भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा को चोट के कारण 2026 का सीजन बीच में ही खत्म करना पड़ा था। अब वह 2027 में दमदार वापसी करने की तैयारी में जुटे हैं। नीरज ने बताया कि अब वह बेहतर महसूस कर रहे हैं और आगे के मुकाबलों के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
स्पोर्ट्स न्यूज़: भारत के स्टार जैवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने चोट से उबरने के बाद मैदान पर वापसी को लेकर अपनी योजनाएं साझा की हैं। टखने में लिगामेंट की चोट के कारण 2026 का सीजन बीच में छोड़ने वाले नीरज अब अगले साल मजबूत वापसी करने पर ध्यान दे रहे हैं। उनका लक्ष्य केवल प्रतिस्पर्धा में लौटना नहीं, बल्कि अपने प्रदर्शन को पहले से बेहतर स्तर तक पहुंचाना है। साथ ही, उनकी नजर भविष्य में होने वाले बड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों और 2028 ओलंपिक पर भी बनी हुई है।
मुंबई में 2026 ऑडी Q3 की लॉन्चिंग के दौरान नीरज चोपड़ा से उनकी फिटनेस और ओलंपिक की तैयारियों को लेकर सवाल पूछे गए। इस पर उन्होंने बताया कि टखने की चोट में काफी सुधार हुआ है और वह वापसी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनका ध्यान अगले सीजन में अच्छा प्रदर्शन करने पर है।
2027 में दमदार वापसी करना चाहते हैं नीरज चोपड़ा
नीरज चोपड़ा ने अपने अगले लक्ष्य के बारे में बात करते हुए कहा कि ओलंपिक में अभी समय है। इस समय उनकी प्राथमिकता चोट से पूरी तरह उबरना और 2027 में मजबूत प्रदर्शन के साथ वापसी करना है। उन्होंने कहा कि वह अगले साल ऐसी परफॉर्मेंस देना चाहते हैं, जो अब तक उनके करियर में देखने को नहीं मिली है। उनका बयान बताता है कि चोट से उबरने के बाद वह अपनी तकनीक, फिटनेस और खेल के स्तर को और बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहते हैं।
नीरज जैसे शीर्ष एथलीट के लिए चोट के बाद वापसी करना केवल शारीरिक फिटनेस हासिल करने तक सीमित नहीं होता। जैवलिन थ्रो में ताकत, गति, संतुलन और तकनीक का सही तालमेल जरूरी होता है। इसलिए किसी भी खिलाड़ी को पूरी क्षमता से प्रतिस्पर्धा में लौटने से पहले रिकवरी और अभ्यास के बीच संतुलन बनाना पड़ता है।
फिलहाल नीरज की ओर से 2027 के लिए किसी खास प्रतियोगिता या वापसी की निश्चित तारीख की जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में उनकी आगे की योजना और प्रतियोगिताओं में भागीदारी पर नजर रहेगी।
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टखने की चोट से उबर रहे हैं भारतीय स्टार
नीरज चोपड़ा को 2026 में टखने में लिगामेंट से जुड़ी चोट के कारण अपना सीजन समय से पहले समाप्त करना पड़ा। इस चोट ने उनके प्रतिस्पर्धी कार्यक्रम को प्रभावित किया। अब उन्होंने बताया है कि चोट में काफी सुधार हुआ है और वह बेहतर महसूस कर रहे हैं। खेलों में लिगामेंट की चोट खिलाड़ियों की गतिविधियों और प्रदर्शन पर असर डाल सकती है। जैवलिन थ्रो में रन-अप के दौरान गति हासिल करना और थ्रो के समय शरीर को नियंत्रित रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में चोट से पूरी तरह उबरना और शरीर को प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना जरूरी है।
नीरज की वापसी के लिए फिटनेस और नियमित अभ्यास अहम भूमिका निभाएंगे। हालांकि, मैदान पर उनकी वापसी की वास्तविक स्थिति और समय उनकी रिकवरी तथा प्रशिक्षण की प्रगति पर निर्भर करेगा।
एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन से खुश हैं नीरज
नीरज चोपड़ा ने एशियन गेम्स 2026 में जैवलिन थ्रो में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि वह और किशोर जेना इस बार मौजूद नहीं थे, फिर भी भारत ने इस स्पर्धा में दो पदक हासिल किए। उनके मुताबिक, युवा खिलाड़ियों का आगे आना भारतीय एथलेटिक्स के लिए सकारात्मक संकेत है।
नीरज ने युवा एथलीटों को आगे के लिए शुभकामनाएं देते हुए फिटनेस पर ध्यान देने और चोटों से बचने की सलाह भी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खिलाड़ियों को अपने खेल का आनंद लेते हुए लगातार बेहतर बनने की कोशिश करनी चाहिए। उनकी यह प्रतिक्रिया भारतीय जैवलिन थ्रो में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और नए खिलाड़ियों के उभरने की ओर भी ध्यान दिलाती है। किसी एक अनुभवी खिलाड़ी की गैरमौजूदगी के बावजूद दूसरे खिलाड़ियों का अच्छा प्रदर्शन करना टीम और देश के लिए उत्साहजनक हो सकता है।










