प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर देश के पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों से निपटने और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका की सराहना की।
नई दिल्ली: राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस 2026 के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की सुरक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। दोनों नेताओं ने पुलिस बल के साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्र के प्रति समर्पण को याद करते हुए कहा कि देश अपने वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। इस अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं, अमित शाह ने नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित मोटरसाइकिल रैली को भी हरी झंडी दिखाई।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन उन पुलिसकर्मियों को समर्पित है, जिन्होंने देश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की रक्षा करते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया।
पीएम मोदी ने पुलिसकर्मियों के योगदान को सराहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर संदेश साझा कर पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस उन कर्मियों के योगदान को याद करने का अवसर है, जो कठिन परिस्थितियों में भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। प्रधानमंत्री ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराधों पर नियंत्रण, आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पुलिस बल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने ड्यूटी के दौरान शहीद हुए पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए उनके साहस, समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को देश की सामूहिक स्मृति का अभिन्न हिस्सा बताया।
पुलिसकर्मी देश के विभिन्न हिस्सों में अपराध नियंत्रण, आतंकवाद से मुकाबले, आपदा के समय राहत कार्यों और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने जैसी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में यह दिवस उनके कार्यों और कठिन परिस्थितियों में किए गए प्रयासों को सम्मान देने का अवसर भी है।
अमित शाह ने ‘ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई’ बाइक रैली को दिखाई हरी झंडी
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय पुलिस स्मारक, नई दिल्ली से ‘ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई’ थीम पर आयोजित मोटरसाइकिल रैली को रवाना किया। इस पहल का उद्देश्य नशीले पदार्थों के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और समाज को नशामुक्ति के अभियान से जोड़ना है। आयोजित रैली में नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आए लगभग 90 राइडर्स के भाग लेने की जानकारी दी गई। इसमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) और केंद्रीय पुलिस संगठनों (CPO) के कर्मी भी शामिल हुए।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रैली विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए गुजरात के एकता नगर पहुंचेगी। यहां प्रतिभागियों के 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाली एकता परेड में शामिल होने की योजना है। यह कार्यक्रम सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय एकता दिवस से जुड़ा है।रैली के माध्यम से नशे के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को जागरूक करने और युवाओं को नशीले पदार्थों से दूर रहने का संदेश देने पर जोर दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का ऐतिहासिक महत्व
राष्ट्रीय पुलिस स्मृति दिवस का संबंध वर्ष 1959 की एक ऐतिहासिक घटना से है। 21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया था। इस घटना में दस पुलिसकर्मियों ने अपने प्राण गंवाए थे। उन जवानों की वीरता और बलिदान की स्मृति में हर साल 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस मनाया जाता है। यह अवसर देशभर के पुलिस बलों और सुरक्षा संगठनों के उन सदस्यों को याद करने का प्रतीक बन गया है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपनी जान गंवाई।
दिल्ली स्थित राष्ट्रीय पुलिस स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के निदेशक डॉ. महेश दीक्षित ने भी शहीद पुलिसकर्मियों को नमन किया।
अब तक हजारों पुलिसकर्मी दे चुके हैं सर्वोच्च बलिदान
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान डॉ. महेश दीक्षित ने पुलिसकर्मियों के बलिदान से जुड़े आंकड़ों का उल्लेख किया। उनके अनुसार, पिछले एक वर्ष में देश की सेवा करते हुए 154 पुलिसकर्मियों ने अपने प्राण गंवाए, जबकि स्वतंत्रता के बाद से अब तक बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों की संख्या 36,852 बताई गई। ये आंकड़े देश में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के दौरान पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों को रेखांकित करते हैं। पुलिस बल के जवान कई बार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हैं, जहां उनकी जान को गंभीर खतरा रहता है।









