नीताल दुर्गा पूजा महोत्सव में दिखा कुमाऊनी-बंगाली संस्कृति का संगम, जयकारों के साथ निकली भव्य शोभायात्रा

नैनीताल में 70वें दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन महादशमी पूजा, सिंदूर खेल और भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शाम को मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव संपन्न होगा।

नैनीताल में 70वें दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन महादशमी पूजा, सिंदूर खेल और आकर्षक झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। आयोजन में कुमाऊनी और बंगाली परंपराओं की झलक दिखी। शाम को मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव संपन्न होगा।

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल में सर्बजनिन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से आयोजित 70वें दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को भव्य शोभायात्रा निकाली गई। मां दुर्गा के जयकारों से गूंजती इस यात्रा में कुमाऊनी और बंगाली संस्कृति की झलक देखने को मिली। महादशमी पूजा, दर्पण विसर्जन और सिंदूर खेल के बाद निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। देर शाम नैनी झील के समीप मूर्ति विसर्जन के साथ महोत्सव का समापन होना है।

महादशमी पूजा के साथ शुरू हुए धार्मिक अनुष्ठान

नैनीताल में आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन मंगलवार को नयना देवी मंदिर परिसर में स्थापित मां दुर्गा के मंडप के पास महादशमी पूजा की गई। इसके बाद दर्पण विसर्जन और देवी वरण की रस्में पूरी की गईं। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को विदाई देने की तैयारियां शुरू कीं।

इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेल में भाग लिया और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। पूजा और अन्य रस्मों के दौरान बंगाली परंपराओं की झलक देखने को मिली। वहीं, स्थानीय कुमाऊनी संस्कृति की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष रूप दिया।

देवी-देवताओं की झांकियों के साथ निकली शोभायात्रा

दोपहर एक बजे मंदिर परिसर से मां दुर्गा के जयकारों के बीच शोभायात्रा निकाली गई। यात्रा में सबसे आगे सिंदूर खेलती और मांगल गीत गाती महिलाएं चल रही थीं। उनके पीछे भगवान गणेश, माता लक्ष्मी, मां सरस्वती और भगवान कार्तिकेय की झांकियां थीं। अंत में मां दुर्गा की विशाल झांकी निकाली गई, जिसके साथ सैकड़ों श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े।

सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने झांकियों के दर्शन किए और मां दुर्गा के सामने शीश नवाया। शोभायात्रा में देवी-देवताओं की वेशभूषा धारण किए स्कूली बच्चे और पारंपरिक कुमाऊनी परिधान पहने प्रतिभागी आकर्षण का केंद्र रहे।

यात्रा का मार्ग डीएसए मैदान से शुरू होकर खड़ी बाजार, जयलाल साह बाजार, बड़ा बाजार और चीना बाबा चौराहे से होते हुए मालरोड के रास्ते तल्लीताल तक निर्धारित किया गया।

मूर्ति विसर्जन के साथ संपन्न होगा महोत्सव

शोभायात्रा के बाद देर शाम पाषाण देवी मंदिर के समीप मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाना है। इसके साथ ही सर्बजनिन दुर्गा पूजा कमेटी की ओर से आयोजित दस दिवसीय धार्मिक आयोजन का समापन होगा।

कार्यक्रम के आयोजन में कमेटी के उपाध्यक्ष त्रिभुवन फर्त्याल, सचिव उमेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष राकेश कुमार, डॉली भट्टाचार्य, पीके शर्मा, सुरेंद्र चौधरी और शिवराज नेगी सहित कई लोग जुटे रहे।

नैनीताल के इस आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ स्थानीय और बंगाली परंपराओं का मेल देखने को मिला। शोभायात्रा और विभिन्न अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं की भागीदारी ने दुर्गा पूजा महोत्सव के अंतिम दिन को विशेष बना दिया।

Leave a comment