बिहार के नालंदा में स्कूली शिक्षा को रोजगारपरक और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के 10 हाईस्कूलों में 1 जुलाई से वोकेशनल कोर्स की पढ़ाई शुरू की जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावसायिक कौशल प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों और रोजगार के अवसरों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।
शिक्षा विभाग की इस योजना के तहत छात्रों को सूचना प्रौद्योगिकी (IT), कृषि और अन्य रोजगारपरक क्षेत्रों से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी। पढ़ाई केवल सैद्धांतिक नहीं होगी, बल्कि छात्रों को प्रशिक्षण और प्रैक्टिकल गतिविधियों के माध्यम से कौशल विकसित करने का अवसर भी मिलेगा। इससे उन्हें उच्च शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और स्वरोजगार के नए विकल्पों की जानकारी मिलेगी।
इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाओं से लैस लाइब्रेरी भी विकसित की जा रही है। मॉर्डन लाइब्रेरी में छात्रों को पाठ्यक्रम से संबंधित पुस्तकों के अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं, विज्ञान, तकनीक, कृषि और करियर मार्गदर्शन से जुड़ी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल संसाधनों तक पहुंच बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
वोकेशनल शिक्षा के तहत आईटी प्रशिक्षण छात्रों को कंप्यूटर संचालन, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी कौशल से परिचित कराएगा। वहीं कृषि से जुड़े पाठ्यक्रमों में आधुनिक खेती, कृषि तकनीक, फसल प्रबंधन और कृषि आधारित उद्यमों की जानकारी दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को स्थानीय स्तर पर उपलब्ध अवसरों को समझने और उनका लाभ उठाने में मदद मिलेगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान समय में केवल पारंपरिक पाठ्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं। छात्रों को कौशल आधारित शिक्षा देना आवश्यक हो गया है, ताकि वे बदलती आर्थिक और तकनीकी जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। इसी सोच के तहत स्कूल स्तर पर वोकेशनल कोर्स शुरू करने की पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था भी की जा रही है। संबंधित अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 1 जुलाई से नियमित कक्षाओं के साथ इन पाठ्यक्रमों का संचालन शुरू हो जाएगा।
इस योजना से हजारों छात्रों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है। खासकर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर ही ऐसे कौशल सीखने का अवसर मिलेगा, जो भविष्य में रोजगार और स्वरोजगार के रास्ते खोल सकते हैं।
स्थानीय अभिभावकों और शिक्षाविदों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि आधुनिक शिक्षा, तकनीकी ज्ञान और व्यावसायिक प्रशिक्षण का यह संयोजन छात्रों के समग्र विकास में मदद करेगा। नालंदा के इन 10 हाईस्कूलों में शुरू होने वाले वोकेशनल कोर्स जिले की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की ओर एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।










