टोंक जेल में बंद नरेश मीणा की शनिवार को तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द के बाद उन्हें सआदत अस्पताल के ICU में भर्ती किया गया। ECG सामान्य आई, लेकिन कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें विशेषज्ञ इलाज के लिए जयपुर SMS अस्पताल रेफर किया गया।
टोंक: राजस्थान के टोंक जेल में बंद नरेश मीणा की शनिवार को अचानक तबीयत बिगड़ गई। सीने में दर्द की शिकायत के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच टोंक के सआदत अस्पताल ले जाया गया। यहां डॉक्टरों ने उन्हें ICU में भर्ती कर जरूरी जांचें कीं। ECG सामान्य आने के बाद खून की जांच भी कराई गई। जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें आगे इलाज के लिए जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल रेफर किया गया।
नरेश मीणा के समर्थकों ने दावा किया कि उन्हें पिछले कई दिनों से सीने और पीठ में दर्द की शिकायत थी। समर्थकों ने जेल प्रशासन पर इलाज में कथित देरी का आरोप लगाया है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन की ओर से उपलब्ध जानकारी में ECG सामान्य आने की बात कही गई है और विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच के लिए जयपुर रेफर किए जाने की जानकारी दी गई है।
सीने में दर्द के बाद अस्पताल ले जाया गया
SDM थप्पड़कांड से जुड़े मामले में टोंक जेल में बंद नरेश मीणा की शनिवार को तबीयत अचानक खराब होने की सूचना सामने आई। जेल में प्राथमिक जांच के बाद उन्हें दोपहर 12:28 बजे टोंक के सआदत अस्पताल ले जाया गया। सुरक्षा व्यवस्था के बीच उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उनकी चिकित्सकीय जांच शुरू की।
अस्पताल में नरेश मीणा को ICU में भर्ती किया गया। डॉक्टरों ने सीने में दर्द की शिकायत को देखते हुए जरूरी जांचें कराईं। प्रारंभिक जांच में उनकी ECG सामान्य बताई गई। इसके बाद डॉक्टरों ने खून की जांच भी कराई।
कार्डियोलॉजिस्ट नहीं होने पर जयपुर रेफर
सआदत अस्पताल के पीएमओ डॉ. प्रतीक सालोदिया के अनुसार, नरेश मीणा को सीने में दर्द की शिकायत के बाद जेल प्रशासन अस्पताल लेकर आया था। उन्हें ICU में रखकर चिकित्सकीय निगरानी में जांच की गई। ECG सामान्य आने के बाद आगे की जांच के लिए रक्त के नमूने लिए गए।
अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं होने के कारण विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के लिए उन्हें जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल रेफर किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, रेफर करने की प्रक्रिया शाम करीब 7:40 बजे की गई।
इस कदम का उद्देश्य नरेश मीणा को हृदय संबंधी विशेषज्ञ जांच उपलब्ध कराना बताया गया है। फिलहाल उपलब्ध सूचना में उनकी स्थिति को लेकर इससे अधिक चिकित्सकीय विवरण सामने नहीं आया है।
समर्थक अस्पताल पहुंचे, जेल प्रशासन पर उठाए सवाल
नरेश मीणा की तबीयत खराब होने की खबर फैलने के बाद उनके समर्थक सआदत अस्पताल पहुंचने लगे। अस्पताल परिसर के आसपास पुलिस की मौजूदगी भी रही। समर्थकों ने इस दौरान जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नरेश मीणा की स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों को समय पर गंभीरता से नहीं लिया गया।
पूर्व सरपंच आरडी गुर्जर ने दावा किया कि नरेश मीणा पिछले 7-8 दिनों से सीने और पीठ में दर्द की शिकायत कर रहे थे। उनके मुताबिक, इसके बावजूद उन्हें समय पर अस्पताल में उपचार नहीं दिलाया गया।
गुर्जर ने सरकार और जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि नरेश मीणा की जान को खतरा पैदा किया जा रहा है। उन्होंने यह तक आरोप लगाया कि सरकार उनकी हत्या करवाना चाहती है। हालांकि, ये आरोप नरेश मीणा के समर्थक की ओर से लगाए गए हैं और उपलब्ध जानकारी में इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राजेंद्र गुढ़ा से मुलाकात का भी किया गया जिक्र
समर्थकों ने नरेश मीणा की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की जेल में हुई मुलाकात का भी हवाला दिया। आरडी गुर्जर के अनुसार, 22 अगस्त को राजेंद्र गुढ़ा नरेश मीणा से मिलने टोंक जेल पहुंचे थे।
