Morgan Stanley के विश्लेषकों का अनुमान है कि सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 1,07,000 तक पहुँच सकता है। वर्ष 2025 में कमजोर प्रदर्शन के बाद निवेशकों को शॉर्ट टर्म में राहत और संभावित लंबी अवधि में जोखिम का ध्यान रखना होगा।
Sensex: ग्लोबल ब्रोकरेज हाउस Morgan Stanley के एनालिस्ट्स का अनुमान है कि प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 1,07,000 के स्तर तक पहुंच सकता है। यह मौजूदा लेवल से करीब 26 फीसदी की तेजी दिखाता है। मॉर्गन स्टेनली ने पहले ही जून 2026 तक सेंसेक्स के 1,00,000 के स्तर को छूने की संभावना 30 प्रतिशत जताई थी।
वर्ष 2025 में कमजोर प्रदर्शन
मॉर्गन स्टेनली के अनुसार वर्ष 2025 भारत के लिए उभरते बाजारों की तुलना में 1994 के बाद सबसे कमजोर प्रदर्शन वाला साल रहा। उनके अनुसार रिलेटिव वैल्यूएशन में सुधार हुआ है और यह संभवत अक्टूबर 2025 में अपने निचले स्तर पर पहुंच चुका है।
आने वाले महीनों में संभावित ग्रोथ
एनालिस्ट्स ने कहा कि आने वाले महीनों में भारत सकारात्मक ग्रोथ सरप्राइज दे सकता है और बाजारों में री-रेटिंग की संभावना बन रही है। उनके बेस-केस परिदृश्य में दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स का स्तर 95,000 रहने का अनुमान है, जिसकी संभावना 50 प्रतिशत बताई गई है। इसमें मैक्रो स्थिरता, राजकोषीय समेकन, निजी निवेश की बढ़ोतरी, मजबूत घरेलू वृद्धि, स्थिर वैश्विक विकास और नरम कच्चे तेल की कीमतें शामिल हैं।
शॉर्ट टर्म में राहत की उम्मीद
Morgan Stanley के मैनेजिंग डायरेक्टर और चीफ इंडिया इक्विटी स्ट्रैटेजिस्ट रिधम देसाई के अनुसार, आने वाले हफ्तों में भारत-अमेरिका टैरिफ विवाद का समाधान और शॉर्ट टर्म में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की कटौती निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2027-28 तक सेंसेक्स की कमाई सालाना 17 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है।
बाजार पर जोखिम
लेकिन निवेशकों को बड़े जोखिमों का भी ध्यान रखना होगा। अगर कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चली जाती है या वैश्विक विकास धीमा हो जाता है और अमेरिका मंदी में चला जाता है, तो सेंसेक्स 76,000 तक गिर सकता है। इसके अलावा भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड संबंध खराब होने पर बाजार पर दबाव बढ़ सकता है और वित्त वर्ष 2025-28 के दौरान सेंसेक्स की कमाई बढ़ोतरी केवल 15 फीसदी तक सीमित रह सकती है।










