नेपाल में भीषण बाढ़ के दौरान भोटेकोशी क्षेत्र से बैंक का लॉकर बहकर धादिंग पहुंच गया। लॉकर तोड़कर नकदी निकालने के आरोप में 29 लोग हिरासत में लिए गए। पुलिस ने 92.68 लाख नेपाली रुपये बरामद किए हैं।
काठमांडू: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के बाद जहां राहत और बचाव अभियान जारी है, वहीं आपदा के बीच चोरी और लूट से जुड़े मामले भी सामने आने लगे हैं। भोटेकोशी इलाके में बाढ़ के तेज बहाव में एक बैंक का लॉकर बहकर कई किलोमीटर दूर पहुंच गया। बाद में इस लॉकर को धादिंग जिले के बेलखुखोला के पास बरामद किया गया। पुलिस ने लॉकर तोड़कर उसमें रखी नकदी निकालने के आरोप में 29 लोगों को हिरासत में लिया है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती कार्रवाई में संदिग्धों के पास से 92.68 लाख नेपाली रुपये बरामद किए गए हैं। भारतीय मुद्रा में इस रकम की कीमत करीब 57 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि लॉकर से निकाली गई पूरी रकम बरामद हुई है या नहीं और इस घटना में कितने लोग शामिल थे।
बाढ़ के पानी में बह गया था बैंक का लॉकर
भोटेकोशी क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया। पानी का बहाव इतना तेज था कि बैंक से संबंधित एक लॉकर भी अपने स्थान से बह गया और कई किलोमीटर दूर धादिंग जिले के बेलखुखोला क्षेत्र तक पहुंच गया।
स्थानीय लोगों से पुलिस को जानकारी मिली कि कुछ लोगों ने लॉकर को तोड़ दिया और उसके भीतर रखी नकदी निकाल ली। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्धों की पहचान तथा तलाशी का अभियान शुरू किया।
पुलिस ने पूछताछ और तलाशी के दौरान 29 लोगों को हिरासत में लिया। अधिकारियों के मुताबिक, उनके पास से बड़ी मात्रा में नेपाली मुद्रा बरामद हुई है। अब पुलिस इस रकम के स्रोत और लॉकर से संबंधित अन्य परिस्थितियों की जांच कर रही है।
19 से 49 वर्ष के लोग हिरासत में
पुलिस की शुरुआती जानकारी के मुताबिक हिरासत में लिए गए लोगों की उम्र 19 से 49 वर्ष के बीच है। इनमें अधिकतर लोग धादिंग जिले के गलछी-4 के मस्तार इलाके के रहने वाले बताए गए हैं।
इसके अलावा कुछ संदिग्ध गलछी-6 के आदमघाट और सिद्धलेक-7 के आदमतार क्षेत्र से संबंधित हैं। कुछ लोगों का मूल निवास चितवन और परसा बताया गया है, लेकिन वे वर्तमान में धादिंग में रह रहे थे।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि सभी संदिग्धों की भूमिका एक जैसी थी या कुछ लोगों ने केवल बाढ़ में बहकर आए सामान को बाद में अपने कब्जे में लिया। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि लॉकर तोड़ने और नकदी निकालने की घटना में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं।
आपदा के बीच शव से गहने निकालने का मामला
नेपाल में बाढ़ से जुड़ी एक अन्य घटना ने भी लोगों को झकझोर दिया है। नारायणी नदी में बाढ़ के पानी के साथ बहकर आए एक महिला के शव से सोने की बालियां निकालने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस ने सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो के आधार पर मामले में कार्रवाई की। वीडियो में दो लोगों को कथित तौर पर बाढ़ में बहकर आए महिला के शव के पास जाते और उसके कानों से गहने निकालते हुए देखा गया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने प्राकृतिक आपदा के दौरान मानवीय संवेदनाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
नेपाल में बाढ़ से सैकड़ों मौतें, हजारों प्रभावित
26 अगस्त को नेपाल में आई भीषण बाढ़ ने देश के कई हिस्सों को प्रभावित किया। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक नेपाल में अब तक 626 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,426 लोग लापता बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनका अपने परिवारों से संपर्क नहीं हो पाया है।
इसके अलावा 517 विदेशी नागरिकों के भी लापता होने की जानकारी सामने आई है। राहत और बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार तलाशी अभियान चला रही हैं।
बाढ़ के कारण कई घरों, सड़कों, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। कई इलाकों में सड़क संपर्क टूटने के कारण राहत टीमों के लिए प्रभावित लोगों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है।
