NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत के बाद विरोध: कैंपस में रातभर प्रदर्शन, CBI जांच की मांग तेज

हरियाणा के NIT कुरुक्षेत्र मे छात्रा सुसाइड के बाद छात्रों ने किया हंगामा, 2 महीने में 4 मौतों का दावा। छात्रों ने CBI जांच और प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग उठी।

हरियाणा के NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा दीक्षा की आत्महत्या के बाद छात्रों ने जमकर हंगामा किया। 2 महीने में 4 सुसाइड का दावा करते हुए छात्रों ने CBI जांच और जिम्मेदार प्रोफेसर पर कार्रवाई की मांग की।

कुरुक्षेत्र: हरियाणा के National Institute of Technology Kurukshetra (NIT कुरुक्षेत्र) में बी-टेक छात्रा दीक्षा दुबे की संदिग्ध आत्महत्या के बाद कैंपस में तनावपूर्ण माहौल बन गया। गुरुवार देर रात से शुरू हुआ छात्रों का विरोध प्रदर्शन शुक्रवार सुबह करीब 3 बजे तक जारी रहा।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संस्थान प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिए और पुलिस को बुलाना पड़ा। इससे नाराज छात्रों ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए।

छात्रा ने हॉस्टल में किया सुसाइड, छोड़ा भावुक नोट

जानकारी के अनुसार, दीक्षा दुबे, जो आर्टिफिशियल एंड डेटा साइंस स्ट्रीम की सेकेंड ईयर की छात्रा थी, ने अपने हॉस्टल रूम में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह बिहार के बक्सर जिले की रहने वाली थी।

घटना से पहले उसने अपनी नोटबुक में एक भावुक संदेश लिखा, जिसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वह उनकी उम्मीदों पर खरी नहीं उतर पाई।

घटनाक्रम: लैब से लौटने के बाद उठाया कदम

घटना के दिन दीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक लैब में थी। इसके बाद वह अपनी एक सहेली के साथ हॉस्टल लौटी। सहेली जहां मेस में खाना खाने चली गई, वहीं दीक्षा सीधे अपने कमरे में चली गई।

जब काफी देर तक वह फोन कॉल का जवाब नहीं दे रही थी, तो सहेली दोपहर करीब 3 बजे उसके कमरे पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। शक होने पर खिड़की से झांककर देखा गया, जहां वह फंदे से लटकी हुई मिली।

तुरंत प्रशासन को सूचना दी गई और बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया।

छात्रों के आरोप: लापरवाही और मानसिक उत्पीड़न

घटना के बाद छात्रों ने संस्थान प्रशासन और फैकल्टी पर गंभीर आरोप लगाए। छात्रों का कहना है कि:

  • सूचना देने के बावजूद हॉस्टल वार्डन ने तुरंत दरवाजा नहीं खुलवाया
  • हेल्थ टीम ने बिना सही जांच के बाहर से देखकर ही छात्रा को मृत घोषित कर दिया
  • शव लंबे समय तक फंदे पर लटका रहा, समय पर मदद नहीं मिली

इसके अलावा छात्रों ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने प्रोफेसरों से सवाल किए, तो उन्हें डांटा गया और उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया।

प्रोफेसरों पर गंभीर आरोप, कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने दावा किया कि कुछ प्रोफेसर छात्रों के साथ मानसिक उत्पीड़न करते हैं और पढ़ाई को लेकर गैर-जिम्मेदार रवैया अपनाते हैं।

छात्रों का आरोप है कि कुछ फैकल्टी सदस्यों ने यहां तक कहा कि “हमारी सरकारी नौकरी है, हम पढ़ाएं या न पढ़ाएं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

इसके अलावा छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मुद्दा उठाने पर जबरन छुट्टी पर भेजा जा रहा है, ताकि मामले को दबाया जा सके।

NIT कुरुक्षेत्र में छात्रा की मौत के बाद विरोध: कैंपस में रातभर प्रदर्शन, CBI जांच की मांग तेज

CBI जांच’ और सस्पेंशन की मांग

छात्रों ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच की मांग की है। साथ ही, उन्होंने एक प्रोफेसर पर आरोप लगाया कि उन्होंने छात्रा को ब्रह्मसरोवर जाकर आत्महत्या करने की बात कही थी।

इसके अलावा, स्पोर्ट्स इंचार्ज शहाबुद्दीन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग उठाई गई। छात्रों ने स्पष्ट कहा कि जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे।

पुलिस और प्रशासन की भूमिका

स्थिति को संभालने के लिए स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत की। करीब छह घंटे तक चले विरोध के बाद संस्थान के डायरेक्टर प्रो. ब्रह्मजीत छात्रों के बीच पहुंचे और उनकी मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया।

प्रशासन ने स्पोर्ट्स इंचार्ज पर कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद छात्रों ने अस्थायी रूप से प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन फिर से शुरू किया जाएगा।

पुलिस अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया कि छात्रों द्वारा दी गई शिकायतों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाएगी।

2 महीनों में 4 आत्महत्या के मामले, बढ़ी चिंता

छात्रों का कहना है कि यह कोई अकेली घटना नहीं है। पिछले दो महीनों में संस्थान में चार छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, जिससे कैंपस में चिंता और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

  • 9 अप्रैल: बी-टेक थर्ड ईयर के छात्र प्रियांशु वर्मा ने आत्महत्या की
  • 31 मार्च: सेकेंड ईयर के छात्र पवन कुमार ने जान दी
  • 16 फरवरी: तेलंगाना निवासी छात्र अंगोद शिवा ने हॉस्टल में सुसाइड किया

लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाओं ने छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और संस्थान की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और संस्थागत जिम्मेदारी पर बहस

यह घटना उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, दबाव और संस्थागत समर्थन प्रणाली की कमी को उजागर करती है।

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