झारखंड के पलामू से शुरू हुए महिला नेतृत्व वाले स्टार्टअप स्वधा ने कोलंबो में आयोजित दक्षिण एशियाई मंच पर अपना डेयरी मॉडल प्रस्तुत किया। किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को सशक्त बनाने और गोबर से अतिरिक्त कमाई के अवसर पैदा करने की पहल ने अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का ध्यान आकर्षित किया।
स्वधा डेयरी-टेक स्टार्टअप: झारखंड के पलामू से शुरू हुई स्वधा एग्री प्राइवेट लिमिटेड ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में आयोजित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच पर अपना विकेंद्रीकृत डेयरी मॉडल प्रस्तुत किया। 19 और 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने कंपनी की पहल में रुचि दिखाई। संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहा भारती के नेतृत्व में कंपनी किसानों को उचित मूल्य दिलाने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और गोबर से बायोगैस व जैविक खाद बनाने की संभावनाओं पर काम कर रही है।
पलामू से कोलंबो तक पहुंचा स्वधा का डेयरी मॉडल
झारखंड के पलामू जिले से शुरू हुई महिला नेतृत्व वाली स्वधा एग्री प्राइवेट लिमिटेड ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। कंपनी ने श्रीलंका की राजधानी कोलंबो में 19 और 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित दक्षिण एशिया क्षेत्रीय चक्रीय अर्थव्यवस्था मंच में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का आयोजन सार्क चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से किया गया था।
स्वधा ने इस मंच पर अपना विकेंद्रीकृत डेयरी मॉडल प्रस्तुत किया। इस व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर दूध संग्रह, गुणवत्ता की जांच, शीतलन और ग्राहकों तक आपूर्ति की प्रक्रिया शामिल है। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और डेयरी कारोबार को ग्रामीण परिवारों की आजीविका का मजबूत आधार बनाना है।
कंपनी की संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी नेहा भारती के अनुसार, वर्ष 2021 के लॉकडाउन के दौरान पलामू से शुरू हुए इस स्टार्टअप ने अब तक 10 लाख से अधिक बार दूध की आपूर्ति की है। मंच पर मौजूद दक्षिण एशियाई देशों के प्रतिनिधियों ने इस मॉडल में रुचि दिखाई और अपने देशों में इसकी प्रायोगिक परियोजनाएं शुरू करने की संभावनाओं पर विचार करने का सुझाव दिया।
किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर
स्वधा के अनुसार, कंपनी के नेटवर्क से 1,500 से अधिक किसान जुड़े हुए हैं। इनमें 60 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। कंपनी तकनीक के माध्यम से स्थानीय डेयरी कारोबार को व्यवस्थित करने, दूध की आपूर्ति बेहतर बनाने और किसानों को बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रही है।
दूध की गुणवत्ता जांचने से लेकर ग्राहकों के घर तक आपूर्ति करने की प्रक्रिया को संचालित करने के लिए कंपनी ने तीन मोबाइल ऐप विकसित किए हैं। इनकी मदद से दूध संग्रह और वितरण से जुड़े कार्यों को अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
कंपनी के मुताबिक, पलामू और जगदलपुर में उसके 5,000 से अधिक ग्राहक हैं। स्वधा छोटे डेयरी उद्यमियों को तकनीकी सहायता देकर उनके कारोबार का विस्तार करना चाहती है। इसके तहत स्थानीय डेयरी कारोबारियों को लगभग 200 ग्राहकों से बढ़ाकर 20,000 ग्राहकों तक पहुंचाने में मदद करने की योजना है।
गोबर से बायोगैस और जैविक खाद बनाने की पहल
कोलंबो में आयोजित मंच पर स्वधा के मॉडल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा गोबर से अतिरिक्त आय के अवसर तैयार करना भी रहा। जापान के इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल एनवायरनमेंटल स्ट्रेटजीज ने इस पहल में रुचि दिखाई। संस्थान ने किसानों से गोबर खरीदकर उससे बायोगैस और जैविक खाद बनाने के प्रस्ताव का स्वागत किया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इस परियोजना के लिए विशेषज्ञता और वित्तीय सहयोग देने की संभावनाओं में भी रुचि दिखाई गई। श्रीलंका के फेडरेशन ऑफ चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने भी स्वधा के मॉडल में दिलचस्पी दिखाई। इसके अलावा, शोधकर्ताओं द्वारा इस पहल का अध्ययन करके इसे उदाहरण के रूप में इस्तेमाल करने की संभावना जताई गई।
इस पहल का उद्देश्य डेयरी गतिविधियों से निकलने वाले जैविक संसाधनों का दोबारा उपयोग करके किसानों के लिए अतिरिक्त आय के अवसर पैदा करना है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो किसानों को दूध की बिक्री के साथ-साथ गोबर से भी कमाई करने का अवसर मिल सकता है।
झारखंड सरकार ने सहयोग का भरोसा दिया
कोलंबो में आयोजित कार्यक्रम के बाद नेहा भारती ने झारखंड सरकार के उद्योग निदेशक को कंपनी की पहल और उसके विस्तार की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया गया है।
स्वधा के मॉडल की समीक्षा आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव मोहन कांडा और सीएनआरआई के महासचिव बिनोद आनंद ने भी की थी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोहन कांडा ने इस पहल को नवाचारी बताते हुए इसे बड़े स्तर पर लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
स्वधा को स्टार्टअप नेक्सस, भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ, नैसकॉम, एसटीपीआई, सिडबी और गोल्डमैन सैक्स के 10,000 वीमेन कार्यक्रम का सहयोग मिला है। नेहा भारती को झारखंड सरकार के नामांकन पर टैली एमएसएमई ऑनर्स 2026 के तहत 'वंडर वुमन अवार्ड' भी मिला है।
पलामू से शुरू होकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंची स्वधा की पहल ग्रामीण डेयरी कारोबार में तकनीक, महिला सशक्तिकरण और संसाधनों के पुनः उपयोग को एक साथ जोड़ती है। अब इस मॉडल का दूसरे क्षेत्रों में विस्तार और प्रस्तावित प्रायोगिक परियोजनाओं की प्रगति महत्वपूर्ण होगी।








