पाकिस्तान में इमरान खान की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि कई सांसद सेना के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। ISPR टिप्पणी, PTI पर दुष्प्रचार के आरोप और राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाओं ने हालात को और ज्यादा तनावपूर्ण बना दिया है।
Pakistan: जेल में बंद इमरान खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पाकिस्तान के कई सांसद और विरोधी दल अब खुलकर सेना के समर्थन में सामने आ रहे हैं। इन नेताओं ने कहा है कि इमरान खान और उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) लगातार राज्य संस्थाओं को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार PTI पर आरोप है कि वह राज्य विरोधी बयान जनता के बीच फैला रही है।
सर्फराज़ बुगती का गंभीर आरोप
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री और पीपीपी नेता सर्फराज बुगती ने इमरान खान पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया है कि PTI सेना के खिलाफ दुष्प्रचार (propaganda) कर रही है। बुगती के अनुसार यह दुष्प्रचार शत्रुतापूर्ण एजेंसियों के एजेंडे के अनुरूप है और इससे देश की सुरक्षा और स्थिरता को खतरा पैदा होता है। उन्होंने कहा कि सेना की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले बयान किसी भी तरह स्वीकार नहीं किए जा सकते।
ISPR की टिप्पणी से विवाद गहरा
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इस पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब ISPR के प्रवक्ता ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इमरान खान को आत्ममुग्ध और मानसिक रूप से अस्थिर बताया। ISPR का आरोप था कि इमरान खान सेना को निशाना बनाकर सुरक्षा माहौल को अस्थिर कर रहे हैं। इसके तुरंत बाद PTI ने इस बयान पर आपत्ति जताई। PTI की आपत्ति के बाद कई सांसद और राजनीतिक दल सेना के समर्थन में एकजुट हो गए।
राष्ट्रीय एकता पर खतरे की चेतावनी
पाकिस्तान सरकार में योजना मंत्री अहसान इकबाल ने एक्स प्लेटफॉर्म पर कहा कि इमरान खान के बयान बेहद गैर जिम्मेदाराना हैं। उन्होंने लिखा कि इस तरह की बयानबाज़ी देश की अर्थव्यवस्था को कमजोर कर सकती है और राष्ट्रीय एकता को नुकसान पहुंचा सकती है। इकबाल ने चेतावनी दी कि राज्य संस्थाओं और सशस्त्र बलों पर हमला करने से जनता का विश्वास घटेगा। उन्होंने कहा कि सेना देश की सीमाओं की रक्षा करती है और उसके खिलाफ गलत बयानबाजी देशहित में नहीं है।
MQM-P ने PTI पर लगाया आरोप
डॉन की रिपोर्ट के अनुसार MQM-P के वरिष्ठ नेताओं ने भी PTI पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। MQM-P अध्यक्ष खालिद मकबूल सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि PTI राजनीतिक रास्ते से भटक गई है। उन्होंने कहा कि आरोपों का जवाब न्यायिक या संवैधानिक मंचों पर देने के बजाय PTI सड़क की राजनीति कर रही है।









