एजबेस्टन टेस्ट से पहले पाकिस्तान टीम में नया विवाद, PCB ने कुछ खिलाड़ियों के फोन कस्टडी में लिए

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले PCB ने पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कस्टडी में लिए हैं। बोर्ड ने फिलहाल कार्रवाई की वजह नहीं बताई है।

इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे टेस्ट से पहले PCB ने पाकिस्तान के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपनी कस्टडी में लिए हैं। फोन टेस्ट खत्म होने तक बोर्ड के पास रहेंगे। PCB ने खिलाड़ियों के नाम और कार्रवाई की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं की है।

स्पोर्ट्स न्यूज़: इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे और आखिरी टेस्ट से पहले पाकिस्तान क्रिकेट टीम को लेकर एक नया मामला सामने आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टीम के कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपनी कस्टडी में ले लिए हैं। ये फोन तीसरा टेस्ट खत्म होने तक बोर्ड के पास रहने की बात कही गई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन खिलाड़ियों के फोन लिए गए हैं और PCB ने यह कदम किस वजह से उठाया है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पाकिस्तान इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में 0-2 से पीछे है। शुरुआती दोनों मुकाबलों में बड़ी हार के बाद टीम में कई बदलाव किए गए हैं। अब तीसरा टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन में खेला जाना है।

PCB ने कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कस्टडी में लिए

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन अपने पास रख लिए हैं और ये डिवाइस तीसरे टेस्ट के समाप्त होने तक खिलाड़ियों को वापस नहीं दिए जाएंगे।

इस कार्रवाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण सवाल फिलहाल अनुत्तरित हैं। PCB ने सार्वजनिक रूप से यह नहीं बताया है कि कितने और किन खिलाड़ियों के फोन कस्टडी में लिए गए हैं। इसके अलावा बोर्ड की ओर से इस कदम का आधिकारिक कारण भी स्पष्ट नहीं किया गया है।

कार्रवाई की वजह सामने नहीं आने के कारण सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर इस कार्रवाई को किसी तरह की मैच फिक्सिंग, स्पॉट फिक्सिंग या भ्रष्टाचार की जांच से जोड़ना उचित नहीं होगा।

PCB या इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ओर से फिलहाल ऐसा कोई बयान सामने नहीं आया है, जिसमें फोन लिए जाने की कार्रवाई को भ्रष्टाचार या मैच फिक्सिंग से संबंधित जांच बताया गया हो।

सामान्य मैच-दिवस नियमों से अलग बताया जा रहा मामला

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में खिलाड़ियों और टीम अधिकारियों के लिए कम्युनिकेशन डिवाइस के इस्तेमाल से संबंधित नियम पहले से लागू हैं। ICC के नियमों के तहत मैच के दौरान ड्रेसिंग रूम सहित निर्धारित प्रतिबंधित क्षेत्रों में खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को मोबाइल फोन या अन्य कम्युनिकेशन डिवाइस रखने अथवा उनका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं होती।

आमतौर पर खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ को ऐसे प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने से पहले अपने डिवाइस सुरक्षित स्थान पर जमा कराने होते हैं। इसका उद्देश्य मैच के दौरान बाहरी संपर्क को नियंत्रित रखना और खेल की अखंडता से संबंधित नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

हालांकि, पाकिस्तान टीम से जुड़ा मौजूदा घटनाक्रम सामान्य मैच-दिवस प्रतिबंध से अलग बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, संबंधित खिलाड़ियों के फोन केवल मैच के दौरान कुछ घंटों के लिए नहीं, बल्कि PCB की कस्टडी में रहेंगे और तीसरा टेस्ट खत्म होने के बाद ही वापस किए जाएंगे।

पाकिस्तान सीरीज में 0-2 से पीछे

फोन कस्टडी में लिए जाने की खबर पाकिस्तान के लिए मुश्किल दौर के बीच सामने आई है। टीम इंग्लैंड के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबले हार चुकी है और तीन मैचों की सीरीज में 0-2 से पीछे है।

पाकिस्तान को पहले टेस्ट में पारी और 103 रन से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद दूसरे टेस्ट में भी टीम वापसी नहीं कर सकी और इंग्लैंड ने मुकाबला 194 रन से जीत लिया।

