पाली के एक निजी स्कूल में कर्मचारी राघवेंद्र शर्मा की संदिग्ध मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है, जबकि स्कूल ट्रस्ट ने उनके खाते में 51 लाख रुपये ट्रांसफर होने का दावा किया। पुलिस जांच जारी है।
पाली: राजस्थान के पाली जिले में एक निजी स्कूल के कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एडी डागा पब्लिक स्कूल में कार्यरत 30 वर्षीय राघवेंद्र शर्मा का शव स्कूल परिसर में फंदे से लटका मिला, जबकि उसी परिसर के रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना भी सामने आई। इस दोहरी घटना ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।
जहां मृतक के परिजन इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए स्कूल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं, वहीं स्कूल ट्रस्ट का दावा है कि हाल के सप्ताहों में स्कूल के खाते से राघवेंद्र के निजी बैंक खाते में लगभग 51 लाख रुपये स्थानांतरित किए गए थे। पुलिस ने हत्या और साक्ष्य मिटाने सहित विभिन्न आरोपों के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पत्नी ने सुनाई आखिरी मुलाकात की कहानी
मृतक राघवेंद्र शर्मा की पत्नी साक्षी ने बताया कि घटना से एक रात पहले उनके पति देर रात घर आए थे और कहा था कि स्कूल में चौकीदार (वॉचमैन) नहीं है, इसलिए उन्हें रात वहीं रुकना पड़ेगा।
साक्षी के अनुसार, उन्होंने इस पर सवाल भी किया कि उन्हें स्कूल में रात बिताने की आवश्यकता क्यों है, लेकिन राघवेंद्र ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और घर से निकल गए। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें इस बात का अंदाजा होता कि अगली सुबह पति का शव मिलेगा, तो वे उन्हें कभी जाने नहीं देतीं। उनका बयान मामले में कई नए सवाल खड़े करता है, जिनकी जांच पुलिस कर रही है।
सुबह फोन नहीं उठाने पर स्कूल पहुंचीं पत्नी
अगली सुबह जब राघवेंद्र ने कई फोन कॉल का जवाब नहीं दिया, तो साक्षी स्वयं स्कूल पहुंचीं। उनके अनुसार, वहां पहुंचने पर उन्होंने स्कूल परिसर में आग लगी देखी। स्थिति असामान्य लगने पर वह घबरा गईं और पहले घर लौटकर अपने भाई को साथ लेकर दोबारा स्कूल पहुंचीं।
इस बीच सूचना मिलने पर दमकल विभाग भी मौके पर पहुंच चुका था। स्कूल का मुख्य द्वार खोला गया और तलाशी के दौरान राघवेंद्र का शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की तस्वीर देखकर परिवार सदमे में आ गया।
रिकॉर्ड रूम में आग ने बढ़ाया संदेह
घटना के दौरान स्कूल के रिकॉर्ड रूम में आग लगने की भी पुष्टि हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इसी कमरे में स्कूल के महत्वपूर्ण दस्तावेज और सीसीटीवी रिकॉर्डिंग से संबंधित डीवीआर रखे गए थे।
कुछ जले हुए दस्तावेज और डीवीआर का हिस्सा स्कूल के सामने स्थित एक खाली भूखंड में भी मिला। इस वजह से यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या किसी ने संभावित सबूत नष्ट करने का प्रयास किया। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारण और उसके समय का वैज्ञानिक तरीके से परीक्षण कर रही है।
मां ने हत्या का लगाया आरोप
मृतक की मां पुष्पा देवी ने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए आरोप लगाया कि उनके बेटे की हत्या की गई है। उन्होंने कहा कि राघवेंद्र को किसी बहाने से स्कूल बुलाया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटका दिया गया। उनके अनुसार, राघवेंद्र नौकरी से जुड़े तनाव की बातें जरूर करते थे, लेकिन वह ऐसा कदम उठाने वाले व्यक्ति नहीं थे। परिवार ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
20 पन्नों के नोट का दावा
मृतक के रिश्तेदारों का दावा है कि राघवेंद्र ने लगभग 20 पन्नों का एक लिखित नोट छोड़ा है, जिसमें उन्होंने कथित रूप से स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा मानसिक प्रताड़ना का उल्लेख किया है।
हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से इस दस्तावेज की सामग्री की पुष्टि नहीं की है। जांच एजेंसियां कथित नोट की सत्यता, हस्तलेखन और उसमें दर्ज तथ्यों की जांच कर रही हैं। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
स्कूल ट्रस्ट का दावा: खाते में पहुंचे 51 लाख रुपये
मामले में नया मोड़ तब आया जब स्कूल ट्रस्ट के अध्यक्ष केसी डागा ने दावा किया कि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार 17 मई से 20 जून के बीच स्कूल के बैंक खाते से राघवेंद्र शर्मा के निजी खाते में लगभग 51 लाख रुपये स्थानांतरित किए गए।
ट्रस्ट का कहना है कि घटना के बाद बैंक स्टेटमेंट निकलवाने पर यह जानकारी सामने आई। उनके अनुसार, संबंधित खाते में केवल 12 रुपये शेष थे। ट्रस्ट ने यह भी कहा कि राघवेंद्र को घटना वाली रात स्कूल नहीं बुलाया गया था और कर्मचारियों के उत्पीड़न के आरोप निराधार हैं। हालांकि इन वित्तीय लेनदेन की प्रकृति, उद्देश्य और वैधता की जांच पुलिस तथा संबंधित एजेंसियां कर रही हैं। फिलहाल इन दावों पर कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
परिजनों का धरना और पोस्टमार्टम पर आपत्ति
घटना के बाद राघवेंद्र के परिजन और समाज के लोगों ने जिला कलेक्ट्रेट के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई, कथित जिम्मेदार लोगों की गिरफ्तारी और परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग की। शुरुआत में परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार किया और कहा कि पहले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। बाद में कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की गई।
हत्या और साक्ष्य मिटाने का मामला दर्ज
मृतक के मामा द्वारा पुलिस में दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर हत्या और साक्ष्य नष्ट करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनास्थल से मिले सभी भौतिक साक्ष्यों को सुरक्षित कर लिया गया है।
फोरेंसिक विशेषज्ञों ने मौके का निरीक्षण किया है और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, बैंक दस्तावेज, सीसीटीवी सिस्टम तथा अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक विश्लेषण और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
राघवेंद्र शर्मा की शादी वर्ष 2020 में हुई थी। उनके परिवार में पत्नी, एक बेटा और एक बेटी हैं। परिवार के अनुसार, वह उच्च शिक्षित थे और स्कूल में प्रशासनिक कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। अब पत्नी और बुजुर्ग मां पर बच्चों की जिम्मेदारी आ गई है।
जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई
पाली का यह मामला कई गंभीर सवालों से जुड़ा हुआ है। एक ओर परिवार हत्या और साजिश का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी ओर स्कूल ट्रस्ट वित्तीय अनियमितताओं का दावा कर रहा है। रिकॉर्ड रूम में लगी आग और कथित बैंक ट्रांसफर ने मामले को और जटिल बना दिया है।
फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयानों, वित्तीय रिकॉर्ड, फोरेंसिक रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों के बाद ही सामने आएगा। तब तक मामले में लगाए गए सभी आरोप और दावे जांच के अधीन हैं।









