नोरा फतेही ने फेमिनिज्म पर दिए पुराने बयान पर दी सफाई, बोलीं- 'मैं कट्टरता के खिलाफ हूं'

Nora Fatehi ने अपने पुराने फेमिनिज्म वाले बयान पर सफाई देते हुए कहा है कि वह किसी भी तरह की कट्टरता के खिलाफ हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर

Nora Fatehi हाल ही में अपने गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर विवादों में रही हैं, और अब उन्होंने फेमिनिज्म पर दिए गए अपने बयान को लेकर उठे विवाद पर भी प्रतिक्रिया दी है।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: बॉलीवुड अभिनेत्री और डांसर नोरा फतेही एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह उनका हालिया बयान है, जिसमें उन्होंने फेमिनिज्म (नारीवाद) पर दिए गए अपने पुराने विवादित कमेंट्स को लेकर सफाई दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके विचारों को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया था और वे किसी भी प्रकार की कट्टरता के खिलाफ हैं।

यह विवाद तब फिर से सामने आया जब उनका 2024 का एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने कहा था कि “फेमिनिज्म ने हमारे समाज को बर्बाद कर दिया है।” इस बयान के बाद उन्हें आलोचना का सामना करना पड़ा था। अब उन्होंने इस पूरे मामले पर विस्तार से अपनी बात रखी है।

“मेरे बयान को गलत तरीके से पेश किया गया”

हाल ही में सोशल मीडिया पर्सनालिटी लिली सिंह के साथ बातचीत में नोरा फतेही ने कहा कि उनके पुराने इंटरव्यू के कुछ हिस्सों को एडिट करके वायरल किया गया, जिससे उनके विचारों की गलत व्याख्या हुई। उन्होंने कहा कि, “मैंने पिछले साल एक पॉडकास्ट में फेमिनिज्म पर बातचीत की थी, लेकिन उसके छोटे-छोटे क्लिप्स को सोशल मीडिया पर इस तरह फैलाया गया कि पूरा संदर्भ ही बदल गया। लोग पूरी बात समझे बिना प्रतिक्रिया देने लगे।”

नोरा फतेही ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा कि वे नारीवाद के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि उसके उग्र या अतिवादी रूप का विरोध करती हैं। उन्होंने कहा, मैं किसी भी विचारधारा की कट्टरता के खिलाफ हूं—चाहे वह फेमिनिज्म हो या कुछ और। मेरा मानना है कि हर चीज में संतुलन होना चाहिए। उनका यह बयान इस बात की ओर इशारा करता है कि वे महिलाओं की स्वतंत्रता और अधिकारों का समर्थन करती हैं, लेकिन इसे एक संतुलित सामाजिक ढांचे के भीतर देखती हैं।

परिवार और सामाजिक संतुलन पर जोर

नोरा फतेही ने फेमिनिज्म पर दिए पुराने बयान पर दी सफाई, बोलीं- 'मैं कट्टरता के खिलाफ हूं'

बातचीत के दौरान नोरा फतेही ने परिवार की भूमिका पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों के विकास में एक स्थिर और सुरक्षित पारिवारिक माहौल का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, “मैं मानती हूं कि बच्चों के लिए दो अभिभावकों की मौजूदगी महत्वपूर्ण होती है—चाहे वे माता-पिता हों या किसी भी स्वरूप में हों। एक ऐसा वातावरण जहां प्यार, सुरक्षा और अनुशासन हो, वही सबसे बेहतर है।”

नोरा फतेही ने समाज में पुरुषों की भूमिका पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाओं को मजबूत और स्वतंत्र बनने के लिए प्रेरित किया जा रहा है, लेकिन पुरुषों को भी अपनी जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा, “हम ऐसा माहौल क्यों बना रहे हैं जहां महिलाएं पूरी तरह आत्मनिर्भर बनकर यह महसूस करें कि उन्हें किसी की जरूरत नहीं है? क्या हम मजबूत और स्वतंत्र होते हुए भी एक-दूसरे की जरूरत महसूस नहीं कर सकते?

उनका मानना है कि एक स्वस्थ समाज के लिए पुरुषों और महिलाओं के बीच सहयोग और संतुलन जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि पुरुषों को आगे आकर जिम्मेदारी निभानी चाहिए और परिवार व समाज में बराबरी की भागीदारी करनी चाहिए।

2024 के बयान पर विवाद क्यों हुआ?

दरअसल, 2024 में नोरा फतेही ने यूट्यूब क्रिएटर रणवीर अल्लाहबादिया के पॉडकास्ट में फेमिनिज्म पर अपने विचार व्यक्त किए थे। उस दौरान उन्होंने कहा था कि “फेमिनिज्म ने समाज को नुकसान पहुंचाया है,” खासकर जब यह उग्र रूप ले लेता है। उन्होंने यह भी कहा था कि पारंपरिक पारिवारिक भूमिकाएं पूरी तरह गलत नहीं हैं और महिलाओं को करियर के साथ-साथ परिवार की जिम्मेदारियों को भी निभाने के लिए तैयार रहना चाहिए। इसी बयान को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई थी।

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