प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इजरायल दौरे पर पहुंचे हैं। इस यात्रा में रक्षा सहयोग, मुक्त व्यापार समझौता और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर रहेगा। पीएम नेतन्याहू और राष्ट्रपति हर्जोग से मुलाकात कर क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा करेंगे।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार से दो दिवसीय इजरायल यात्रा पर हैं। यह उनके लिए नौ वर्षों में दूसरी यात्रा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-ईरान संबंधों में अस्थिरता के बीच इस दौरे को भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा में रक्षा, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच लंबी अवधि के रणनीतिक संबंधों को और मजबूती देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। भारत और इजरायल के बीच अब तक का संबंध तकनीकी, रक्षा और कृषि क्षेत्रों में गहरा और सहयोगी रहा है। इस दौरे के दौरान दोनों देशों की सरकारें साझा चुनौतियों पर विचार करेंगी और रणनीतिक दृष्टिकोण को और स्पष्ट करेंगी।
मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत
पीएम मोदी के दौरे से पहले भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार (Free Trade Agreement) को लेकर भी चर्चा की संभावना है। इस पर पहले ही चार दिवसीय वार्ता चल रही है, जो 26 फरवरी को समाप्त हो रही है। इस समझौते से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह समझौता तकनीकी, रक्षा उपकरण और कृषि उत्पादों के क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत कर सकता है।
इस दौरे में मोदी के इजरायल की संसद (Knesset) को संबोधित करने की योजना भी है। यह भारत-इजरायल संबंधों की नयी ऊंचाइयों को दर्शाने वाला कदम होगा। सांसदों और अधिकारियों के सामने अपने विचार रखने के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दोनों देशों के साझा हितों और सुरक्षा सहयोग पर जोर देंगे।
नेतन्याहू के साथ उच्चस्तरीय वार्ता
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प्रधानमंत्री मोदी इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ विस्तृत वार्ता करेंगे। इस बैठक में सुरक्षा, आर्थिक सहयोग और वैश्विक रणनीतिक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। दोनों नेता पहले भी कई बार मिल चुके हैं और उनकी नीतियों में साझा दृष्टिकोण रहा है।
इसके अलावा, मोदी इजरायल के राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक में दोनों देशों की द्विपक्षीय साझेदारी, तकनीकी सहयोग और वैश्विक सुरक्षा पर विचार विमर्श किया जाएगा। विदेश मंत्रालय ने बताया है कि यह दौरा दोनों देशों के दीर्घकालिक और गहरे रणनीतिक संबंधों को पुनर्पुष्टि देगा और साझा दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा।
पीएम मोदी के सम्मान में डिनर
प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में नेतन्याहू बुधवार रात निजी रात्रिभोज का आयोजन करेंगे। नेतन्याहू ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के दौरे का बेसब्री से इंतजार होने की बात कही है। इस डिनर के दौरान दोनों नेताओं के बीच अनौपचारिक बातचीत भी होगी, जिससे द्विपक्षीय सहयोग और सामरिक मुद्दों पर आपसी समझ को और मजबूती मिल सकती है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग प्रमुख एजेंडा
रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस दौरे का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा होगा। भारत स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली 'सुदर्शन चक्र' को विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इस संदर्भ में इजरायल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली 'आयरन डोम' के कुछ तत्वों को शामिल करने की संभावना पर भी चर्चा हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों देशों का रक्षा सहयोग न केवल तकनीकी उन्नति में मदद करेगा बल्कि भारत की सुरक्षा क्षमताओं को भी मजबूत करेगा। इस दौर में 71 हजार करोड़ रुपये के रक्षा सौदे पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके तहत विभिन्न हथियार प्रणालियों, ड्रोन तकनीक और वायु रक्षा उपकरणों पर समझौते पर बातचीत होगी।