ग्लेशियर धंसने के बाद अचानक बढ़ा नदी का जलस्तर
इस आपदा की शुरुआत नेपाल के रसुवा जिले के ऊपरी भोटेकोशी क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है। 26 अगस्त को ग्लेशियर के धंसने और बड़ी मात्रा में चट्टान तथा मलबा नदी में गिरने के बाद भोटेकोशी नदी में अचानक पानी और मलबे का प्रवाह बढ़ गया।

तेज बहाव भोटेकोशी से होते हुए त्रिशूली नदी तक पहुंचा। इसके बाद रसुवा, नुवाकोट, धादिंग, चितवन और आसपास के क्षेत्रों में बाढ़ का असर फैल गया।
पानी के साथ बहकर आए मलबे ने कई इलाकों में घरों और सड़कों को अपनी चपेट में लिया। पुलों को नुकसान पहुंचा और कई स्थानों पर संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए। बाढ़ के तेज बहाव ने स्थानीय लोगों को अचानक अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर जाने पर मजबूर कर दिया।
राहत अभियान के साथ कानून-व्यवस्था भी चुनौती
बड़ी प्राकृतिक आपदा के दौरान प्रशासन के सामने केवल लोगों को बचाने और राहत पहुंचाने की चुनौती नहीं होती, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी महत्वपूर्ण होता है। बैंक लॉकर से नकदी निकालने और शव से गहने चोरी करने जैसे मामलों ने इस चुनौती को और बढ़ा दिया है।
पुलिस प्रभावित इलाकों में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी और गिरफ्तार लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।
बाढ़ के बाद कई इलाकों में बड़ी संख्या में सामान और मलबा पानी के साथ बहकर अलग-अलग स्थानों पर पहुंच गया है। ऐसे में प्रशासन के लिए यह पता लगाना भी जरूरी है कि बरामद वस्तुएं किसकी हैं और उन्हें किस परिस्थिति में कब्जे में लिया गया।
लापता लोगों की तलाश अब भी जारी
नेपाल में बाढ़ के बाद सबसे बड़ी प्राथमिकता लापता लोगों को खोजने और प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की है। कई क्षेत्रों में मलबा जमा होने के कारण खोज अभियान मुश्किल हो गया है।
सुरक्षा एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन उपलब्ध संसाधनों के जरिए प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं। जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हैं, वहां वैकल्पिक रास्तों और अन्य माध्यमों से पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण परिवार अपने प्रियजनों की जानकारी का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और लापता लोगों के रिकॉर्ड को अपडेट करने का काम भी जारी है।
बाढ़ ने नेपाल के बुनियादी ढांचे को पहुंचाया बड़ा नुकसान
इस आपदा ने नेपाल के पहाड़ी और नदी किनारे बसे क्षेत्रों की संवेदनशीलता को एक बार फिर सामने ला दिया है। बाढ़ के कारण सड़कें टूटने, पुलों के बहने और संपर्क व्यवस्था प्रभावित होने से राहत कार्यों की गति पर असर पड़ा है।
भोटेकोशी और त्रिशूली नदी क्षेत्र में भारी नुकसान के बाद प्रभावित इलाकों में सामान्य जनजीवन बहाल करना लंबी प्रक्रिया हो सकती है। प्रशासन के सामने राहत सामग्री पहुंचाने के साथ-साथ क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दोबारा खड़ा करने की चुनौती भी है।
जांच से सामने आएगी लॉकर की पूरी कहानी
बैंक लॉकर से नकदी निकाले जाने के मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। 29 लोगों की हिरासत और 92.68 लाख नेपाली रुपये की बरामदगी के बाद अब सबसे अहम सवाल यह है कि लॉकर से कुल कितनी नकदी निकाली गई थी और क्या बरामद रकम पूरी राशि है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लॉकर को किसने तोड़ा, नकदी किन लोगों ने निकाली और क्या इसके बाद रकम आपस में बांटी गई। जांच पूरी होने के बाद ही मामले में शामिल लोगों की वास्तविक भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
नेपाल इस समय एक गंभीर प्राकृतिक आपदा से जूझ रहा है। ऐसे में राहत और बचाव अभियान के साथ चोरी और लूट की घटनाओं पर कार्रवाई भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण है, ताकि प्रभावित क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था कायम रखी जा सके और पीड़ित लोगों का भरोसा बना रहे।









