AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत अर्जी खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस पर निशाना साधा है। ओवैसी ने कांग्रेस को Unlawful Activities (Prevention) Act यानी UAPA में संशोधन करने के लिए जिम्मेदार ठहराया।
नई दिल्ली: AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने Unlawful Activities (Prevention) Act (UAPA) के कड़े प्रावधानों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है। उन्होंने UAPA में संशोधन में कांग्रेस की कथित भूमिका की जमकर आलोचना की और आरोप लगाया कि जब पी. चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे, तब कांग्रेस ने इस कानून में संशोधन किया था। ओवैसी ने कहा कि इसी वजह से उमर खालिद और शरजील इमाम सहित कई अंडरट्रायल कैदी लंबे समय तक जेल में रखे जा रहे हैं।
ओवैसी का कांग्रेस पर आरोप
धुले में एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने कहा,
'सुप्रीम कोर्ट ने 2 अंडरट्रायल आरोपियों को बेल नहीं दी और कोर्ट ने जमानत न देने की वजहों का स्पष्टीकरण भी दिया। कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने UAPA में संशोधन किया और इसमें आतंकवाद की परिभाषा शामिल की गई।'
ओवैसी ने आरोप लगाया कि पी. चिदंबरम के केंद्रीय गृह मंत्री रहते हुए कांग्रेस ने UAPA के कड़े प्रावधानों को लागू किया, जिससे उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे आरोपियों की हिरासत लंबी हो गई। उन्होंने इसे “अल्पसंख्यकों के खिलाफ अनुचित कानून” बताया और कहा कि इसके कारण 180 दिनों तक बिना चार्जशीट के हिरासत में रखने की अनुमति मिलती है।

UAPA और सेक्शन 43D का महत्व
ओवैसी ने UAPA के सेक्शन 43D का जिक्र किया, जो अंडरट्रायल कैदियों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इस सेक्शन के तहत: बिना चार्जशीट दाखिल किए 180 दिनों तक किसी आरोपी को हिरासत में रखा जा सकता है। इसका दुरुपयोग अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ किया जा रहा है। ओवैसी ने कहा,
'मैंने कहा था कि जमीनी हकीकत यह है कि सच और उम्मीद में बहुत बड़ा अंतर है। वर्दीधारी आदमी नफरत की भावना रखता है। मुस्लिम अक़्लियात के अनुसार यह एक सच्चाई है। मैं पूरे भरोसे के साथ कह सकता हूं कि उनको 180 दिनों के लिए हिरासत में लिया जाएगा।'
यह बयान सुप्रीम कोर्ट द्वारा उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल खारिज किए जाने के तुरंत बाद आया।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला और बाकी आरोपियों की स्थिति
सुप्रीम कोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उमर खालिद और शरजील इमाम की बेल अर्जी खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा उर रहमान, शादाब अहमद और मोहम्मद सलीम खान को जमानत दे दी। इस फैसले के बाद ओवैसी ने कहा कि यह मामला कानूनी जटिलताओं और UAPA के संशोधनों के कारण लंबित है। उनका तर्क है कि कांग्रेस ने UAPA को इतना सख्त बनाया कि अंडरट्रायल कैदियों के लिए बेल पाना कठिन हो गया।
ओवैसी का बयान इस बात की ओर भी इशारा करता है कि अल्पसंख्यक नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कानून का इस्तेमाल राजनीतिक तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के समय किए गए संशोधन अब भी अंडरट्रायल कैदियों की लंबी हिरासत का कारण हैं।










