पटना सिटी - CTET में शामिल होगी मैथिली भाषा, प्रस्ताव पास; मिथिलांचल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक खुशखबरी

पटना सिटी - CTET में शामिल होगी मैथिली भाषा, प्रस्ताव पास; मिथिलांचल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक खुशखबरी

मिथिलांचल के युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक और लंबे समय से प्रतीक्षित खुशखबरी सामने आई है। मैथिली भाषा को अब केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (CTET) में शामिल किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है, जिससे मैथिली भाषा को पढ़ने-पढ़ाने वाले हजारों युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई है।

अब तक CTET में मैथिली भाषा को शामिल नहीं किए जाने के कारण मिथिलांचल के अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर मैथिली पढ़ाने की योग्यता होने के बावजूद युवा इस केंद्रीय परीक्षा में अपनी भाषा में शामिल नहीं हो पाते थे। प्रस्ताव पास होने के बाद अब मैथिली भाषी अभ्यर्थियों को भी CTET के जरिए शिक्षक बनने का समान अवसर मिल सकेगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि मैथिली भाषा को CTET में शामिल करना केवल एक परीक्षा सुधार नहीं, बल्कि भाषाई सम्मान और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती देने वाला कदम है। मैथिली संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल एक समृद्ध और प्राचीन भाषा है, इसके बावजूद अब तक इसे CTET में स्थान नहीं मिल पाया था।

इस फैसले से दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, सुपौल, बेगूसराय, सहरसा, अररिया सहित पूरे मिथिलांचल क्षेत्र के युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से छात्र संगठन, शिक्षक संघ और सामाजिक संगठन मैथिली को CTET में शामिल करने की मांग कर रहे थे। अब प्रस्ताव के पास होने से उनकी मांग को औपचारिक मान्यता मिल गई है।

शिक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि इससे न सिर्फ युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे, बल्कि प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा को भी बढ़ावा मिलेगा। बच्चों की समझ और सीखने की क्षमता पर इसका सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

मैथिली भाषा के साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों ने इस निर्णय को ऐतिहासिक उपलब्धि बताया है। उनका कहना है कि यह फैसला मैथिली भाषा के संरक्षण, संवर्धन और विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। साथ ही इससे केंद्र सरकार की भाषाई विविधता को सम्मान देने की नीति भी मजबूत होगी।

अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही CTET के पाठ्यक्रम और अधिसूचना में मैथिली भाषा को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद आने वाली परीक्षाओं में मैथिली विषय के साथ CTET देने का रास्ता पूरी तरह खुल जाएगा।

कुल मिलाकर, CTET में मैथिली भाषा को शामिल करने का प्रस्ताव पास होना मिथिलांचल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक खुशखबरी है। यह फैसला न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ाएगा, बल्कि मैथिली भाषा और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान भी दिलाएगा।

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