नोएडा की डीएम आईएएस मेधा रूपम अपने प्रशासनिक कार्यों और सख्त फैसलों को लेकर चर्चा में रहती हैं। आगरा में जन्मी मेधा रूपम ने UPSC 2013 में 10वीं रैंक हासिल की थी। उनकी शिक्षा दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से हुई और वर्तमान में वे गौतम बुद्ध नगर की जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।
IAS मेधा रूपम प्रोफाइल: नोएडा की जिलाधिकारी आईएएस मेधा रूपम गौतम बुद्ध नगर में प्रशासनिक जिम्मेदारी संभाल रहीं 2014 बैच की आईएएस अधिकारी मेधा रूपम मूल रूप से उत्तर प्रदेश के आगरा की रहने वाली हैं। 21 अक्टूबर 1990 को जन्मी मेधा रूपम ने 2013 की UPSC सिविल सेवा परीक्षा में 10वीं रैंक हासिल की थी। यह प्रोफाइल उनके करियर, शिक्षा, सैलरी और मौजूदा पोस्टिंग से जुड़ी जानकारी को दर्शाती है, जहां वे 2025 से नोएडा डीएम के पद पर कार्यरत हैं और औद्योगिक क्षेत्र में अहम भूमिका निभा रही हैं।
आगरा से UPSC टॉप रैंक तक का सफर
आईएएस मेधा रूपम का जन्म 21 अक्टूबर 1990 को आगरा में हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा केरल में नेवल पब्लिक स्कूल एर्नाकुलम और सेंट थॉमस स्कूल तिरुवनंतपुरम से हुई।
इसके बाद उन्होंने दिल्ली के St. Stephen’s College से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया। उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2013 में ऑल इंडिया 10वीं रैंक हासिल कर देशभर में पहचान बनाई। पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी उनकी रुचि रही है, जहां उन्होंने केरल स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में तीन गोल्ड मेडल जीते थे।

प्रशासनिक करियर और अब तक की पोस्टिंग
मेधा रूपम ने अपने करियर में मेरठ, बागपत, हापुड़ और कासगंज जैसे कई जिलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। 29 जुलाई 2025 से वे गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) की डीएम के रूप में कार्यरत हैं।
उनकी प्रशासनिक पहचान उनके कामकाज और जमीन पर लिए गए फैसलों से बनी है। नोएडा जैसे औद्योगिक जिले में उनकी भूमिका लगातार चर्चा में रहती है, खासकर कानून व्यवस्था और औद्योगिक समन्वय को लेकर।
IAS मेधा रूपम की सैलरी और सुविधाएं
आईएएस अधिकारियों की सैलरी केंद्र सरकार के वेतनमान के अनुसार तय होती है। मेधा रूपम जूनियर एडमिनिस्ट्रेटिव ग्रेड (लेवल 12) में आती हैं, जहां बेसिक सैलरी लगभग 78,800 रुपये प्रतिमाह होती है।
इसके अलावा उन्हें महंगाई भत्ता, सरकारी आवास, वाहन, मेडिकल सुविधा और अन्य प्रशासनिक भत्ते भी मिलते हैं। कुल मिलाकर यह पद न सिर्फ आर्थिक रूप से मजबूत है, बल्कि जिम्मेदारी और सम्मान के लिहाज से भी बेहद अहम माना जाता है।









