पंचकूला में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने HERC मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस देने के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इसे गलत फैसला बताया।
पंचकूला: हरियाणा के बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने पंचकूला स्थित हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारी बिजली वितरण क्षेत्र में निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस दिए जाने का विरोध कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस तरह का लाइसेंस सार्वजनिक बिजली व्यवस्था और कर्मचारियों के हितों पर असर डाल सकता है।
HERC मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों ने किया प्रदर्शन
पंचकूला में बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने पैरेलल लाइसेंस के मुद्दे को लेकर हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (HERC) के मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने निजी कंपनी को बिजली वितरण के लिए लाइसेंस दिए जाने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई।
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प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों और विरोध को लेकर नारेबाजी की। उनका कहना है कि बिजली वितरण जैसी महत्वपूर्ण सार्वजनिक सेवा में निजी कंपनी को समानांतर लाइसेंस देना उचित नहीं है।
निजी कंपनी को लाइसेंस देने का विरोध
बिजली कर्मचारियों का मुख्य विरोध पैरेलल लाइसेंस को लेकर है। उनका कहना है कि इससे मौजूदा बिजली वितरण व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों ने नियामक आयोग से इस प्रस्ताव पर पुनर्विचार करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, बिजली वितरण व्यवस्था पहले से सरकारी संस्थानों के माध्यम से संचालित हो रही है। ऐसे में निजी कंपनी को समानांतर रूप से काम करने की अनुमति देने से व्यवस्था में प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ कई व्यावहारिक चुनौतियां भी पैदा हो सकती हैं।
कर्मचारियों ने आशंका जताई कि इस फैसले का असर बिजली विभाग के कर्मचारियों और मौजूदा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। इसी वजह से कर्मचारी संगठनों ने HERC के सामने अपना विरोध दर्ज कराया।
कर्मचारियों ने फैसले पर जताई आपत्ति
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पैरेलल लाइसेंस का मुद्दा केवल बिजली कर्मचारियों से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका असर बिजली वितरण व्यवस्था और उपभोक्ताओं पर भी पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कर्मचारियों की चिंताओं को ध्यान में रखने की मांग की।
बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों ने स्पष्ट किया कि निजी कंपनी को पैरेलल लाइसेंस देने के फैसले का वे विरोध जारी रखेंगे। उनका कहना है कि बिजली व्यवस्था में किसी भी बदलाव से पहले कर्मचारियों और संबंधित पक्षों की चिंताओं पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।









