NCERT किताब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा सभी क्लास की टेक्स्टबुक्स का कराया जाएगा व्यापक रिव्यू

NCERT किताब विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, केंद्र ने कहा सभी क्लास की टेक्स्टबुक्स का कराया जाएगा व्यापक रिव्यू

NCERT किताब विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। केंद्र सरकार ने बताया कि सभी क्लास की टेक्स्टबुक्स का रिव्यू किया जाएगा और भविष्य में डोमेन एक्सपर्ट्स की जांच के बाद ही पाठ्यपुस्तकों की सामग्री प्रकाशित की जाएगी।

एजुकेशन न्यूज़: देश में NCERT की किताबों को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सरकार ने नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी NCERT को सभी क्लास की टेक्स्टबुक्स का रिव्यू करने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार का कहना है कि पाठ्यक्रम और किताबों की सामग्री को लेकर उठ रहे सवालों को गंभीरता से लिया जा रहा है और इसी वजह से व्यापक स्तर पर समीक्षा की प्रक्रिया शुरू की गई है।

सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा दिलाया कि किताबों में प्रकाशित होने वाली किसी भी सामग्री को अब डोमेन एक्सपर्ट्स की जांच के बिना प्रकाशित नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि NCERT में सिस्टमिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है ताकि भविष्य में किसी भी तरह की त्रुटि या विवाद की स्थिति पैदा न हो।

सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमिटी बनाने का सुझाव दिया

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने इस मुद्दे पर अपनी राय भी रखी। अदालत ने कहा कि अगर केंद्र सरकार NCERT से सीधे जवाब मांगने के बजाय पूरे करिकुलम की समीक्षा के लिए एक स्वतंत्र एक्सपर्ट कमिटी बनाती है तो यह अधिक प्रभावी कदम हो सकता है।

अदालत का मानना था कि शिक्षा से जुड़ा विषय बेहद संवेदनशील होता है और पाठ्यपुस्तकों की सामग्री का असर लाखों छात्रों पर पड़ता है। ऐसे में अगर विशेषज्ञों की एक समिति बनाकर पूरे पाठ्यक्रम की विस्तृत जांच कराई जाए तो इससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता दोनों बढ़ेंगी।

इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को आश्वस्त किया कि सरकार इस दिशा में गंभीरता से काम कर रही है और डोमेन एक्सपर्ट्स का पैनल तैयार किया जा रहा है। यह पैनल किताबों और करिकुलम की सामग्री की जांच करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी विषयों को सही और संतुलित तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

किताबों की समीक्षा के लिए शुरू हुआ रिव्यू प्रोसेस

केंद्र सरकार के निर्देश के बाद NCERT अब सभी क्लास की टेक्स्टबुक्स का रिव्यू करने की प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। इस प्रक्रिया के तहत विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ किताबों में मौजूद कंटेंट की जांच करेंगे।

रिव्यू के दौरान यह देखा जाएगा कि पाठ्यपुस्तकों में दी गई जानकारी तथ्यात्मक रूप से सही है या नहीं, और कहीं ऐसा तो नहीं कि किसी विषय को अधूरा या गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया हो। इसके अलावा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किताबों की भाषा, संदर्भ और उदाहरण छात्रों के लिए उपयुक्त और संतुलित हों।

सरकार का कहना है कि शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसी कारण किताबों के कंटेंट को लेकर किसी भी तरह की शिकायत या विवाद को गंभीरता से लिया जा रहा है।

क्लास 8 की किताब को लेकर शुरू हुआ विवाद

NCERT की किताबों को लेकर हाल ही में एक बड़ा विवाद सामने आया था। यह विवाद क्लास 8 की सोशल साइंस की किताब से जुड़ा था। इस किताब में एक चैप्टर ज्यूडिशियरी यानी न्यायपालिका की भूमिका से संबंधित था।

सोशल साइंस की इस किताब का नाम ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ बताया गया था। इसमें शामिल एक चैप्टर ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ को लेकर कुछ आपत्तियां सामने आई थीं। इस मुद्दे के सामने आने के बाद NCERT ने मामले को गंभीरता से लिया और अपनी प्रतिक्रिया भी दी।

NCERT ने मांगी बिना शर्त माफी

विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगी थी। संस्था ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बारे में जानकारी दी थी। NCERT ने अपने बयान में कहा कि सोशल साइंस की किताब ‘एक्सप्लोरिंग सोसाइटी: इंडिया एंड बियॉन्ड’ के ग्रेड 8 पार्ट II में प्रकाशित चैप्टर IV को लेकर उठी चिंताओं को ध्यान में रखते हुए संस्था ने माफी मांगी है।

पोस्ट में यह भी बताया गया कि इस चैप्टर का टाइटल ‘हमारे समाज में ज्यूडिशियरी की भूमिका’ था। NCERT के डायरेक्टर और संबंधित सदस्यों ने इस अध्याय के लिए बिना शर्त माफी मांगते हुए पूरी किताब को वापस लेने का फैसला किया।

पूरी किताब वापस ली गई

NCERT ने स्पष्ट किया कि विवाद के बाद संबंधित किताब को पूरी तरह वापस ले लिया गया है और अब वह उपलब्ध नहीं है। संस्था ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए कंटेंट की जांच की प्रक्रिया को और मजबूत किया जाएगा।

NCERT ने अपने बयान में यह भी कहा कि उसे इस मामले से हुई असुविधा के लिए खेद है। संस्था ने सभी स्टेकहोल्डर्स की समझदारी और सहयोग की सराहना भी की।

शिक्षा सामग्री में गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर

NCERT ने यह भी स्पष्ट किया कि वह शिक्षा से जुड़ी सामग्री में उच्चतम मानकों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। संस्था का कहना है कि शैक्षणिक कंटेंट में एक्यूरेसी, सेंसिटिविटी और जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी वजह से भविष्य में पाठ्यपुस्तकों की सामग्री को और अधिक सावधानी से तैयार किया जाएगा। डोमेन एक्सपर्ट्स की भागीदारी से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्रों तक सही और संतुलित जानकारी पहुंचे।

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