दक्षिण कोरिया ने फीफा विश्व कप 2026 के अपने पहले मुकाबले में चेक गणराज्य को 2-1 से हराकर शानदार शुरुआत की। एक गोल से पिछड़ने के बावजूद टीम ने दमदार वापसी की और ओह ह्योन-ग्यू के निर्णायक गोल की बदौलत यादगार जीत दर्ज की।
FIFA WORLD CUP 2026: फुटबॉल विश्व कप 2026 में दक्षिण कोरिया ने अपने पहले मुकाबले में शानदार प्रदर्शन करते हुए चेक गणराज्य को 2-1 से हराकर टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की। ग्वाडलाहारा के एस्टादियो ग्वाडलाहारा में खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में दक्षिण कोरिया ने एक गोल से पिछड़ने के बाद जबरदस्त वापसी की और महत्वपूर्ण तीन अंक हासिल किए।
मैच के हीरो विकल्प खिलाड़ी Oh Hyeon-gyu रहे, जिन्होंने 80वें मिनट में विजयी गोल दागकर अपनी टीम को यादगार जीत दिलाई। यह पिछले चार विश्व कप संस्करणों में पहली बार है जब दक्षिण कोरिया ने अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की है।
पहले हाफ में दक्षिण कोरिया का दबदबा
मुकाबले की शुरुआत से ही दक्षिण कोरिया ने आक्रामक रुख अपनाया। कप्तान Son Heung-min के नेतृत्व में टीम लगातार चेक गणराज्य के डिफेंस पर दबाव बनाती रही।
पहले हाफ में दक्षिण कोरिया ने गेंद पर अधिक नियंत्रण रखा और कई अवसर भी बनाए। सोन ह्युंग-मिन ने अकेले पांच बार गोल पर निशाना साधा, लेकिन चेक गोलकीपर Matej Kovar ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम को बढ़त लेने से रोक दिया।
विशेष रूप से पहले हाफ में सोन का एक बेहतरीन प्रयास कोवार ने शानदार बचाव करते हुए रोक दिया, जिससे स्कोर 0-0 बना रहा।
चेक गणराज्य ने पहले मौके को बनाया गोल
हालांकि खेल में लगातार दबाव झेलने के बावजूद चेक गणराज्य ने अपना धैर्य बनाए रखा। टीम को मैच के 59वें मिनट में पहला बड़ा अवसर मिला और उसने उसे गोल में बदल दिया।
डिफेंडर Vladimir Coufal की लंबी थ्रो-इन पर कप्तान Ladislav Krejci ने शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचा दिया। यह चेक गणराज्य का मैच में पहला प्रभावी आक्रमण था और इसी के साथ टीम ने 1-0 की बढ़त हासिल कर ली। गोल के बाद दक्षिण कोरिया के सामने मुकाबले में वापसी की चुनौती खड़ी हो गई।
ह्वांग इन-बोम ने दिखाई शानदार समझदारी
गोल खाने के बाद दक्षिण कोरिया ने अपनी गति और तेज कर दी। टीम लगातार बराबरी की तलाश में आक्रमण करती रही और इसका परिणाम आठ मिनट बाद देखने को मिला। 67वें मिनट में Lee Kang-in ने बॉक्स के अंदर शानदार पास दिया, जिसे Hwang In-beom ने बेहतरीन तरीके से नियंत्रित किया।
ह्वांग ने गोलकीपर को चकमा देने के लिए नकली शॉट का इस्तेमाल किया और फिर गेंद को खाली गोलपोस्ट में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह गोल न केवल तकनीकी रूप से शानदार था बल्कि इसने दक्षिण कोरिया को मुकाबले में पूरी तरह वापस ला दिया।
ऑफसाइड ने चेक टीम की उम्मीदों को झटका दिया
बराबरी के बाद दोनों टीमें जीत के लिए संघर्ष करती रहीं। मैच के 78वें मिनट में ऐसा लगा कि चेक गणराज्य फिर से बढ़त हासिल कर लेगा।
