National Boxing Championship 2026: स्कोरिंग विवाद में रिंग के अंदर घुसे कोच, आयोजकों पर उठे सवाल

National Boxing Championship 2026: स्कोरिंग विवाद में रिंग के अंदर घुसे कोच, आयोजकों पर उठे सवाल

दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप का बुधवार का दिन खेल उपलब्धियों से ज्यादा विवादों के कारण चर्चा में रहा। जहां एक ओर देश की शीर्ष महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीता, वहीं पुरुष वर्ग के मुकाबलों में अनुशासनहीनता, नियमों के कथित उल्लंघन और रेफरी के फैसलों को लेकर बड़ा बवाल देखने को मिला। 

National Boxing Championship: दिल्ली में जारी राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में बुधवार का दिन खेल उपलब्धियों से अधिक विवादों के कारण चर्चा में रहा। एक ओर देश की स्टार महिला मुक्केबाजों ने अपने शानदार और प्रभावशाली प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान खींचा, वहीं दूसरी ओर पुरुष वर्ग के कुछ मुकाबलों में अनुशासनहीनता, रेफरी के फैसलों पर सवाल और नियमों के उल्लंघन को लेकर भारी बवाल देखने को मिला। रिंग के भीतर हुई इन घटनाओं ने न केवल मुकाबलों की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए, बल्कि टूर्नामेंट की छवि और आयोजन की व्यवस्था पर भी गंभीर चिंताएँ पैदा कर दीं।

दांत काटने का आरोप, फिर भी जारी रहा मुकाबला

दिन का सबसे गंभीर विवाद पुरुष वर्ग के एक मुकाबले में सामने आया, जिसमें रेलवे स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड के मुक्केबाज इष्मीत और ऑल इंडिया पुलिस (AIP) के मोहित आमने-सामने थे। मुकाबले के दूसरे राउंड में इष्मीत ने आरोप लगाया कि मोहित ने उनके कंधे पर दांत से काटा। इष्मीत ने रिंग में ही रेफरी को कथित काटने के निशान भी दिखाए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।

रेलवे टीम के कोच ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि बॉक्सिंग के नियमों के अनुसार इस तरह की हरकत सीधे तौर पर डिसक्वालिफिकेशन के अंतर्गत आती है। इसके बावजूद मुकाबले को तत्काल नहीं रोका गया, जिससे रेफरी की भूमिका पर सवाल उठने लगे। अब इस मामले में मेडिकल रिपोर्ट और उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर तकनीकी अधिकारियों द्वारा अंतिम फैसला लिया जाना है।

स्कोरिंग विवाद में रिंग के अंदर घुसे कोच

एक अन्य बड़ा विवाद 55 किलोग्राम भार वर्ग के मुकाबले में देखने को मिला, जहां सर्विसेज के पवन बार्टवाल और ऑल इंडिया पुलिस के ललित के बीच मुकाबला चल रहा था। मैच के दौरान स्कोरिंग को लेकर AIP खेमे ने आपत्ति जताई, जो देखते ही देखते हंगामे में बदल गई। स्थिति तब और बिगड़ गई जब AIP के कोच और सपोर्ट स्टाफ नियमों का उल्लंघन करते हुए रिंग के अंदर प्रवेश कर गए।

इस घटना के चलते मुकाबला रोकना पड़ा और काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। हालात काबू में आने के बाद अधिकारियों ने मुकाबले को ‘एबंडन्ड’ घोषित कर दिया। नियमों के अनुसार, समय पर रिंग में रिपोर्ट नहीं करने के आधार पर पवन बार्टवाल को विजेता घोषित किया गया। इस पूरे प्रकरण के बाद बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) ने घटना की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

रेफरी और आयोजकों पर उठे सवाल

लगातार हो रहे विवादों ने रेफरी के फैसलों और टूर्नामेंट के संचालन पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे हाई-प्रोफाइल टूर्नामेंट में नियमों का सख्ती से पालन और त्वरित निर्णय बेहद जरूरी होता है, ताकि खिलाड़ियों की सुरक्षा और खेल की निष्पक्षता बनी रहे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को देखते हुए इन घटनाओं को गंभीरता से लेने की जरूरत बताई जा रही है।

विवादों के बीच महिला मुक्केबाजों का प्रदर्शन टूर्नामेंट के लिए राहत भरा रहा। प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में दो बार की वर्ल्ड चैंपियन निकहत जरीन (51 किग्रा) ने लद्दाख की कुलसूमा बानो के खिलाफ शानदार खेल दिखाया। जरीन ने महज दो मिनट के भीतर मुकाबला अपने नाम कर लिया, जिसे रेफरी-स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट (RSC) के जरिए समाप्त किया गया। 48 किलोग्राम वर्ग में मीनाक्षी हुड्डा ने भी दमदार प्रदर्शन करते हुए झारखंड की अन्नू को सर्वसम्मत फैसले से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

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