इज़रायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक में सैकड़ों नई बस्तियों की मंजूरी दी। इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हलचल मचा दी और हमास समर्थक पाकिस्तान के लिए चुनौती पैदा कर दी।
World News: इज़रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने वेस्ट बैंक में सैकड़ों और बस्तियों के निर्माण की मंजूरी देकर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। इस फैसले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाक आर्मी चीफ असीम मुनीर के लिए यह खबर बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। नेतन्याहू के इस कदम ने फ़िलस्तीनी इलाकों में तनाव बढ़ाने के साथ ही हमास के हमदर्द देशों को भी सतर्क कर दिया है।
नेतन्याहू ने दी नई बस्तियों की मंजूरी
इज़रायल के वित्त मंत्री बेज़ालेल स्मोत्रिच ने बुधवार को जानकारी दी कि वेस्ट बैंक के हशमोनाइम में 478, बेतार इलित में 230 और गिवात ज़ेव में 56 आवासीय इकाइयों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। स्मोत्रिच ने इसे “बस्तियों को मज़बूत करने और जीवन, सुरक्षा तथा विकास की निरंतरता सुनिश्चित करने की रणनीतिक चाल” बताया। उनके अनुसार, उनके पद संभालने के बाद वेस्ट बैंक में अब तक कुल 51,370 आवासीय इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय में प्रतिक्रिया
इज़रायल के इस फैसले ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय में भी खलबली मचा दी है। अधिकांश अंतरराष्ट्रीय संगठन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद इस तरह के बस्ती विस्तार को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ मानते हैं। फ़िलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास के प्रवक्ता नबील अबू रुदैनह ने इसे कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह कदम “क्षेत्र में हिंसा और युद्ध के चक्र को बढ़ावा देगा।”
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उन्होंने ट्रम्प प्रशासन से अपील की कि इज़रायल पर दबाव डालकर बस्ती विस्तार रोकने के प्रयास किए जाएँ ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। यह फैसला उस इज़रायली सरकारी दस्तावेज़ के केवल एक महीने बाद आया है जिसमें वेस्ट बैंक के ऐतिहासिक हिस्सों पर कब्ज़े की योजना दिखी थी।
नेतन्याहू की सरकार पर आरोप
अगस्त में इज़रायल ने एक विवादास्पद बस्ती परियोजना को मंजूरी दी थी, जिससे वेस्ट बैंक को व्यावहारिक रूप से दो हिस्सों में बाँटने का खतरा था। इस कदम के बाद फ़िलिस्तीनी और मानवाधिकार संगठनों ने नेतन्याहू सरकार पर आरोप लगाए कि वह बस्ती विस्तार तेज़ करके भविष्य में फ़िलस्तीनी राज्य बनने की संभावना को खत्म करना चाहती है।
1967 के युद्ध के बाद इज़रायल ने वेस्ट बैंक, पूर्वी येरुशलेम और गाज़ा पट्टी पर कब्ज़ा किया था। फ़िलस्तीनियों का दावा है कि यह वे इलाके हैं जिन्हें वे अपने भावी राज्य के लिए चाहते हैं। नेतन्याहू सरकार में बस्ती विस्तार के कट्टर समर्थक दूर-दक्षिणपंथी नेता हावी हैं, जिनमें स्मोत्रिच और सुरक्षा मामलों के मंत्री इतामार बेन-ग्वीर शामिल हैं।
कितनी है वेस्ट बैंक की आबादी
वेस्ट बैंक में अब तक 5 लाख से अधिक यहूदी और विवादित पूर्वी येरुशलेम में 2 लाख से अधिक यहूदी बस्तियाँ बसाई जा चुकी हैं। हाल के महीनों में बस्ती-निवासियों द्वारा फ़िलिस्तीनियों पर हमले भी तेज़ हो गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार कार्यालय के अनुसार, अक्टूबर में औसतन रोज़ आठ हमले हुए। इन हमलों में मस्जिदों का अपवित्र करना, फसलों को नष्ट करना और औद्योगिक इकाइयों में तोड़फोड़ शामिल है।
यह संख्या 2006 से रिकॉर्ड रखे जाने के बाद सबसे अधिक है। नवंबर में 24 तारीख तक कम से कम 136 हमलों की रिपोर्ट दर्ज की गई। इज़रायली अधिकारियों ने इन घटनाओं की कभी-कभार निंदा की, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे फ़िलिस्तीनी आबादी में असुरक्षा और तनाव बढ़ता जा रहा है।