गुर्जर का कहना है कि उस मुलाकात के दौरान नरेश मीणा ने सीने में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद राजेंद्र गुढ़ा ने मीडिया में भी उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंता जताई थी और अस्पताल में भर्ती कराकर उपचार कराने की मांग की थी।
यह घटनाक्रम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि समर्थकों का दावा है कि नरेश मीणा की तबीयत खराब होने की शिकायत अस्पताल ले जाए जाने से कई दिन पहले से थी। हालांकि, उपलब्ध चिकित्सकीय जानकारी फिलहाल शनिवार को अस्पताल में हुई जांच और उसके बाद जयपुर रेफर किए जाने तक सीमित है।
सुनीता बैंसला ने भी स्वास्थ्य को लेकर जताई थी चिंता
नरेश मीणा की तबीयत को लेकर इससे पहले गुर्जर समाज की प्रमुख नेता और दिवंगत कर्नल किरोड़ी बैंसला की बेटी सुनीता बैंसला ने भी चिंता व्यक्त की थी।
25 अगस्त को X पर एक पोस्ट के माध्यम से उन्होंने टोंक जेल में बंद नरेश मीणा के स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने मीडिया में सामने आई उन खबरों का उल्लेख किया था, जिनमें नरेश मीणा को सीने में दर्द और चक्कर आने जैसी स्वास्थ्य समस्याएं होने की बात कही गई थी।
उन्होंने राजस्थान सरकार से अपील की थी कि नरेश मीणा के स्वास्थ्य की जल्द और पूरी जांच कराई जाए तथा उन्हें उचित और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
इससे यह संकेत मिलता है कि नरेश मीणा की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर उनके समर्थक और कुछ सार्वजनिक हस्तियां पहले से चिंता जाहिर कर रही थीं। हालांकि, उनकी वास्तविक चिकित्सकीय स्थिति का आकलन डॉक्टरों की जांच और विशेषज्ञ रिपोर्ट के आधार पर ही किया जा सकता है।
क्या है नरेश मीणा से जुड़ा मामला?
नरेश मीणा टोंक जिले के समरावता उपचुनाव से जुड़े विवाद के बाद चर्चा में आए थे। SDM थप्पड़कांड के बाद उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई और वह जेल में बंद हैं। इसी मामले के दौरान उनकी राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों को लेकर भी काफी चर्चा हुई।
जेल में रहने के दौरान उनकी स्वास्थ्य स्थिति सामने आने से मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। शनिवार को तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा के लिए जयपुर रेफर किया गया।
मेडिकल रिपोर्ट और आरोपों के बीच क्या सामने आया?
इस पूरे मामले में दो अलग-अलग पक्ष सामने आते हैं। एक ओर अस्पताल प्रशासन का कहना है कि नरेश मीणा की ECG सामान्य आई और आगे की विशेषज्ञ जांच के लिए उन्हें जयपुर रेफर किया गया। दूसरी ओर उनके समर्थक दावा कर रहे हैं कि सीने में दर्द की शिकायत कई दिनों से थी और इलाज में कथित देरी हुई।
समर्थकों द्वारा सरकार और जेल प्रशासन पर लगाए गए गंभीर आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है। इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए। उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अधिक स्पष्ट जानकारी जयपुर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के बाद सामने आ सकती है।
जयपुर में विशेषज्ञ इलाज पर नजर
टोंक में कार्डियोलॉजिस्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण नरेश मीणा को जयपुर के SMS अस्पताल रेफर किया गया है। ऐसे में अब उनके आगे के उपचार और विशेषज्ञों की जांच पर नजर रहेगी।
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, टोंक के सआदत अस्पताल में उनकी ECG सामान्य रही, जबकि सीने में दर्द की शिकायत को देखते हुए उन्हें ICU में निगरानी में रखा गया और रक्त संबंधी जांचें भी कराई गईं। इसके बाद विशेषज्ञ चिकित्सा के लिए जयपुर भेजने का फैसला किया गया।
नरेश मीणा की तबीयत से जुड़ा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब उनके समर्थक पहले से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जता रहे थे। अब उनकी वास्तविक स्थिति और आगे के उपचार की जानकारी विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के बाद अधिक स्पष्ट होगी।









