परसरामपुरा में मनाई गई डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती, विधायक विक्रमसिंह जाखल ने किया राष्ट्रसेवा का आह्वान

नवलगढ़ के परसरामपुरा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर विधायक विक्रमसिंह जाखल ने पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रहित, एकता का लिया संकल्प

नवलगढ़ के परसरामपुरा में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। विधायक विक्रमसिंह जाखल ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भी भाग लेकर उनके योगदान को याद किया।

नवलगढ़: क्षेत्र के परसरामपुरा में भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और महान शिक्षाविद् डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्थानीय विधायक विक्रमसिंह जाखल उपस्थित रहे। इस अवसर पर भाजपा कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने डॉ. मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी तथा उनके आदर्शों और विचारों को स्मरण किया।

कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रसेवा, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया। उपस्थित लोगों ने डॉ. मुखर्जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उनके योगदान को देश के लिए प्रेरणादायी बताया।

'राष्ट्र प्रथम' की भावना को जीवन का मूल मंत्र बताया

मुख्य अतिथि विधायक विक्रमसिंह जाखल ने अपने संबोधन में कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने अपने पूरे जीवन में 'राष्ट्र प्रथम' की भावना को सर्वोच्च स्थान दिया। उन्होंने देश की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका त्याग, राष्ट्रभक्ति और दृढ़ संकल्प आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का जीवन केवल राजनीतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं था, बल्कि वे एक महान शिक्षाविद् और दूरदर्शी विचारक भी थे। उन्होंने शिक्षा, राष्ट्रवाद और सामाजिक चेतना के क्षेत्र में जो कार्य किए, वे आज भी प्रासंगिक हैं।

राष्ट्रभक्ति और अखंड भारत के प्रति समर्पण को किया याद

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए हमेशा दृढ़ता से अपनी बात रखी और देशहित को व्यक्तिगत हितों से ऊपर रखा।

वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय एकता के प्रति उनका दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बना रहेगा।

कार्यकर्ताओं के साथ साझा किए विचार

कार्यक्रम में विधायक विक्रमसिंह जाखल ने उपस्थित भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों के साथ डॉ. मुखर्जी के जीवन, संघर्ष और विचारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है, जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाए। डॉ. मुखर्जी का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और सेवा की भावना से कार्य करने की प्रेरणा देता है।

राष्ट्रसेवा का लिया सामूहिक संकल्प

जयंती कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने और समाज तथा देश के विकास में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को अपनाकर ही एक मजबूत, समृद्ध और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

कार्यक्रम का वातावरण राष्ट्रभक्ति के भाव से ओत-प्रोत रहा। उपस्थित लोगों ने उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और नई पीढ़ी को उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक रहे मौजूद

इस अवसर पर श्याम स्वामी, रूपसिंह राव, हरफूल कुमावत, रामकुमार कुमावत, गणेश जांगिड़, विश्वनाथ शर्मा, चौथमल, नरदुराम माठ, प्रताप भाटी, संदीप रणवा, रवि झिवार, अब्दुल गनी लीलघर, गफूर हाजी, प्रमोद स्वामी, गोरूराम कुमावत, बिरजू रणवा, सुरेंद्र खेदड़, मनीष पोदार, महेंद्र खेदड़, मुकेश कुमावत सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

प्रेरणा का संदेश देकर कार्यक्रम का समापन

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प दोहराया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल महापुरुषों को याद करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनके विचारों को समाज तक पहुंचाने और युवाओं को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने का माध्यम भी हैं।

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