नौकरी जाएगी या बदलेगी, AI को लेकर युवाओं में बढ़ी चिंता

सर्वे में 59% युवा मानते हैं कि AI उनकी नौकरी के लिए खतरा है। बड़े टेक कंपनियों में ऑटोमेशन से रोजगार के अवसर घट रहे हैं।

AI के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल ने युवाओं में नौकरी जाने की चिंता को गहरा कर दिया है। एक ताजा सर्वे में 59 प्रतिशत युवाओं ने माना कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उनके रोजगार के लिए सीधा खतरा है। वहीं एक्सपर्ट्स आने वाले वर्षों में बड़े पैमाने पर जॉब लॉस की चेतावनी दे रहे हैं।

AI और नौकरी का खतरा: अमेरिका में हुए एक हालिया सर्वे में सामने आया है कि 18 से 29 साल के आधे से ज्यादा युवा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के कारण अपनी नौकरी को लेकर चिंतित हैं। यह सर्वे 2,000 से अधिक युवाओं पर किया गया, जिसमें 59 प्रतिशत ने AI को सबसे बड़ा जोखिम बताया। यह स्थिति ऐसे समय सामने आई है, जब बड़ी कंपनियां तेजी से ऑटोमेशन और AI सिस्टम अपना रही हैं। युवाओं को डर है कि तकनीक के बढ़ते दखल से पारंपरिक नौकरियों के मौके लगातार घटते जा रहे हैं।

AI से नौकरी पर कितना बड़ा खतरा

सर्वे में शामिल 2,000 से ज्यादा युवाओं में से 59 प्रतिशत ने कहा कि एआई के कारण उनकी नौकरी पर सीधे तौर पर खतरा है। वहीं 48 प्रतिशत युवाओं को आउटसोर्सिंग से रोजगार छिनने की चिंता है और 31 प्रतिशत ने इमिग्रेशन को भी जॉब के लिए जोखिम बताया है।

इन आंकड़ों से साफ होता है कि युवाओं में रोजगार को लेकर डर सिर्फ एआई तक सीमित नहीं है, लेकिन एआई इस चिंता की सबसे बड़ी वजह बनकर उभरा है। केवल 23 प्रतिशत युवाओं का मानना है कि एआई से उनके करियर पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

नौकरी जाएगी या बदलेगी, AI को लेकर युवाओं में बढ़ी चिंता

बड़ी कंपनियों में बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

यह सर्वे ऐसे समय आया है, जब दुनिया की कई बड़ी टेक और कॉर्पोरेट कंपनियां एआई बेस्ड सिस्टम अपनाकर कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। कस्टमर सपोर्ट से लेकर कंटेंट, डिजाइन और डेटा एनालिसिस जैसे कामों में एआई तेजी से इंसानों की जगह ले रहा है।

ऑटोमेशन से कंपनियों का खर्च कम हो रहा है और काम की स्पीड बढ़ रही है। यही वजह है कि युवाओं को लग रहा है कि आने वाले समय में परंपरागत नौकरियों की संख्या लगातार घट सकती है। खास तौर पर एंट्री लेवल जॉब्स पर इसका असर सबसे पहले देखने को मिल सकता है।

80 फीसदी नौकरियां खत्म होने की चेतावनी

कंप्यूटर साइंटिस्ट और एआई एक्सपर्ट स्टुअर्ट रसेल ने हाल ही में बड़ा बयान दिया है कि भविष्य में एआई के कारण करीब 80 प्रतिशत नौकरियां खत्म हो सकती हैं। उनके अनुसार, एआई अब केवल सपोर्ट सिस्टम नहीं रहा, बल्कि वह सीधे उस काम को करने लगा है, जिसे इंसान रोजगार कहते हैं।

रसेल का कहना है कि आज कोई भी प्रोफेशन पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। यहां तक कि सीईओ, सर्जन और अन्य हाई-स्किल जॉब्स पर भी एआई का असर पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक रोबोट को मिनटों में सर्जरी तक सिखाई जा सकती है और वह इंसानों से ज्यादा सटीक काम कर सकता है।

डर के बीच क्यों बढ़ रहा AI का इस्तेमाल

हालांकि युवाओं में एआई को लेकर डर है, फिर भी वे इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ा रहे हैं। पढ़ाई, कंटेंट क्रिएशन, कोडिंग, डिजाइन और रिसर्च जैसे कामों में एआई टूल्स अब आम हो चुके हैं।

युवाओं का मानना है कि अगर एआई को नजरअंदाज किया गया, तो वे खुद पीछे रह सकते हैं। यही वजह है कि डर और जरूरत के बीच वे एआई को अपनाने के लिए मजबूर हैं। यह विरोधाभास भविष्य के रोजगार की तस्वीर को और जटिल बना रहा है।

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