पैरा एशियन गेम्स में दीप्ति जीवनजी का गोल्ड, भारत के 23 मेडल; मनीष नरवाल ने भी जीता सिल्वर

पैरा एशियन गेम्स में दीप्ति जीवनजी ने 400 मीटर T20 दौड़ मे रिकॉर्ड के साथ गोल्ड जीता। भारत के खाते में 23 मेडल आए, जबकि मनीष नरवाल समेत खिलाड़ियों ने जीते पदक

पैरा एशियन गेम्स में भारतीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर T20 दौड़ में 56.36 सेकेंड के गेम्स रिकॉर्ड के साथ गोल्ड मेडल जीता। भारत के कुल पदकों की संख्या 23 पहुंच गई। निशानेबाजी, जैवलिन थ्रो और पावरलिफ्टिंग में भी पदक मिले।

स्पोर्ट्स न्यूज़: एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। तेलंगाना की 23 वर्षीय एथलीट दीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर T20 दौड़ में 56.36 सेकेंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता और नया गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इस जीत के साथ उन्होंने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। भारत के लिए निशानेबाजी, जैवलिन थ्रो, पैरा पावरलिफ्टिंग और टेबल टेनिस में भी पदक आए।

20 अक्टूबर को सामने आए नतीजों के अनुसार, भारत के पदकों की संख्या 23 हो गई, जिनमें पांच गोल्ड, आठ सिल्वर और 10 ब्रॉन्ज शामिल हैं। दीप्ति का स्वर्ण पदक इस प्रतियोगिता में भारत का पांचवां गोल्ड रहा। इससे पहले भारतीय खिलाड़ियों ने पैरा एथलेटिक्स और शूटिंग में भी स्वर्ण पदक जीते थे।

दीप्ति जीवनजी ने 56.36 सेकेंड में बनाया गेम्स रिकॉर्ड

दीप्ति ने महिलाओं की 400 मीटर T20 स्पर्धा में शुरुआत से ही प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल में 56.36 सेकेंड का समय दर्ज कर पहला स्थान हासिल किया। जापान की नीना कानो 58.92 सेकेंड के साथ दूसरे स्थान पर रहीं, जबकि उनकी हमवतन अकाने काटो ने 1 मिनट 0.26 सेकेंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता।

दीप्ति ने पिछले एशियन पैरा गेम्स में भी इसी स्पर्धा में गोल्ड जीता था। इस बार उन्होंने अपने पिछले 56.59 सेकेंड के समय में 0.23 सेकेंड का सुधार किया। इस प्रदर्शन से उन्होंने अपनी निरंतरता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता को फिर साबित किया।

तेलंगाना की रहने वाली दीप्ति दो बार पैरा वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीत चुकी हैं। उन्होंने 2024 में विश्व चैंपियनशिप में गोल्ड हासिल किया था और पेरिस 2024 पैरालिंपिक्स में इसी स्पर्धा का ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था। T20 वर्ग बौद्धिक दिव्यांगता वाले एथलीटों के लिए है। इस वर्ग में खिलाड़ियों की प्रतिस्पर्धा निर्धारित वर्गीकरण नियमों के अनुसार होती है। 

मनीष नरवाल को 10 मीटर एयर पिस्टल में सिल्वर

भारतीय पैरा शूटर मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीता। आठ खिलाड़ियों के फाइनल में उन्होंने 233.7 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया के जो जोंगडू ने 241.3 अंक के साथ गेम्स रिकॉर्ड बनाया और गोल्ड अपने नाम किया। चीन के यांग चाओ 213.6 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।

पैरा एशियन गेम्स में दीप्ति जीवनजी का गोल्ड, भारत के 23 मेडल; मनीष नरवाल ने भी जीता सिल्वर

मनीष की इस उपलब्धि के साथ उन्हें 2028 लॉस एंजिलिस पैरालिंपिक्स के लिए कोटा स्थान भी मिला। उनसे पहले भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा भी कोटा हासिल कर चुकी थीं। इस परिणाम ने भारत के पैरा शूटिंग अभियान को मजबूती दी। 

