मुजफ्फरपुर की सिद्धिका गुप्ता राष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगी प्रतिभा, MDDM कॉलेज की छात्रा का राष्ट्रीय एकता शिविर के लिए चयन

मुजफ्फरपुर के MDDM कॉलेज की सिद्धिका गुप्ता का राष्ट्रीय एकता शिविर 2026 के लिए चयन हुआ है। हरियाणा के हिसार में 22 से 28 अक्टूबर तक शिविर होगा।
मुजफ्फरपुर की सिद्धिका गुप्ता राष्ट्रीय मंच पर दिखाएंगी प्रतिभा, MDDM कॉलेज की छात्रा का राष्ट्रीय एकता शिविर के लिए चयन
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मुजफ्फरपुर की बेटी सिद्धिका गुप्ता ने अपनी उपलब्धि से जिले और कॉलेज का नाम रोशन किया है। एमडीडीएम कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की स्वयंसेविका सिद्धिका का चयन राष्ट्रीय एकता शिविर (नेशनल इंटीग्रेशन कैंप) 2026 के लिए किया गया है। इस चयन के साथ ही उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने और देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले युवाओं के साथ संवाद करने का अवसर मिलेगा। सिद्धिका की इस उपलब्धि से कॉलेज परिसर में खुशी का माहौल है। कॉलेज प्रशासन, विश्वविद्यालय की एनएसएस इकाई और शिक्षकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

सिद्धिका गुप्ता मुजफ्फरपुर के महंत दर्शन दास महिला महाविद्यालय यानी एमडीडीएम कॉलेज के अंग्रेजी विभाग की छात्रा हैं। वह स्नातक के सप्तम सेमेस्टर में पढ़ाई कर रही हैं। उनका शैक्षणिक सत्र 2023-27 है। पढ़ाई के साथ राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़कर वह छात्र जीवन में सामाजिक सहभागिता और सामूहिक गतिविधियों का हिस्सा बनी हुई हैं। राष्ट्रीय एकता शिविर के लिए उनका चयन कॉलेज की एनएसएस इकाई के लिए भी महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि इस शिविर में भाग लेने वाले स्वयंसेवकों को राष्ट्रीय स्तर पर अपने संस्थान का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है।

राष्ट्रीय एकता शिविर का आयोजन 22 से 28 अक्टूबर 2026 तक हरियाणा के हिसार में किया जाएगा। इस शिविर में देश के अलग-अलग क्षेत्रों से चयनित एनएसएस स्वयंसेवक हिस्सा लेंगे। यहां विद्यार्थियों को एक-दूसरे की संस्कृति, भाषा, परंपराओं और सामाजिक परिवेश को समझने का अवसर मिलेगा। इस तरह के आयोजन का उद्देश्य युवाओं के बीच आपसी सहयोग, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता की भावना को मजबूत करना है। अलग-अलग राज्यों के युवाओं के एक मंच पर आने से उन्हें देश की विविधता को करीब से जानने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का मौका मिलता है।

राष्ट्रीय एकता शिविर केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं होता, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक जिम्मेदारी और सामूहिक रूप से काम करने की भावना विकसित करने में भी मदद करता है। ऐसे मंच पर विद्यार्थी अपने विचार प्रस्तुत कर सकते हैं, अन्य प्रतिभागियों के अनुभव जान सकते हैं और देश की विविध सामाजिक एवं सांस्कृतिक पहचान को समझ सकते हैं। सिद्धिका के लिए भी यह अवसर नए अनुभव प्राप्त करने और अपनी प्रतिभा को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने का माध्यम बनेगा।

इस शिविर का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य विविधता में एकता की भावना को मजबूत करना है। भारत में अलग-अलग भाषाएं, रीति-रिवाज, खानपान और सांस्कृतिक परंपराएं होने के बावजूद राष्ट्रीय एकता देश की सबसे बड़ी ताकत है। जब विभिन्न राज्यों के युवा एक साथ किसी कार्यक्रम में भाग लेते हैं, तो उन्हें यह समझने का अवसर मिलता है कि सांस्कृतिक विविधता के बीच आपसी सम्मान और सहयोग कितना महत्वपूर्ण है। राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने के लिए प्रेरित करते हैं।

सिद्धिका के चयन पर विश्वविद्यालय की एनएसएस समन्वयक डॉ. अनुराधा पाठक ने प्रसन्नता जताते हुए उन्हें बधाई दी है। एमडीडीएम कॉलेज की प्राचार्या प्रो. डॉ. अलका जायसवाल ने भी उनकी सफलता पर खुशी व्यक्त की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कॉलेज प्रशासन के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर के शिविर में किसी छात्रा का चयन होना पूरे संस्थान के लिए गर्व का विषय है। इससे अन्य छात्राओं को भी पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिल सकती है।

कॉलेज की एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. शगुफ्ता नाज सहित शिक्षक-शिक्षिकाओं ने भी सिद्धिका की उपलब्धि पर प्रसन्नता जताई है। कॉलेज परिवार ने उम्मीद जताई कि वह राष्ट्रीय शिविर में बेहतर प्रदर्शन करेंगी और अपने संस्थान का नाम रोशन करेंगी। इस सफलता को एनएसएस से जुड़ी छात्राओं के लिए प्रेरणादायक माना जा रहा है, क्योंकि ऐसे अवसर विद्यार्थियों को अपने नियमित शैक्षणिक जीवन से आगे बढ़कर राष्ट्रीय गतिविधियों का हिस्सा बनने का अवसर प्रदान करते हैं।

राष्ट्रीय सेवा योजना विद्यार्थियों को समाज से जोड़ने और उनमें सेवा, अनुशासन तथा जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम है। इसके तहत स्वयंसेवक सामाजिक जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रीय एकता शिविर इसी व्यापक उद्देश्य का हिस्सा है, जिसमें युवाओं को देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों से मिलने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने का अवसर मिलता है। सिद्धिका का चयन इस बात का उदाहरण है कि कॉलेज की पढ़ाई के साथ अतिरिक्त गतिविधियों में भागीदारी भी विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खोल सकती है।

मुजफ्फरपुर के लिए सिद्धिका गुप्ता की यह उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह राष्ट्रीय मंच पर अपने कॉलेज और जिले का प्रतिनिधित्व करेंगी। हिसार में आयोजित होने वाले शिविर में उन्हें विभिन्न क्षेत्रों से आए स्वयंसेवकों के साथ समय बिताने, उनकी संस्कृति और अनुभवों को जानने तथा अपनी बात रखने का अवसर मिलेगा। इस तरह के अनुभव विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सहायक हो सकते हैं और उन्हें भविष्य में सामाजिक, शैक्षणिक तथा नेतृत्व से जुड़ी गतिविधियों में बेहतर भागीदारी के लिए तैयार कर सकते हैं।

सिद्धिका के चयन से एमडीडीएम कॉलेज की एनएसएस इकाई में उत्साह है। कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों की शुभकामनाओं के बीच उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह इस राष्ट्रीय अवसर का पूरा लाभ उठाएंगी। राष्ट्रीय एकता शिविर 22 से 28 अक्टूबर तक चलेगा और इसमें देश के विभिन्न हिस्सों से आए स्वयंसेवक आपसी मेलजोल, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा राष्ट्रीय एकता से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। सिद्धिका गुप्ता का चयन मुजफ्फरपुर की छात्राओं के लिए एक सकारात्मक संदेश है कि शिक्षा के साथ सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी से राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

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