नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 14 जून से ई-बस सेवाएं शुरू की जाएंगी। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड से कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए बस रूट तैयार किए गए हैं, जबकि किराया 10 से 50 रुपये के बीच रखा गया है।
ग्रेटर नोएडा: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन से पहले यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार की जा रही है। 14 और 15 जून से शुरू होने वाली ई-बस सेवाओं के जरिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड के प्रमुख शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ा जाएगा। कम किराया और बेहतर कनेक्टिविटी इस योजना की प्रमुख विशेषता होगी।
14 जून से शुरू होगा बसों का संचालन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से पहले यात्रियों के लिए परिवहन सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। इसी कड़ी में 14 और 15 जून से विभिन्न रूटों पर बस सेवाएं शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा से इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा, जिससे यात्रियों को सुविधाजनक और किफायती यात्रा का विकल्प मिलेगा।
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योजना के अनुसार, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख क्षेत्रों से एयरपोर्ट तक जाने वाली ई-बसों का किराया 10 रुपये से 50 रुपये के बीच रखा गया है। बॉटनिकल गार्डन से सीधे एयरपोर्ट तक यात्रा करने वाले यात्रियों को 50 रुपये का किराया देना होगा। अधिकारियों का मानना है कि कम किराया सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने में मदद करेगा।
कई राज्यों से मिलेगा सीधा कनेक्शन
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों से जोड़ने की योजना बनाई गई है। दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) कश्मीरी गेट, सराय काले खां, आनंद विहार और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख केंद्रों से बस सेवाएं संचालित करेगा।
वहीं उत्तराखंड परिवहन निगम देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश और हल्द्वानी से बसों का संचालन करेगा। हरियाणा रोडवेज भी चंडीगढ़, गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल जैसे शहरों से एयरपोर्ट तक सीधी बस सेवा उपलब्ध कराने की तैयारी कर रहा है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश परिवहन निगम भी राज्य के प्रमुख शहरों को एयरपोर्ट से जोड़ने के लिए रूट तैयार कर रहा है।
सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक चलेंगी बसें
प्रारंभिक चरण में ई-बसों का संचालन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों की संख्या बढ़ने और मांग के आधार पर भविष्य में बसों की संख्या और समय-सारिणी में विस्तार किया जा सकता है। एयरपोर्ट तक पहुंचने के लिए उबर, ओला और रैपिडो जैसी ऐप आधारित टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध रहेंगी।
इसके अलावा महिंद्रा लॉजिस्टिक्स के साथ विशेष इलेक्ट्रिक टैक्सी सेवा की व्यवस्था भी की गई है, जिससे यात्रियों को पर्यावरण अनुकूल और प्रीमियम यात्रा विकल्प मिल सकेगा।
चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार
एयरपोर्ट के लिए संचालित होने वाली 35 ई-बसों को 15 जून से पहले सेवा में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इनके संचालन को सुचारु बनाए रखने के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट परिसर में 20 चार्जिंग प्वाइंट स्थापित किए गए हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर भी चार अलग-अलग स्थानों पर चार्जिंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। यीडा के अधिकारियों के अनुसार, फास्ट चार्जिंग तकनीक की मदद से बसें करीब आधे घंटे में 80 प्रतिशत तक चार्ज हो सकेंगी। इससे लंबी दूरी की सेवाओं के संचालन में किसी तरह की बाधा नहीं आएगी।
यात्रियों को मिलेगा टोल से राहत
दिल्ली-एनसीआर और आगरा-मथुरा क्षेत्र से आने वाले यात्रियों के लिए एक और राहत की खबर है। यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट से एयरपोर्ट तक जाने वाले वाहनों से किसी प्रकार का टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा। इससे यात्रियों का सफर अधिक किफायती और सुविधाजनक होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ शुरू होने वाली यह नई परिवहन व्यवस्था न केवल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाएगी, बल्कि दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के बीच बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी बढ़ावा देगी।