फ्री-किक पर Tomas Soucek ने शानदार हेडर के जरिए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। चेक खिलाड़ी और समर्थक जश्न मनाने लगे, लेकिन वीडियो समीक्षा के बाद गोल को ऑफसाइड करार दे दिया गया। यह फैसला मैच का निर्णायक मोड़ साबित हुआ क्योंकि चेक टीम को संभावित बढ़त से हाथ धोना पड़ा।
ओह ह्योन-ग्यू ने पूरा किया कमबैक
ऑफसाइड गोल से मिली राहत के बाद दक्षिण कोरिया ने मौके का पूरा फायदा उठाया। मैच के 80वें मिनट में ह्वांग इन-बोम ने एक बार फिर अपनी रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।
उन्होंने दाएं छोर से शानदार क्रॉस भेजा, जिस पर विकल्प खिलाड़ी ओह ह्योन-ग्यू ने सटीक टैप-इन करते हुए गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने दक्षिण कोरिया को 2-1 की बढ़त दिला दी और स्टेडियम में मौजूद कोरियाई समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई।
गोलकीपर किम सियुंग-ग्यू बने जीत के असली रक्षक
हालांकि दक्षिण कोरिया ने बढ़त हासिल कर ली थी, लेकिन मुकाबला अभी खत्म नहीं हुआ था। चेक गणराज्य ने अंतिम मिनटों में बराबरी के लिए पूरी ताकत झोंक दी।
82वें मिनट में Adam Hlozek को नजदीक से गोल करने का शानदार मौका मिला, लेकिन दक्षिण कोरिया के गोलकीपर Kim Seung-gyu ने बेहतरीन लो-सेव करते हुए टीम की बढ़त बचा ली। इसके बाद अतिरिक्त समय में भी किम ने Michal Sadilek के प्रयास को रोककर दक्षिण कोरिया की जीत सुनिश्चित कर दी। उनके इन बचावों ने साबित किया कि किसी भी बड़ी जीत में गोलकीपर की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है।
कप्तान सोन ह्युंग-मिन का प्रभाव
हालांकि सोन ह्युंग-मिन स्कोरशीट पर अपना नाम दर्ज नहीं करा सके, लेकिन पूरे मुकाबले में उनका प्रभाव स्पष्ट दिखाई दिया। उन्होंने लगातार आक्रमण का नेतृत्व किया, कई अवसर बनाए और विपक्षी रक्षा पंक्ति को पूरे मैच में व्यस्त रखा। उनकी कप्तानी और अनुभव ने दक्षिण कोरिया को दबाव की स्थिति में भी आत्मविश्वास बनाए रखने में मदद की।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सोन इसी तरह का प्रदर्शन जारी रखते हैं तो दक्षिण कोरिया इस विश्व कप में बड़ा प्रभाव छोड़ सकता है।
दक्षिण कोरिया के लिए जीत क्यों है खास?
यह जीत केवल तीन अंकों तक सीमित नहीं है। पिछले चार विश्व कप संस्करणों में दक्षिण कोरिया अपने पहले मुकाबले में जीत हासिल नहीं कर पाया था।
इस बार टीम ने मजबूत मानसिकता, सामूहिक प्रयास और संघर्ष की भावना दिखाते हुए जीत दर्ज की है। इससे खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और आगामी मुकाबलों में टीम को मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलेगी।
नॉकआउट की ओर मजबूत कदम
विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में शुरुआती मैच जीतना बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। दक्षिण कोरिया ने इस जीत के साथ अपने ग्रुप में मजबूत स्थिति बना ली है।
यदि टीम अगले मुकाबलों में भी इसी तरह का प्रदर्शन करती है, तो उसके लिए नॉकआउट चरण में पहुंचने की राह काफी आसान हो सकती है।