जैवलिन थ्रो में प्रदीप को सिल्वर, आयुष को ब्रॉन्ज

पुरुषों की जैवलिन थ्रो F53/F54 स्पर्धा में भारत ने दो पदक जीते। प्रदीप कुमार ने F54 वर्ग में 27.45 मीटर का थ्रो कर सिल्वर मेडल हासिल किया। यह उनके करियर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। आयुष वर्मा ने 17.88 मीटर का थ्रो किया और रजा पॉइंट्स के आधार पर ब्रॉन्ज मेडल जीता।

ईरान के एरफान बंडोरी ने 30.24 मीटर के गेम्स रिकॉर्ड थ्रो के साथ गोल्ड मेडल अपने नाम किया। इस स्पर्धा में अलग-अलग वर्गों के खिलाड़ियों के प्रदर्शन की तुलना रजा पॉइंट्स के आधार पर की जाती है, इसलिए केवल दूरी ही अंतिम पदक क्रम निर्धारित नहीं करती। प्रदीप और आयुष के पदकों से भारत की एथलेटिक्स में पदक संख्या और बढ़ी। 

पैरा पावरलिफ्टिंग में अशोक ने जीता सिल्वर

भारत के अशोक ने पुरुषों के 65 किलोग्राम तक के पैरा पावरलिफ्टिंग वर्ग में सिल्वर मेडल हासिल किया। उन्होंने अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास में 192 किलोग्राम वजन उठाया। चीन के झोउ यी ने 216 किलोग्राम वजन उठाकर गोल्ड जीता, जबकि इंडोनेशिया के मार्गोनो ने 177 किलोग्राम के प्रदर्शन के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।

अशोक ने अपने शुरुआती प्रयास में 187 किलोग्राम वजन उठाया और दूसरे प्रयास में 192 किलोग्राम तक पहुंचे। वह अंतिम प्रयास में 201 किलोग्राम वजन उठाने में सफल नहीं रहे। इसके बावजूद उनका 192 किलोग्राम का सर्वश्रेष्ठ प्रयास उन्हें पोडियम पर जगह दिलाने के लिए पर्याप्त रहा। पैरा पावरलिफ्टिंग में खिलाड़ी बेंच प्रेस के जरिए अपनी अधिकतम वजन उठाने की क्षमता का प्रदर्शन करते हैं।

पैरा टेबल टेनिस में भारत के चार ब्रॉन्ज

पैरा टेबल टेनिस में भारतीय खिलाड़ियों ने चार ब्रॉन्ज मेडल जीते। बेबी सहाना रवि, प्राची पांडे, भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल ने अपने-अपने महिला सिंगल्स वर्गों में सेमीफाइनल तक पहुंचकर पदक सुनिश्चित किए।

बेबी सहाना रवि ने महिला सिंगल्स क्लास 9 के सेमीफाइनल में चीन की माओ जिंगडियन के खिलाफ मुकाबला खेला, जबकि प्राची पांडे को क्लास 6 के सेमीफाइनल में इराक की नजला अल-दयानी से हार का सामना करना पड़ा। सेमीफाइनल में हार के बाद दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिला। बेबी सहाना का पदक एशियन पैरा गेम्स में स्टैंडिंग कैटेगरी में भारत का पहला पदक बताया गया है।

भाविना पटेल और सोनलबेन पटेल ने भी अपने वर्गों में सेमीफाइनल तक पहुंचकर भारत के पदक खाते में इजाफा किया। इन चार पदकों के साथ भारत ने पैरा टेबल टेनिस में पिछले संस्करण के दो ब्रॉन्ज मेडल के प्रदर्शन को पीछे छोड़ दिया।

भारत के लिए आगे भी पदकों की उम्मीद

एशियन पैरा गेम्स 2026 का आयोजन जापान के आइची-नागोया क्षेत्र में 18 से 24 अक्टूबर तक हो रहा है। प्रतियोगिता में भारत के खिलाड़ी एथलेटिक्स, शूटिंग, पैरा बैडमिंटन, तीरंदाजी, तैराकी, पावरलिफ्टिंग और टेबल टेनिस सहित कई खेलों में हिस्सा ले रहे हैं।

दीप्ति जीवनजी के रिकॉर्ड गोल्ड और अन्य खिलाड़ियों के पदकों ने भारत के अभियान को मजबूती दी है। मनीष नरवाल का पैरालिंपिक्स कोटा भी आने वाले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। प्रतियोगिता के शेष दिनों में भारतीय खिलाड़ियों के पास पदक तालिका में अपनी स्थिति सुधारने के और अवसर होंगे।

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