PB Menon: 100 साल की उम्र में भी कोर्ट पहुंचते हैं, केरल हाईकोर्ट ने दिया सीनियर एडवोकेट का दर्जा

PB Menon News: 100 वर्षीय वकील पीबी मेनन को केरल हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया है। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका अदालत पहुंचना चर्चा में है। जानें

केरल हाई कोर्ट ने 100 वर्षीय अनुभवी वकील पी. बालासुब्रमण्यन मेनन को ‘सीनियर एडवोकेट’ का दर्जा दिया है। मेनन के नाम एक प्रैक्टिसिंग वकील के रूप में सबसे लंबे करियर का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज है।

PB Menon Guinness World Record: उम्र के 100वें पड़ाव पर भी कानून के प्रति समर्पण और सक्रिय वकालत की मिसाल पेश करने वाले पीबी मेनन एक बार फिर चर्चा में हैं। केरल के वरिष्ठ वकील पी. बालासुब्रमण्यन मेनन को केरल हाईकोर्ट ने सीनियर एडवोकेट का दर्जा दिया है। उनके नाम एक प्रैक्टिसिंग वकील के रूप में सबसे लंबे करियर का गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी दर्ज है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके 100वें जन्मदिन पर बधाई देते हुए कानूनी क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और लोगों की सेवा की सराहना की।

पीबी मेनन की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरणा है, जो अपने पेशे को केवल रोजगार नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य मानते हैं। 100 वर्ष की उम्र में भी उनका अदालत जाना और मामलों की फाइलों के साथ काम करना बताता है कि उनके लिए वकालत आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

100वें जन्मदिन के बाद मिला सीनियर एडवोकेट का दर्जा

पीबी मेनन ने 10 अक्टूबर 2026 को अपना 100वां जन्मदिन मनाया। इसके कुछ ही दिनों के भीतर केरल हाईकोर्ट ने उन्हें सीनियर एडवोकेट का दर्जा देने का फैसला किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अदालत ने 11 अक्टूबर को उनकी नियुक्ति से संबंधित निर्णय लिया और यह दर्जा 12 अक्टूबर से प्रभावी हुआ। यह सम्मान उनके लंबे अनुभव और कानूनी पेशे में योगदान को रेखांकित करता है। 

मेनन के लिए यह उपलब्धि ऐसे समय आई है, जब वह पहले ही अपने असाधारण पेशेवर सफर के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना चुके हैं। उनकी उपलब्धि यह भी दिखाती है कि कानूनी पेशे में अनुभव, निरंतरता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का महत्व उम्र के साथ समाप्त नहीं होता।

वकालत में सबसे लंबे करियर का गिनीज रिकॉर्ड

पीबी मेनन का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में एक प्रैक्टिसिंग वकील के रूप में सबसे लंबे करियर के लिए दर्ज है। वर्ष 2023 में 97 वर्ष की उम्र में उन्होंने वकालत में 73 साल और 60 दिन पूरे कर यह उपलब्धि हासिल की थी। इस दौरान उन्होंने जिब्राल्टर के वकील लुइस ट्रिया का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा था, जिनका पेशेवर करियर 70 साल और 311 दिनों का बताया गया था।

मेनन का जन्म 10 अक्टूबर 1926 को केरल के पलक्कड़ जिले के पल्लासेना गांव में हुआ था। उनका पेशेवर सफर कई दशकों तक फैला रहा है। जहां बहुत से लोग जीवन के इस पड़ाव पर सक्रिय काम से दूरी बना लेते हैं, वहीं मेनन अब भी अपने पेशे से जुड़े हुए हैं। उनके लिए वकालत केवल आजीविका का साधन नहीं है। यह ऐसा काम है, जो उन्हें जीवन में उद्देश्य और सक्रियता का एहसास कराता है।

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पीएम मोदी ने बताया प्रेरणादायक सफर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीबी मेनन को उनके 100वें जन्मदिन पर बधाई दी। उन्होंने इतने लंबे समय तक लोगों की सेवा करने और न्याय पाने की कोशिश में लोगों की सहायता करने के लिए मेनन की प्रशंसा की। प्रधानमंत्री के संदेश का मुख्य भाव यह था कि एक सदी का जीवन पूरा करना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इतने लंबे समय तक समाज की सेवा में सक्रिय रहना और भी अधिक प्रेरणादायक है। 

उन्होंने कहा कि मेनन का अनुभव और उनकी उपलब्धियां कानून के क्षेत्र में आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी। मेनन की यात्रा इस बात का उदाहरण है कि किसी पेशे के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्ति को लंबे समय तक सक्रिय और उद्देश्यपूर्ण बनाए रख सकती है।

मद्रास लॉ कॉलेज से शुरू हुआ कानूनी सफर

पीबी मेनन ने 1947 में पलक्कड़ के गवर्नमेंट विक्टोरिया कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने मद्रास लॉ कॉलेज, चेन्नई में कानून की शिक्षा हासिल की। उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट में वकालत शुरू की और लगभग दो साल तक वहां प्रैक्टिस करने के बाद अपने गृह क्षेत्र पलक्कड़ लौट आए। शुरुआती दौर में एक वरिष्ठ न्यायाधीश से हुई मुलाकात ने उनके करियर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई। 

एक आपराधिक मामले में सफलता के बाद न्यायाधीश ने उन्हें सिविल कानून पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। मेनन ने बाद में इस सलाह को अपने जीवन का महत्वपूर्ण मोड़ बताया। इसके बाद उन्होंने पलक्कड़ में सिविल मामलों की वकालत जारी रखी और धीरे-धीरे अपने लंबे अनुभव के बल पर पहचान बनाई।

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