पटेल इंजीनियरिंग ने मध्य प्रदेश में ₹1,600 करोड़ की लागत वाली 12 किलोमीटर लंबी सिंचाई सुरंग परियोजना में महत्वपूर्ण निर्माण चरण पूरा किया है। यह सुरंग पूरी होने पर 2.45 लाख हेक्टेयर भूमि की सिंचाई और जबलपुर-कटनी को जलापूर्ति में मदद करेगी।
Business: Patel Engineering ने मध्य प्रदेश में बन रही देश की सबसे लंबी 12 किलोमीटर की सिंचाई सुरंग परियोजना में एक अहम निर्माण उपलब्धि हासिल की है। कंपनी के अनुसार सुरंग की दोनों ओर से हो रही खुदाई तय बिंदु पर सफलतापूर्वक मिल गई है। यह ₹1,600 करोड़ की परियोजना नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की बरगी डायवर्जन योजना का हिस्सा है।
देश की सबसे लंबी सिंचाई सुरंग में अहम उपलब्धि
पटेल इंजीनियरिंग ने जानकारी दी है कि मध्य प्रदेश में निर्माणाधीन 12 किलोमीटर लंबी सिंचाई सुरंग परियोजना में "टनल ब्रेकथ्रू" का महत्वपूर्ण चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस प्रक्रिया में सुरंग के दोनों सिरों से खुदाई कर रही टीमें निर्धारित स्थान पर आकर मिलीं, जिसे किसी भी सुरंग परियोजना का बड़ा तकनीकी पड़ाव माना जाता है। कंपनी ने बताया कि यह उपलब्धि कठिन भू-वैज्ञानिक और जल-वैज्ञानिक परिस्थितियों के बीच हासिल की गई।
2.45 लाख हेक्टेयर भूमि को मिलेगा सिंचाई का लाभ
यह सुरंग स्लीमानाबाद कैरियर नहर परियोजना का हिस्सा है, जो स्लीमानाबाद (तहुली गांव) से खिरानी गांव तक बनाई जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद मध्य प्रदेश की लगभग 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इसके अलावा जबलपुर और कटनी शहरों को प्रतिदिन लगभग 284 मिलियन लीटर पानी घरेलू और औद्योगिक उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। यह परियोजना नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की बरगी डायवर्जन योजना के तहत विकसित की जा रही है।
विजय केडिया की भी है कंपनी में हिस्सेदारी
जाने-माने निवेशक विजय किशनलाल केडिया की पटेल इंजीनियरिंग में करीब 1.01% हिस्सेदारी है। उनके पास कंपनी के लगभग 1 करोड़ (10,025,099) शेयर हैं, जिनका निवेश मुख्य रूप से उनकी निजी कंपनी केडिया सिक्योरिटीज प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया गया है। शेयर प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में कंपनी के शेयर ने करीब 78.70% का रिटर्न दिया है, जबकि पिछले एक वर्ष में इसमें लगभग 22.13% की गिरावट दर्ज की गई है।
कंपनी ने बताई परियोजना की अहमियत
पटेल इंजीनियरिंग की प्रबंध निदेशक कविता शिरवईकर ने कहा कि यह उपलब्धि कंपनी के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार इस परियोजना के दौरान इंजीनियरिंग टीम ने देश की सबसे चुनौतीपूर्ण भू-वैज्ञानिक परिस्थितियों का सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजना मध्य प्रदेश में सिंचाई ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन और कृषि विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।







