Election Commission of India ने ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को Biju Janata Dal (बीजद) की शिकायत पर सुनवाई करने का निर्देश दिया है। यह मामला 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है, जिसमें दो भाजपा विधायकों को कथित तौर पर दूसरा मतपत्र जारी किए जाने का आरोप लगाया गया है।
नई दिल्ली: ओडिशा में हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। मामले में नया मोड़ तब आया जब दो विधायकों को कथित रूप से दोबारा मतपत्र जारी किए जाने पर गंभीर सवाल उठाए गए। अब इस पूरे प्रकरण पर Election Commission of India ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच और सुनवाई के आदेश जारी किए हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त Gyanesh Kumar ने निर्देश दिया है कि ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) इस मामले में सभी संबंधित पक्षों की सुनवाई करें और तथ्यात्मक जांच सुनिश्चित करें।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 16 मार्च को हुए राज्यसभा चुनाव से जुड़ा है, जिसमें Odisha में मतदान प्रक्रिया के दौरान दो भाजपा विधायकों—उपासना मोहपात्रा और पूर्ण चंद्र सेठी—को कथित रूप से दूसरा मतपत्र जारी किया गया। Biju Janata Dal (बीजद) ने इस घटना पर आपत्ति जताते हुए चुनाव आयोग को शिकायत सौंपी है। पार्टी का कहना है कि पहले मतपत्र पर निशान लगने के बाद दूसरा मतपत्र जारी किया जाना चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है।
बीजद सांसद Sasmita Patra ने मुख्य चुनाव आयुक्त को दिए गए ज्ञापन में इस घटना को गंभीर अनियमितता बताया है। उनका कहना है कि इस तरह की प्रक्रिया चुनावी नियमों और मतदान की गोपनीयता के सिद्धांतों के खिलाफ हो सकती है। पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि इस तरह की घटनाओं की स्पष्ट जांच नहीं होती, तो भविष्य में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

चुनाव आयोग का निर्देश: प्राथमिकता के साथ सुनवाई
इस मामले में चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है। अवर सचिव राजेश कुमार सिंह द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि ओडिशा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को इस शिकायत पर “प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई” करनी होगी। आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी पक्षों को सुनने के बाद विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए, ताकि मामले में पारदर्शिता बनी रहे।
बीजद ने चुनाव आयोग की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। पार्टी ने कहा कि आयोग की त्वरित प्रतिक्रिया लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनता के विश्वास को मजबूत करती है। बीजद ने यह भी दोहराया कि वह पूरी तरह से पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही की पक्षधर है। पार्टी का कहना है कि उसका प्रतिनिधिमंडल ओडिशा के CEO के सामने सभी तथ्य और चिंताएं विस्तार से रखेगा।
इस विवाद ने एक बार फिर भारत की चुनावी प्रक्रिया की सटीकता और पारदर्शिता पर चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता, चाहे वह तकनीकी हो या प्रक्रियात्मक, लोकतांत्रिक व्यवस्था पर असर डाल सकती है।