लगातार दो बड़ी हार के बाद पाकिस्तान के प्रदर्शन और टीम संयोजन पर सवाल उठे हैं। तीसरा मुकाबला अब टीम के लिए सीरीज में सम्मान बचाने का आखिरी मौका होगा।

एजबेस्टन टेस्ट से पहले पाकिस्तान टीम में नया विवाद, PCB ने कुछ खिलाड़ियों के फोन कस्टडी में लिए

तीसरे टेस्ट से पहले टीम में बड़े बदलाव

शुरुआती दोनों मुकाबलों में खराब प्रदर्शन के बाद PCB ने तीसरे टेस्ट से पहले टीम में व्यापक बदलाव किए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सात खिलाड़ियों को टीम से रिलीज किया गया है।

इन खिलाड़ियों में मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा भी शामिल हैं। उनकी जगह नए खिलाड़ियों को टीम में शामिल किया गया है।

इन बदलावों से स्पष्ट है कि टीम प्रबंधन तीसरे टेस्ट के लिए नए संयोजन के साथ उतरने की तैयारी कर रहा है। लगातार दो बड़ी हार के बाद बल्लेबाजी, गेंदबाजी और टीम संतुलन को लेकर किए गए बदलाव एजबेस्टन टेस्ट को पाकिस्तान के लिए और महत्वपूर्ण बनाते हैं।

कोचिंग स्टाफ में भी फेरबदल

खिलाड़ियों के अलावा पाकिस्तान के कोचिंग स्टाफ में भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के मुताबिक, हेड कोच सरफराज अहमद को हटाया गया है और तीसरे टेस्ट के लिए माइक हेसन को जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा गेंदबाजी कोच के पद पर भी बदलाव किया गया है। उमर गुल की जगह एश्ले नॉफके को लाया गया है।

इस तरह तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान टीम के खिलाड़ियों और कोचिंग सेटअप दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। नए कोचिंग स्टाफ के सामने बेहद कम समय में टीम को एजबेस्टन मुकाबले के लिए तैयार करने की चुनौती होगी।

फोन लिए जाने की वजह पर आधिकारिक जानकारी का इंतजार

PCB द्वारा कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन कस्टडी में लिए जाने की वजह स्पष्ट नहीं होने के कारण इस मामले पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक जानकारी के अभाव में इसके पीछे किसी विशेष जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी।

यह भी महत्वपूर्ण है कि ICC के सामान्य नियम अंतरराष्ट्रीय मैचों के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्रों में मोबाइल और अन्य संचार उपकरणों के इस्तेमाल को नियंत्रित करते हैं। मौजूदा रिपोर्ट में फोन तीसरे टेस्ट के अंत तक PCB के पास रहने की बात कही गई है, इसलिए इसे सामान्य मैच-दिवस व्यवस्था से अलग बताया जा रहा है।

PCB की ओर से कार्रवाई की वजह स्पष्ट किए जाने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि खिलाड़ियों के फोन इतनी लंबी अवधि के लिए कस्टडी में रखने का उद्देश्य क्या है।

9 सितंबर से एजबेस्टन में तीसरा टेस्ट

इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच सीरीज का तीसरा और आखिरी टेस्ट 9 सितंबर से बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर खेला जाएगा।

पाकिस्तान के लिए यह मुकाबला कई कारणों से महत्वपूर्ण होगा। टीम पहले ही सीरीज गंवा चुकी है और अब उसकी कोशिश अंतिम टेस्ट जीतकर दौरे का बेहतर अंत करने की होगी।

दो बड़ी हार, सात खिलाड़ियों को रिलीज किए जाने, कोचिंग स्टाफ में बदलाव और अब कुछ खिलाड़ियों के मोबाइल फोन PCB की कस्टडी में लिए जाने की रिपोर्ट ने तीसरे टेस्ट से पहले पाकिस्तान टीम को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल फोन कस्टडी में लिए जाने के कारण को लेकर है। जब तक PCB इस संबंध में आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं देता, तब तक इस घटनाक्रम को मैच फिक्सिंग, भ्रष्टाचार या किसी अन्य जांच से जोड़ने वाले दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मानी जा सकती।

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