदम अदालत द्वारा गठित चार सदस्यीय कमेटी की 74 पन्नों की रिपोर्ट के बाद उठाया गया।

कमेटी की रिपोर्ट में चौंकाने वाले तथ्य

कमेटी ने मुंबई और नवी मुंबई में चल रहे निर्माण और औद्योगिक साइट्स का निरीक्षण किया। रिपोर्ट में पाया गया कि प्रदूषण नियंत्रण दिशानिर्देशों का लगभग पूरी तरह उल्लंघन हो रहा है। जमीन पर नियमों का पालन कराने में संबंधित एजेंसियां पूरी तरह असफल रही हैं। कोर्ट ने माना कि ऐसे हालात में एजेंसियों के प्रमुखों को अपने अधिकारियों की लापरवाही और निष्क्रियता के लिए व्यक्तिगत रूप से जवाब देना होगा।

निर्माण कार्यों में नियमों की धज्जियां

रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि मुंबई और नवी मुंबई में अधिकांश निर्माण, सड़क और तोड़फोड़ कार्य साइट्स पर प्रदूषण रोकने वाले नियमों का पालन नहीं हो रहा है। तमाम मानक संचालन प्रक्रियाओं और सर्कुलरों के बावजूद अधिकारी इन नियमों को जमीन पर लागू करने में नाकाम रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इस लापरवाही और निष्क्रियता का जिम्मा अब उच्च अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उठाना होगा।

हाई कोर्ट की नई बिल्डिंग में भारी लापरवाही

कमेटी ने बांद्रा ईस्ट में प्रस्तावित बॉम्बे हाई कोर्ट की नई बिल्डिंग का दौरा किया। वहां चल रहे निर्माण कार्य को बेहद लापरवाह और खतरनाक पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, निर्माण क्षेत्र में बड़ी मात्रा में धूल और मलबा फैला हुआ था, लेकिन धूल को नियंत्रित करने के लिए कोई स्प्रिंकलर या स्मॉग गन नहीं लगी थी। न ही बैरिकेडिंग थी और न ही मलबे को ढकने के लिए गीले कवर का इस्तेमाल किया गया था।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि सुरक्षा मानकों की पूरी तरह अनदेखी की गई। निर्माण साइट्स पर हवा की गुणवत्ता मापने वाले सेंसर नहीं थे और निगरानी के लिए CCTV कैमरे भी नहीं लगे थे। मलबे ले जाने वाले वाहन बिना ढके पाए गए और स्टील काटने वाले गैस सिलेंडर खुलेआम फुटपाथों पर रखे गए, जो सुरक्षा के लिहाज से बेहद खतरनाक हैं।

जनहित याचिका के तहत कार्रवाई

यह पूरी कार्यवाही 2023 में मुंबई की बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर दाखिल जनहित याचिका के तहत की जा रही है। हाई कोर्ट ने बीएमसी और MPCB अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और कहा कि उनकी निगरानी की कमी के कारण शहर की हवा जहरीली हो रही है। अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से यह बताना होगा कि उनके विभाग प्रदूषण कम करने वाले नियमों को लागू करने में क्यों फेल रहे।

Leave a comment