पटना के मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा के प्रमाण पत्र और अंकपत्र वितरण में अव्यवस्था को लेकर रविवार को लगातार दूसरे दिन हंगामा हुआ। मीठापुर में छात्रों के सड़क जाम से करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा।
पटना: मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा के लिए प्रोविजनल सर्टिफिकेट और अंकपत्र लेने पहुंचे अभ्यर्थियों ने रविवार को प्रदर्शन किया। प्रमाण पत्र वितरण में अव्यवस्था का आरोप लगाते हुए छात्रों ने मीठापुर में सड़क जाम कर दिया, जिससे करीब आधे घंटे तक आवागमन प्रभावित रहा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और अभ्यर्थियों को समझाकर जाम हटवाया। आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक होने से छात्रों की परेशानी बढ़ गई है।
पटना विश्वविद्यालय में सर्टिफिकेट वितरण को लेकर दूसरे दिन भी हंगामा
पटना के मौलाना मजहरुल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय में लाइब्रेरियन भर्ती परीक्षा से संबंधित प्रोविजनल सर्टिफिकेट और अंकपत्र लेने पहुंचे अभ्यर्थियों ने रविवार को जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रमाण पत्र वितरण की व्यवस्था से नाराज छात्रों ने मीठापुर में सड़क जाम कर दिया। इससे करीब आधे घंटे तक यातायात बाधित रहा और सड़क से गुजरने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को समझाया, जिसके बाद सड़क जाम समाप्त कराया गया। इसके बाद छात्र विश्वविद्यालय परिसर में पहुंच गए, जहां प्रमाण पत्र लेने के लिए काउंटर पर लंबी कतार लग गई।
अभ्यर्थियों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रमाण पत्र वितरण की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई थी। छात्रों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें जरूरी दस्तावेज लेने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। एक दिन पहले भी विश्वविद्यालय परिसर में इसी तरह की अव्यवस्था के कारण अफरातफरी की स्थिति बन गई थी। उस समय भी पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा था।
आवेदन की अंतिम तिथि नजदीक, बड़ी संख्या में पहुंचे अभ्यर्थी
रविवार सुबह से ही विश्वविद्यालय में छात्रों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। धीरे-धीरे अभ्यर्थियों की संख्या बढ़ती गई और परिसर में भीड़ जमा हो गई। भीड़ अधिक होने के कारण प्रमाण पत्र वितरण की व्यवस्था प्रभावित हुई और स्थिति अनियंत्रित होने लगी। इसके बाद नाराज छात्र सड़क पर उतर आए और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
प्रमाण पत्र लेने पहुंचे अभ्यर्थियों में बी.लिस. (बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस) सत्र 2025-26 के छात्र-छात्राएं शामिल थे। ये विद्यार्थी बिहार के विभिन्न स्थानों पर संचालित नॉलेज रिसोर्स सेंटर में अध्ययनरत थे। इनके अलावा वर्ष 2016 से लेकर 2024-25 तक के बैच के छात्र भी अपने अंकपत्र और प्रोविजनल सर्टिफिकेट लेने विश्वविद्यालय पहुंचे थे। अलग-अलग बैच के विद्यार्थियों के एक साथ पहुंचने से भीड़ और बढ़ गई।
21 अक्टूबर तक आवेदन, अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था
छात्रों की परेशानी की एक प्रमुख वजह आवेदन की अंतिम तिथि का नजदीक होना भी है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया जारी है। इसके लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 अक्टूबर निर्धारित है। ऐसे में अभ्यर्थियों को समय पर जरूरी प्रमाण पत्र और अंकपत्र हासिल करने की चिंता सता रही है।
आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने की आशंका के कारण छात्र जल्द से जल्द विश्वविद्यालय से प्रमाण पत्र प्राप्त करना चाहते हैं। इसी वजह से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी परिसर में पहुंच गए और वितरण केंद्र पर दबाव बढ़ गया।
विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र वितरण के लिए अतिरिक्त काउंटर की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई है। हालांकि, लगातार दूसरे दिन हुए हंगामे ने दस्तावेज वितरण की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों को उम्मीद है कि अतिरिक्त काउंटर और बेहतर प्रबंधन से उन्हें समय पर प्रमाण पत्र मिल सकेंगे, ताकि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्रता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकें।










