पानीपत के दीपक शर्मा ने साइकिल से पूरी की 15 हजार किमी चारधाम यात्रा, दिया जागरूकता का संदेश

पानीपत के दीपक शर्मा ने साइकिल से 15 हजार किमी की चारधाम यात्रा पूरी की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जल बचाओ का संदेश दिया।

पानीपत के दीपक शर्मा ने एक वर्ष में 15 हजार किलोमीटर की चारधाम साइकिल यात्रा पूरी की। यात्रा के दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ, स्वच्छता और विकसित भारत जैसे सामाजिक संदेश लोगों तक पहुंचाए।

पानीपत: हरियाणा के पानीपत निवासी दीपक शर्मा ने साइकिल के जरिए चारधाम की 15 हजार किलोमीटर लंबी यात्रा पूरी कर एक अनूठी मिसाल पेश की है। करीब एक वर्ष तक चली इस यात्रा के दौरान उन्होंने धार्मिक आस्था के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और विकसित भारत के संकल्प का संदेश भी देशभर में पहुंचाया।

एक साल में पूरी की 15 हजार किलोमीटर की यात्रा

पानीपत के सौंधापुर गांव निवासी 37 वर्षीय दीपक शर्मा ने साइकिल से चारधाम यात्रा पूरी कर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। उन्होंने बताया कि यह यात्रा लगभग एक वर्ष में पूरी हुई, जिसमें उन्होंने देश के चार प्रमुख धामों—द्वारकाधीश, रामेश्वरम, जगन्नाथ पुरी और बद्रीनाथ के दर्शन किए।

पानीपत के दीपक शर्मा ने साइकिल से पूरी की 15 हजार किमी चारधाम यात्रा, दिया जागरूकता का संदेश

दीपक के अनुसार यात्रा के दौरान उन्होंने प्रतिदिन औसतन 70 से 80 किलोमीटर तक साइकिल चलाई। कठिन मौसम, लंबी दूरी और अलग-अलग भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपना लक्ष्य पूरा किया। इससे पहले भी वह फरवरी 2025 में पानीपत से महाकुंभ तक लगभग एक हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा कर चुके हैं।

समाज और पर्यावरण के लिए दिया संदेश

दीपक शर्मा ने अपनी यात्रा को केवल धार्मिक यात्रा तक सीमित नहीं रखा। उन्होंने विभिन्न राज्यों और शहरों में लोगों को पर्यावरण संरक्षण, जल बचाओ, स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।

यात्रा के दौरान उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक साइकिल उपयोग करने की अपील की। उनका मानना है कि साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने स्थानीय उत्पादों के उपयोग और जल संरक्षण के महत्व पर भी लोगों को जागरूक किया।

पत्नी बनीं सबसे बड़ी प्रेरणा

दीपक की इस यात्रा में उनकी पत्नी जयंती का भी अहम योगदान रहा। दीपक बताते हैं कि विवाह के बाद दोनों ने ऋषिकेश से पानीपत तक साइकिल यात्रा की थी। इसी दौरान जयंती भी साइकिलिंग के प्रति प्रेरित हुईं और बाद में कई अभियानों में उनका साथ दिया।

दीपक का कहना है कि परिवार का सहयोग किसी भी बड़े लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आज दोनों पति-पत्नी सामाजिक जागरूकता अभियानों में सक्रिय रूप से भाग लेते हैं और लोगों को सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं।

कई मंचों पर मिला सम्मान

साइकिल यात्रा के माध्यम से सामाजिक संदेश फैलाने के लिए दीपक शर्मा को विभिन्न मंचों पर सम्मानित भी किया जा चुका है। उन्हें कई जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने उनके प्रयासों के लिए सराहा है।

हालांकि दीपक का कहना है कि सम्मान प्राप्त करना उनका उद्देश्य नहीं है। उनकी प्राथमिकता समाज में सकारात्मक बदलाव लाना और युवाओं को स्वास्थ्य, पर्यावरण तथा सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक बनाना है।

विकसित भारत के संकल्प को पहुंचाया जन-जन तक

यात्रा के दौरान दीपक ने स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा, डिजिटल लेनदेन, महिला सम्मान और नागरिक कर्तव्यों जैसे विषयों पर लोगों से संवाद किया। उन्होंने "एक पेड़ मां के नाम" जैसे अभियानों का संदेश भी लोगों तक पहुंचाया।

दीपक शर्मा की यह यात्रा केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता और जनसहभागिता का भी उदाहरण बनकर सामने आई है। उनकी पहल यह दिखाती है कि दृढ़ संकल्प और सकारात्मक सोच के साथ व्यक्ति समाज में बदलाव लाने का माध्यम बन सकता है।

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