NASA का Habitable Worlds Observatory रोबोट्स से होगा सर्विस, 2040s में शुरू होगी Earth-like ग्रहों की खोज

NASA का Habitable Worlds Observatory 2040 के दशक में लॉन्च होगा। रोबोट्स इसकी सर्विस करेंगे और यह पृथ्वी जैसे ग्रहों व संभावित जीवन की खोज करेगा।

NASA ने बताया कि 2040 के दशक में लॉन्च होने वाला Habitable Worlds Observatory अंतरिक्ष में रोबोट्स की मदद से सर्विस किया जाएगा। इसका उद्देश्य पृथ्वी जैसे ग्रहों और संभावित जीवन के संकेतों की खोज करना है।

वॉशिंगटन: NASA का आगामी Habitable Worlds Observatory (HWO) अंतरिक्ष अनुसंधान में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है। यह टेलीस्कोप 2040 के दशक में लॉन्च होने की योजना है और पृथ्वी जैसे रहने योग्य ग्रहों की खोज करेगा। खास बात यह है कि इसकी मरम्मत और अपग्रेड अंतरिक्ष यात्रियों की बजाय रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट के जरिए किए जाएंगे, जिससे इसकी कार्यक्षमता और मिशन अवधि को लंबे समय तक बनाए रखा जा सकेगा।

L2 पॉइंट पर तैनात होगा नया स्पेस टेलीस्कोप

NASA का Habitable Worlds Observatory (HWO) पृथ्वी से लगभग 15 लाख किलोमीटर दूर Sun-Earth Lagrange Point 2 (L2) पर स्थापित किया जाएगा। यही वह स्थान है जहां James Webb Space Telescope भी काम कर रहा है। L2 क्षेत्र गहरे अंतरिक्ष के स्पष्ट अवलोकन और स्थिर तापमान जैसी सुविधाएं देता है, लेकिन इसकी दूरी के कारण वहां इंसानों को भेजकर मरम्मत करना मौजूदा तकनीक से बेहद कठिन है। इसी वजह से NASA ने शुरुआत से ही इसे रोबोटिक सर्विसिंग के लिए डिजाइन करने का फैसला किया है।

रोबोट करेंगे मरम्मत और अपग्रेड

NASA के अनुसार भविष्य में विशेष रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट HWO तक पहुंचकर कई तरह के तकनीकी कार्य कर सकेंगे। इनमें वैज्ञानिक उपकरण बदलना, खराब हिस्सों की मरम्मत, नियमित रखरखाव और जरूरत पड़ने पर नए मॉड्यूल जोड़ना शामिल होगा। यदि भविष्य में टेलीस्कोप का आकार इतना बड़ा हो कि उसे एक साथ लॉन्च न किया जा सके, तो उसके कुछ हिस्सों को अंतरिक्ष में ही जोड़ने की संभावना भी रखी गई है।

NASA का मानना है कि इस सुविधा से टेलीस्कोप की उम्र कई वर्षों तक बढ़ाई जा सकेगी और समय-समय पर नई तकनीकों के अनुसार इसे अपग्रेड भी किया जा सकेगा।

Hubble और James Webb से मिले अहम सबक

NASA ने Hubble Space Telescope से काफी अनुभव हासिल किया है। Hubble की कई बार अंतरिक्ष यात्रियों ने मरम्मत की, जिससे उसकी कार्यक्षमता दशकों तक बनी रही। वैज्ञानिकों ने उसमें नए कैमरे, कंप्यूटर, बैटरियां और अन्य उपकरण लगाए, जिससे वह लगातार नई खोज करता रहा।

इसके विपरीत James Webb Space Telescope को सर्विसिंग के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। मिशन के दौरान माइक्रोमीटियोरॉइड्स (अंतरिक्ष के बेहद छोटे कण) के टकराव से इसके कुछ हिस्सों पर असर देखा गया। NASA का मानना है कि HWO में रोबोटिक सर्विसिंग की सुविधा होने से भविष्य में ऐसे नुकसान की मरम्मत संभव होगी।

पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज होगा मुख्य लक्ष्य

Habitable Worlds Observatory का प्रमुख उद्देश्य सूर्य जैसे तारों के आसपास मौजूद पृथ्वी के आकार वाले चट्टानी ग्रहों की पहचान करना है। यह उनकी वायुमंडलीय संरचना का अध्ययन करेगा ताकि यह पता लगाया जा सके कि वहां जीवन के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं या नहीं।

भविष्य में इसमें हाई-रिजॉल्यूशन स्पेक्ट्रोग्राफ, उन्नत एक्सोप्लैनेट इमेजिंग सिस्टम, नए डिटेक्टर और अगली पीढ़ी के वैज्ञानिक उपकरण भी जोड़े जा सकेंगे। NASA ने यह भी जानकारी दी है कि HWO में गामा-रे डिटेक्टर भी लगाए जाएंगे, हालांकि उनकी भूमिका का विस्तृत खुलासा अभी नहीं किया गया है।

NASA फिलहाल इस मिशन की तकनीकों पर काम कर रहा है और कुछ महत्वपूर्ण तकनीकों का परीक्षण Nancy Grace Roman Space Telescope के जरिए किया जाएगा। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 2040 के दशक में लॉन्च होने वाला HWO अंतरिक्ष में जीवन की खोज के सबसे महत्वाकांक्षी मिशनों में से एक बन सकता है।

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