राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 के पांच छात्रों द्वारा OMR शीट को लेकर किए गए दावों को खारिज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई कुछ OMR तस्वीरें डिजिटल रूप से बदली गई या AI की मदद से तैयार की गई प्रतीत होती हैं।
नई दिल्ली: NEET UG 2026 के परिणाम को लेकर उठे विवाद के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने पांच अभ्यर्थियों के आरोपों पर अपना पक्ष सार्वजनिक किया है। एजेंसी ने कहा है कि संबंधित मामलों में उसके रिकॉर्ड के अनुसार घोषित परिणाम सही हैं और सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ OMR शीट की तस्वीरों में डिजिटल बदलाव के संकेत मिले हैं।
NTA ने सार्वजनिक रूप से जारी किया स्पष्टीकरण
NEET UG 2026 के परिणाम घोषित होने के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने OMR शीट और प्राप्त अंकों को लेकर सोशल मीडिया पर सवाल उठाए थे। इनमें आर्या सिंह, अभय यादव, लक्ष्य सिंह, प्रतिभा त्रिवेदी और अवनीश श्रीवास्तव के नाम प्रमुख रहे। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए NTA ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच X पर विस्तृत जानकारी साझा की।
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एजेंसी ने कहा कि संबंधित मामलों की जांच के बाद उसके रिकॉर्ड में कोई विसंगति नहीं मिली है। NTA के अनुसार, जिन OMR शीट की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित की गईं, उनमें से कुछ डिजिटल रूप से बदली हुई या AI आधारित तकनीकों की मदद से तैयार की गई प्रतीत होती हैं।
अभ्यर्थियों के दावों पर NTA का पक्ष
NTA ने प्रत्येक मामले में अपने रिकॉर्ड के आधार पर प्राप्त अंकों और OMR शीट का विवरण साझा किया। एजेंसी के अनुसार, अभय यादव के मामले में रिकॉर्ड के अनुसार 44 प्रश्न अनुत्तरित थे और घोषित 164 अंक सही पाए गए। लक्ष्य सिंह के मामले में भी NTA ने कहा कि सोशल मीडिया पर साझा की गई OMR शीट में अतिरिक्त उत्तर डिजिटल रूप से जोड़े गए थे, जबकि एजेंसी के रिकॉर्ड के अनुसार उनका स्कोर 116 अंक है।
प्रतिभा त्रिवेदी के मामले में NTA ने कहा कि प्रसारित OMR शीट उसकी मूल प्रति नहीं है और उसमें डिजिटल बदलाव किए गए हैं। एजेंसी ने उनके 38 अंकों के परिणाम को सही बताया।
अवनीश श्रीवास्तव के मामले में NTA ने दावा किया कि सोशल मीडिया पर साझा की गई OMR शीट में पहचान संबंधी विवरण बदले गए थे और उसमें मौजूद नाम तथा अभिभावकों की जानकारी NEET 2026 के किसी भी पंजीकृत अभ्यर्थी से मेल नहीं खाती। एजेंसी ने उनके 337 अंकों के परिणाम को सही बताया।
कानपुर की आर्या सिंह के मामले में भी NTA ने कहा कि वायरल OMR शीट में निरीक्षक के हस्ताक्षर का समय सहित कई विवरण डिजिटल रूप से बदले गए थे। एजेंसी के अनुसार उनका घोषित स्कोर 167 अंक ही सही है।
फर्जी दस्तावेजों पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
NTA ने कहा है कि परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना या फर्जी दस्तावेज तैयार करना गंभीर मामला है। एजेंसी के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से बदलकर प्रसारित करता है, तो उसके खिलाफ Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
NTA ने यह भी दोहराया कि OMR शीट और उत्तर कुंजी चुनौती अवधि के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों को उनके पंजीकृत ईमेल पर उपलब्ध कराई गई थी। एजेंसी का कहना है कि उसके रिकॉर्ड के अनुसार घोषित परिणामों में कोई त्रुटि नहीं पाई गई है। हालांकि, यदि किसी अभ्यर्थी को परिणाम या परीक्षा प्रक्रिया से संबंधित कोई आपत्ति है, तो वह निर्धारित आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।








