Persistent Systems ने घोषित किया अंतरिम डिविडेंड, 10 साल में 1900% उछले शेयर पर मिलेगा ₹22 का डिविडेंड

Persistent Systems ने ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयर पर ₹22 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया। 10 साल में शेयर में 1900% से अधिक उछाल, निवेशकों के लिए लाभकारी।

Persistent Systems ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹5 फेस वैल्यू वाले शेयर पर ₹22 का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया। बीते 10 साल में शेयर में 1,991% उछाल देखने को मिला। तीसरी तिमाही में मिले-जुले नतीजे और मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन भी निवेशकों के लिए सकारात्मक हैं।

Dividend Stock: आईटी कंपनी Persistent Systems ने अपने शेयरधारकों के लिए बड़ा डिविडेंड ऐलान किया है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹5 फेस वैल्यू वाले हर इक्विटी शेयर पर ₹22 का अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है। यह कंपनी के शेयरधारकों के लिए आकर्षक लाभ साबित होगा। कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 20 जनवरी 2026 को हुई बैठक में इस निर्णय को अंतिम रूप दिया।

रिकॉर्ड डेट और भुगतान की जानकारी

Persistent Systems ने इस अंतरिम डिविडेंड के लिए 27 जनवरी 2026, मंगलवार को रिकॉर्ड डेट तय की है। इसका मतलब यह है कि जिन निवेशकों के पास इस तारीख तक कंपनी के शेयर होंगे, वही इस डिविडेंड के हकदार होंगे। कंपनी ने बताया कि डिविडेंड की राशि घोषणा की तारीख से 30 दिनों के भीतर निवेशकों के खाते में पहुंचा दी जाएगी। यह कदम शेयरधारकों के लिए विश्वास और आकर्षक रिटर्न का संकेत है।

तीसरी तिमाही के नतीजे रहे मिले-जुले

Persistent Systems की तीसरी तिमाही के नतीजे मिले-जुले रहे। तिमाही आधार पर कंपनी का शुद्ध मुनाफा 6.8 प्रतिशत घटकर 439.4 करोड़ रुपये रहा। हालांकि इस दौरान कंपनी की कुल आय 5.5 प्रतिशत बढ़कर 3,778.2 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में शुद्ध मुनाफा 471.4 करोड़ रुपये और आय 3,580.7 करोड़ रुपये रही थी।

नए लेबर कानूनों का असर

कंपनी ने बताया कि इस तिमाही में नए लेबर कानूनों के लागू होने से करीब 89 करोड़ रुपये का एक बार का असर पड़ा। इस वजह से मुनाफे में कुछ कमी देखने को मिली। Persistent Systems ने स्पष्ट किया कि यह असर अस्थायी है और कंपनी की दीर्घकालिक योजना और प्रॉफिटेबिलिटी पर इसका नकारात्मक प्रभाव सीमित है।

कंपनी की आगे की रणनीति

Persistent Systems के CEO संदीप कालरा ने कहा कि डेटा, क्लाउड और डिजिटल इंजीनियरिंग से जुड़ी सेवाओं की मांग मजबूत बनी हुई है। कंपनी लगातार बड़े और जटिल प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करके कार्यप्रणाली में सुधार कर रही है। इसके जरिए काम की स्पीड बढ़ रही है और प्रोडक्टिविटी में सुधार देखने को मिल रहा है।

कालरा ने कहा कि कंपनी नए तकनीकी अवसरों का लाभ उठाकर अपने बिजनेस को और मजबूत बनाने पर ध्यान दे रही है।

ऑर्डर बुकिंग और कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू

दिसंबर 2025 को खत्म हुई तिमाही में Persistent Systems की कुल ऑर्डर बुकिंग 674.5 मिलियन डॉलर रही। वहीं, सालाना कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू 501.9 मिलियन डॉलर दर्ज की गई। यह संकेत देता है कि कंपनी के पास आगे के लिए मजबूत प्रोजेक्ट पाइपलाइन मौजूद है, जो भविष्य में आय और मुनाफे को बढ़ावा दे सकती है।

शेयर का हाल और 10 साल का रिटर्न

शेयर बाजार की बात करें तो 23 जनवरी 2026 को Persistent Systems का शेयर 6,147.50 रुपये पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 2.71 प्रतिशत कम रहा। बीते 10 वर्षों में इस शेयर में करीब 1,991 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी देखने को मिली है। यह रिटर्न इसे निवेशकों के लिए हाई परफॉर्मिंग स्टॉक बनाता है।

Persistent Systems बीएसई 100 इंडेक्स की कंपनी है और इसका मार्केट कैपिटलाइजेशन करीब 96,976.81 करोड़ रुपये है। लंबे समय में कंपनी ने निवेशकों को आकर्षक रिटर्न देने की क्षमता साबित की है।

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